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22 सितम्बर, 2020|7:49|IST

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बिना सैंपल व जांच के ही पूरे परिवार की आ गई कोरोना रिपोर्ट

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स्वास्थ्य विभाग में व्याप्त गड़बड़ी की खुलासे हो रहे हैं। एक माह पूर्व बिना जांच एक युवक का कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने का मामला शांत भी नहीं हुआ कि बिना सैंपल लिए व जांच कराए ही शहर के एक प्रतिष्ठित परिवार को इससे संबंधित भेज दी गई। परिजनों को जब यह जानकारी मोबाइल मैसेज से मिला तो खलबली मच गई। इस मेसैज से खुद परिजन भी हैरत में हैं। हो भी कैसे नहीं जब उनका सैंपल ही नहीं लिया गया और जांच ही नहीं की गई तो भला रिपोर्ट कैसे आ सकता है। गनीमत यह है कि सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है वरना मामला और भी गरमा जाता। हालांकि मामले को गंभीरता से लेते हुए शहर के नवरतन चौक वार्ड 22 निवासी व पीड़ित ओम प्रकाश जयसवाल ने प्रधानमंत्री के साथ-साथ मुख्यमंत्री को ई मेल के जरिये मामले की पूरी जानकारी दी है। साथ ही जयसवाल ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है। इस घटना से स्वास्थ्य विभाग भी हतप्रभ हैं। यह अलग बात है कि इस तरह की पहले भी रिपोर्ट मिलने की शिकायत मिल चुकी है। पीएम व सीएम को लिखे पत्र में श्री जयसवाल ने बताया कि उनके बड़े भाई के मोबाइल नंबर पर 29 अगस्त को कोरोना जांच से संबंधित मैसेज आता है। इसमें पूरे परिवार के व्यस्क सदस्यों के नाम हंै। इसमें बताया गया कि 27 अगस्त को आपका कोरोना वायरस की जांच के लिए सैंपल लिया गया था। एंटिजन जांच मे वह निगेटिव पाया गया है। मास्क पहने और सामाजिक दूरी बनाए रखें। किसी भी चिकित्सीय सहायता के लिए 104पर कॉल करें। मैसेज में ओटीपी नंबर भी अंकित है। श्री जयसवाल का कहना है कि उनके परिवार के किसी भी सदस्य का कभी सैंपल नहीं लिया गया तो आखिर यह रिपोर्ट कैसे आ गई। यह गलती कहां व किससे हुई, यह जांच का विषय है। इसमें शामिल लोगों के उपर कार्रवाई होनी चाहिए ताकि ऐसी गलती दुबारा न हो और स्वास्थ्य विभाग पर लोगों का विश्वास बना रहे। यहां बता दें कि जुलाई में

बिना जांच के ही कुर्साकांटा प्रखंड के सोनापुर गांव के एक युवक के पॉजिटिव रिपोर्ट आने संबंधी वीडियो वायरल हुआ था। यह खबर राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में था। लेकिन स्वास्थ्य विभाग अंत तक कहता रहा कि युवक ही झूठ बोल रहा है।

इधर सीएस डॉ. एपी सिंह का कहना है कि बिना सैंपल लिए व जांच किये यह मेसैज कैसे जा सकता है। हो सकता हो यह मेसैज ही फेक हो। क्योंकि कई प्रक्रिया होकर जांच होती है इसके बाद रिपोर्ट बनती है। कुल मिलाकर मामला जांच का बनता है।

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  • Web Title:Corona report of the whole family came without sample and investigation