
लखीसराय: नवंबर महीने में मक्का की खेती कर की जा सकती अच्छी कमाई
कजरा, एक संवाददाता। अक्टूबर महीने में हुई बारिश से खेत तैयार हुए, लेकिन अब
कजरा, एक संवाददाता। अक्टूबर महीने में हुई बारिश से खेत तैयार हुए, लेकिन अब धूप से मिट्टी सूख रही है और अब किसान मक्का की बुवाई शुरू कर सकते हैं। किसान सलाहकार अनिल कुमार सिंह ने बताया कि ऑफ-सीजन में मक्का की भारी मांग रहती है, जिससे अच्छा मुनाफा मिलता है। प्रति एकड़ 6-8 किलो बीज, दो बार यूरिया छिड़काव और हाइब्रिड वैरायटी से 18-24 क्विंटल तक उत्पादन आसानी से मिलता है। धूप लगने के बाद धीरे-धीरे मिट्टी सूख रही है और किसानों के द्वारा जुताई करने के बाद बुवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है। नवंबर के महीने में किसान गेहूं,चना, मसूर से लेकर सब्जियां और मसाले तक की खेती करते हैं, लेकिन किसान नवंबर के महीने में अभी मक्का की बुवाई कर सकते हैं और इससे अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं, क्योंकि अब 12 महीनों तक ताजा भुट्टा की डिमांड रहती है, जिसकी सीधी सप्लाई होती है और अच्छे दाम भी मिलते हैं।
अगर किसान मक्का की बुवाई करना चाहते हैं, तो इसके लिए सबसे पहले खेत तैयार कर ले। इसमें 6 किलो से लेकर 8 किलो तक बीज का इस्तेमाल प्रति एकड़ के हिसाब से किया जाता है। 18 से 24 क्विंटल तक का उत्पादन मिलता है। जिन किसानों के पास सिंचाई का साधन है वह नवंबर के महीने में इस फसल को लगा सकते हैं। नवंबर के महीने में इसकी खेती करने से खरपतवार कम होता है। साथ ही कम या अधिक बारिश होने से फसल खराब होने का भी खतरा नहीं रहता है। बुआई करने के बाद जब मक्का एक से डेढ़ फीट की हो जाती है, तो इनमें में पौधों के पास यूरिया का छिड़काव करना पड़ता है। 30 किलोग्राम यूरिया प्रति एकड़ की दर से लगता है।

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