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प्रदेश के विश्व विद्यालयों में फैली भ्रष्टाचार व अराजकता हो दूर: विवि प्रमुख

हिन्दुस्तान टीम,अररियाNewswrap
Mon, 06 Dec 2021 04:01 AM
प्रदेश के विश्व विद्यालयों में फैली भ्रष्टाचार व अराजकता हो दूर: विवि प्रमुख

अररिया । निज प्रतिनिधि

मगध समेत प्रदेश भर के तमाम विश्व विद्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार, अनियमितता व अराजकता के खिलाफ पूर्णिया विश्वविद्यालय के सिंडिकेट सदस्य सह एबीवीपी ने प्रो. एमपी सिंह ने राज्यपाल को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि मगध विवि के कुलपति पर लगातार भ्रष्टाचार व अनियमितता का आरोप शुरू ही लगता रहा है। एबीवीपी के तथ्यात्मक पुख्ता सबूत देने के बाद भी राजभवन की ओर से बनी जांच समिति ने उन्हें क्लीन चिट दे दिया। स्पेशल विजिलेंस की छापेमारी में मगध विवि के कुलपति के आवास से दो करोड़ की राशि बरामदगी के साथ भ्रष्टाचार व अनियमितता से संबंधित कई कागजात बरामद किये गये, बावजूद मगध विवि के कुलपति की गिरफ्तारी व बर्खाश्तगी अबतक नहीं हो पायी है। प्रो. सिंह ने कहा कि कमोवेश यही स्थिति सूबे के तमाम विवि की है। पूर्व से कई जांच लंबित है, इसपर अबतक किसी तरह की कार्यवाही नहीं हो रही है। दागदार व दोषी लोगों को विवि के दो-दो से अधिक पदों पर बिठाने का काम किया गया है। प्रदेश भर के सभी विश्वविद्यालयों में भ्रष्टाचार चरम पर है। यही स्थिति रही तो छात्र-छात्राओं के साथ आम लोग भी सड़क पर उतर सकते हैं। उन्होंने कहा कि मगध विवि के कृुलपति को अविलंब पद मुक्त करते हुए उनकी गिरफ्तारी हो, विश्वविद्यालयों में संविदा पर तृतीय व चतुर्थ वर्गीय संवर्ग में अवैध नियुक्तियों के रोस्टर अनुपालन में हुई गड़बड़ी को ठीक करते हुए दोषियों पर कार्रवाई त्व कॉलेज व विवि के द्वारा बिना टेंडर किए हुए कार्यों को तुरंत रोक लगाते हुए दोषियों पर कानूनी कार्यवाही की जाए। पूर्व से दागी व भ्रष्टाचारी सभी विश्वविद्यालय अधिकारियों को चिन्हित करते हुए उनको पदों से हटाया जाए व भविष्य में उन्हें किसी भी पद पर नियुक्त नहीं किया जाए। विश्वविद्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार व घोर अनियमितता की उच्च स्तरीय जांच उच्च न्यायालय के किसी पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में करायी जाय। सीनेट व सिंडिकेट की नियमित बैठक नियमानुसार हो। बैठकों की प्रक्रिया का ठीक से अनुपालन हो। वित्त समिति में कुलाधिपति व सरकार द्वारा नामित सीनेट सिंडिकेट सदस्यों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाय। विवि में उत्तर पुस्तिका की खरीद बाजार भाव से कई गुना अधिक कीमत पर हो रही है, इसपर लगाम लगे। समय से प्रवेश परीक्षा परिणाम व सत्र नियमित रूप से चले। विवि का एकेडमिक कैलेंडर ठीक से जारी हो। विवि के महत्वपूर्ण पदों पर अस्थायी नियुक्ति हो। बिना परचेज कमेटी बने या उनकी बैठक किये बिना विवि के विभागों में कोई भी खरीदारी नहीं हो। विश्वविद्यालयों का यथशीघ्र ऑडिट हो और सभी संबंधित कॉलेजों का वित्तीय जांच हो।

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