
नोजमुई: दिल्ली कार विस्फोट भारत के लिए एक गंभीर चेतावनी: प्रो. गौरी शंकर
दिल्ली के लाल किला के पास कार विस्फोट में 9 लोगों की मौत और दो दर्जन से अधिक लोग घायल हुए। डॉ. गौरी शंकर पासवान ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चेतावनी बताया। उन्होंने कहा कि यह घटना सुरक्षा व्यवस्था की परीक्षा है और नागरिकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। आतंकवाद केवल पुलिस और सेना का मुद्दा नहीं है।
जमुई। मंगलवार 10 नवंबर को दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला के पास i20 कार विस्फोट में 9 लोगों के मारे जाने और दो दर्जन लोगों के घायल होने पर केकेएम कॉलेज के वरीय सहायक प्राचार्य सह विश्व शांति एवं एकजुटता संगठन के सदस्य डॉ. गौरी शंकर पासवान ने दु:ख व्यक्त किया है. दिल्ली धमाके पर अपनी प्रतिक्रिया में *प्रो.पासवान* ने कहा कहा कि दिल्ली कार विस्फोट राष्ट्रीय सुरक्षा और भारत के लिए एक गंभीर चेतावनी है। कार विस्फोट से केवल दिल्ली ही नहीं, बल्कि पूरा देश सिहर गया है। का बीच विस्फोट महज एक घटना नहीं थी, बल्कि हमारी सुरक्षा व्यवस्था, खुफिया तंत्र और सामाजिक सतर्कता की परीक्षा थी।

यह घटना साधारण घटना नहीं, बल्कि आतंकी हमले की श्रेणी में ही आता है। दिल्ली बम विस्फोट की घटना यह बताती है कि दिल्ली रेड पोर्ट जैसे अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र में ऐसा विस्फोट होना हमारे सुरक्षा तंत्र में कहीं न कहीं शिथिलता और सूचना साझाकरण की कमी रही है। यदि सीसीटीवी निगरानी, वाहन स्कैनिंग और सीमांत निरीक्षण जैसी तकनीकी संस्थाएं सक्रिय होती तो शायद यह हादसा डाला जा सकता था.उन्होंने कहा कि अब आतंकी खतरे पारंपरिक नहीं, अपितु तकनीकी और रासायनिक मिश्रित स्वरूप में सामने आ रहे हैं। कहते हैं जिस देश के नागरिक जागरूक हो वहां आतंक की जड़ें नहीं दिखती हैं। आतंकी भले ही बारुद से खेलते हैं, लेकिन हम एकता से इतिहास लिखते हैं और अहिंसा परमो धर्म: से शांति लाते हैं. आतंकवाद का न कोई जाति होता, ना धर्म व दोस्त। सिर्फ मानवता ही आतंकवाद का दुश्मन होता है। दिल्ली ब्लास्ट की घटना पूरे देश को झकझोरती है कि विकसित भारत @ 2047 के सपने को तभी साकार किया जा सकता है, जब राष्ट्र के हर कोने में सुरक्षा, सद्भाव, सतर्कता और शांति का वातावरण स्थापित हो। चुकी विकसित भारत का प्राथमिक सुधारस्तंभ सुरक्षित नागरिक ही है। उन्होंने कहा कि भारत तथा राज्य सरकारों का यह दायित्व बनता है कि सुरक्षा चक्र को अत्याधुनिक बनाए। जैसे स्मार्ट सर्विलांस, केमिकल डिटेक्टर, इंटेलिजेंस नेटवर्क अपग्रेड और जनता से रियल टाइम इनपुट विकसित करें। देश के नागरिकों को भी सचेत व सतर्क रहना चाहिए क्योंकि आतंकवाद केवल पुलिस और सेना का ही मुद्दा नहीं बल्कि हम सब की लड़ाई है। आतंक सिर्फ सीमा पार से ही नहीं आता, वह हमारे समाज में छिपी लापरवाही और असावधानी में पलता है। दिल्ली ब्लास्ट और 9 मौतें देश के लिए पुकार है कि जागिए, सोचिए, सतर्क और एकजुट रहिए।

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