
कटिहार: देख नहीं पाते, तो क्या हुआ... विकास की आस में पहुंचे मतदान केंद्र
कटिहार में दिव्यांग मतदाताओं में चुनाव के प्रति उत्साह देखा गया। मिर्चाईबारी मतदान केंद्र पर जमाल हुसैन ने मतदान किया, जबकि उनके नाबालिग बेटे दानिश ने कहा कि उन्हें अपने पिता पर गर्व है। दिव्यांग मतदाताओं के प्रति विशेष व्यवस्था की गई, जिससे उनकी सक्रियता और लोकतंत्र में आस्था की झलक देखने को मिली।
कटिहार, एक संवाददाता बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर दिव्यांग मतदाताओं में भी उत्साह देखने को मिल रहा है। मिर्चाईबारी स्थित पिंक मतदान केंद्र संख्या 94 पर आंख से दिव्यांग जमाल हुसैन ने पहुंचकर मतदान किया। उन्होंने कहा कि हम देख नहीं पाते हैं तो क्या हुआ, विकास की आस में मतदान करने आए हैं। हम चाहते हैं कि समाज का विकास हो और दिव्यांगों के हित में भी सरकार उचित कदम उठाए। जमाल हुसैन अपने नाबालिग पुत्र दानिश के साथ मतदान केंद्र पहुंचे थे। दानिश ने कहा कि उन्हें गर्व है कि वह अपने पिता को मतदान कराने के लिए लेकर आए हैं।
उन्होंने बताया कि उनके पिता हर चुनाव में मतदान करते हैं क्योंकि उनका मानना है कि वोट ही बदलाव का आधार है। वहीं, जमाल हुसैन ने बताया कि उनके भाई शौकत हुसैन भी दृष्टिहीन हैं और मतदान करने के लिए केंद्र पहुंचे थे। लेकिन नाबालिग सहायक न होने की वजह से उन्हें मतदान की अनुमति नहीं मिली और उन्हें वापस लौटना पड़ा। हालांकि, मतदान केंद्र पर दिव्यांग मतदाताओं की सक्रियता और उत्साह ने लोगों को प्रेरित किया। मतदान केंद्र कर्मियों ने भी दिव्यांग मतदाताओं को सहूलियत देने के लिए विशेष व्यवस्था की थी। बहरहाल, दिव्यांग मतदाताओं के चेहरों पर लोकतंत्र के प्रति आस्था और जिम्मेदारी की झलक साफ दिखी।

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