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21 जनवरी, 2021|1:57|IST

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सबको शरीर रहते मोक्ष प्राप्त कर लेना चाहिए: स्वामी सत्यानंद जी महाराज

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रानीगंज। रानीगंज प्रखंड क्षेत्र के गोलहा में दो दिवसीय संतमत सत्संग के अंतिम दिन शुक्रवार को संतमत के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता स्वामी सत्यानंद जी महाराज ने अपने प्रवचन से श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। प्रवचन में स्वामी सत्यानंद जी महाराज ने कहा कि सबको शरीर रहते मोक्ष प्राप्त कर लेना चाहिए। विंदुनाद महालिंग है और शिवशक्ति का घर है। इस देह को शिवालय कहते हैं। सभी प्राणियों को इसमें सिद्धि मिलती है। आपलोग शिवालय में देखते हैं कि नीचे जलढरि है, उसके ऊपर शिवलिंग है। यह ऊपर वाला नाद है और नीचे वाले विंदु है। जो कोई विंदुनाद की उपासना करते हैं वे शिवशक्ति की उपासना करते हैं। जिसमे शक्ति और कल्याण दोनों मिलते हैं। बल हो और कल्याण नहीं, तो बल किस काम का? जैसे भीम को सिर्फ बल था। वे कल्याण में नहीं गए। वे कहाँ गए? वे गए पवनलोक में। जहां तक शून्य है, वहां तक पवनलोक है। साधन करते-करते जब बिल्कुल संतुष्टि आएगी, तब कल्याण होगा। यह शक्ति विष्णु से प्राप्त होगी। वह विष्णु कहाँ है? जो अक्षर है, वही विष्णु है। विष्णु के संग सदा लक्ष्मी विराजती है। वह महालक्ष्मी ऐसी है कि वह जहां गयी वहां पालन की शक्ति एवं ऐश्वर्य सब मिल जाते हैं। फिर मांगने के लिए कुछ बांकी नहीं रह जाता है। विंदु उसको कहते हैं जिसका स्थान है पर परिमाण नहीं है। उसमे लंबाई चौड़ाई मोटाई कुछ भी नहीं। रेखाओं के मिलन स्थान पर जो विंदु होता है, उसको ज्योतिर्विन्दू कहते हैं। हृदय स्थित विश्वात्म तेजस स्वरूप विंदु का ध्यान पर ध्यान है। यह सबमे मौजूद हैं। असल में सबका सार है देखो और सुनो। पहले अल्पज्ञान, तब विशेष ज्ञान होता है। विंदु से ऊपर चौथी अवस्था तुरीय में जाकर सुनो। उसमे कल्याण की एवं पालन की झलक है। उसके ऊपर तुरीयातीत में पूरा पूरा कल्याण और पालन है। पृथ्वी को चलने के लिए किसने सिखलाया है और चंद्रमा को चलने के लिए किसने सिखलाया है। इसका नियामक कोई अवश्य है। वही ईश्वर परमात्मा है। उनको प्राप्त करने के लिए ही है देखना और सुनना। इससे नीचे है जप। जप में विशेष है मानस जप। मानस जप एक प्रकार का ध्यान ही है और भी दो प्रकार का जप है वाचिक और उपांशु जप। इन्ही साधनाओं द्वारा परमात्मा की प्राप्ति होती है। परमात्मा के मिल जाने पर कोई प्रश्न ही नहीं रह जाता है। मौके पर आयोजन कर्ता दयानंद यादव, अनिल यादव, नित्यानंद यादव, सीताराम यादव, यद्दु यादव सहित सैकड़ों श्रोता उपस्थित थे।

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  • Web Title:Everyone should attain salvation while in body Swami Satyanand Ji Maharaj