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मोटे अनाज की खेती कर कम लागत में किसान लें अच्छी आमदनी

अररिया, निज प्रतिनिधि शहर के टाउन हॉल परिसर में सोमवार को खरीफ महाभियान सह...

मोटे अनाज की खेती कर कम लागत में किसान लें अच्छी आमदनी
हिन्दुस्तान टीम,अररियाMon, 27 May 2024 11:30 PM
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अररिया, निज प्रतिनिधि
शहर के टाउन हॉल परिसर में सोमवार को खरीफ महाभियान सह जिला स्तरीय खरीफ कर्मशाला का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन पटना के उप निदेशक, आत्मा के उप परियोजना निदेशक आत्मा सह प्रभारी जिला कृषि पदाधिकारी संतोष कुमार, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी सुधांशु कुमार, कृषि विज्ञान केन्द्र के वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान डा. विनोद कुमार, पौधा रोग विशेषज्ञ सह कृषि वैज्ञानिक संजीत कुमार, सिंचाई अनुसंधान केन्द्र के वैज्ञानिक डा. उदय कुमार, सहायक निदेशक उद्यान, सहायक निदेशक कृषि अभियंत्रण निभा कुमारी आदि ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर उद्घाटन किया। इस दौरान विभाग की ओर से खरीफ मौसम में चलाये जा रहे योजनाओं का प्रखंडवार लक्ष्य निर्धारित किया गया, कृषि कर्मियों को इसकी जानकारी दी गयी। खरीफ सीजन में मोटे अनाज की बुआई पर भी जोर दिया गया। बताया गया कि कृषि योजनाओं का लाभ किसानों को कलस्टर में दिया जाएगा। एक कलस्टर के लिये 25 एकड़ रकवा निर्धारित की गयी है। मौके दो जिले के दो प्रगति शील किसानों के बीच खरीफ को धान और ढैंचा का बीज का वितरण किया गया। बताया कि खरीफ को लेकर जिलेभर में बीज वितरण कार्य चल रहा है। खरीफ फसल के लिये जिले में मोटे अनाज का बीज भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है, अधिक किसान ऑनलाईन आवेदन कर अपने नजदीकी डीलर से बीज प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावे किसानों को नये तकनीक का इस्तेमाल कर खेती करने के लिये प्रेरित किया गया। किसानों को जैविक खेती पर फोकस करने की सलाह दी गयी।

मौके पर पटना से आये उप निदेशक उद्यान ने कहा कि आज जरूरत है कि किसान अधिक से अधिक मोटे अनाज का उत्पादन करें। किसान पारंपरिक खेती को छोड़ जलवायु के अनुकूल फसलों की बुआई कर कम लागत में अच्छी आमदनी ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि खेतों में अंधाधुंध उर्वरकों के इस्तेमाल के बजाय किसान अपने खेतों की मिट्टी का जांच कराकर जरूरत के मुताबिक ही उर्वरक डालें, ताकि मिट्टी की उर्वरा शक्ति बरकरार रहे और लागत भी कम हो सके। इस मौके पर अलग-अलग प्रखंडों के कृषि पदाधिकारी, कृषि समन्वयक, एटीएम, बीटीएम के अलावे किसाल सलाहकार व प्रगतिशील किसान मौजूद रहे।

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