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19 अक्तूबर, 2020|3:39|IST

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घर-घर कलश स्थापना के साथ जयकारों की गूंज

घर-घर कलश स्थापना के साथ जयकारों की गूंज

शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन रविवार को घर आंगन से लेकर मंदिर व पूजा-पंडालों तक माता के जयकारे गूंज उठे। घरों में जहां सुबह से ही विधिवत मंत्रोच्चार के साथ कलश स्थापना कर पूजा—अर्चना की गई। वहीं मंदिरों व पूजा पंडालों में माता रानी के दूसरे स्वरूप ब्रह्मचारिणी के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गयी। स्थानीय श्री गोदना ठाकुरबाड़ी सहित रेणु सार्वजनिक पुस्तकालय पूजा समिति स्थित दुर्गा मंदिर में नवरात्र के दूसरे दिन भक्तों द्वारा माता दुर्गा के दूसरे रूप की पूजा अर्चना की गई।

ब्रह्मचारिणी स्वरुप की हुई उपासना: शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन रविवार को मां दुर्गा के द्वितीय स्वरूप ब्रह्मचारिणी की उपासना की गई। माता के इसी स्वरूप के अनुसार मंदिरों में देवी प्रतिमा को सजाया गया था। स्वरूप के मुताबिक ही माता को भोग अर्पित किया गया। श्री गोदना ठाकुरबाड़ी के पुजारी पंड़ित भूलन बाबा एवं पुस्तकालय पूजा समिति के पुजारी पंडित बाल व्यास मनोज जी महाराज के मुताबिक माता का श्रृंगार भी उनके स्वरूप के अनुसार किया गया। उन्होंने बताया कि सोमवार को माता के तीसरे स्वरूप चंद्रघंटा,(महा सरस्वती) की पूजा अर्चना की जाएगी।

देवी मंत्रो की गूंज से माहौल भक्तिमय : शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन रविवार को पूजा पंडालों सहित मंदिरों तक चहुंओर देवी मंत्रो की गूंज सुनाई दे रही है। कहीं श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर व्रत रखा, तो कहीं भक्तों ने दुर्गा सहस्त्र नाम से लेकर दुर्गा सप्तशती के दूसरे अध्याय का पाठ किया। कई श्रद्धालुओं ने तो दुर्गा सप्तशती लेकर माता मंदिर व पूजा पंडालों में पहुंच कर पूजा अर्चना कर परिसर में ही बैठ कर पाठ करते नज़र आये।

वहीं पुस्तकालय पूजा समिति में यजमान अभिषेक गुप्ता की अगुवाई में पूजा समिति के श्याम सुंदर महेश्वरी, लाल बाबू, गुड्डू सेठिया, विकास कुमार,अनिल दुबे, दुर्गा साह, पंडित निशिकांत मिश्र आदि भक्तों द्वारा दूसरे दिन माता ब्रह्मचारिणी की पूजा अर्चना विधि विधान से की गई।

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  • Web Title:Cheers echo with the door-to-door urn installation