चौधरी जी जन्मजात किसान, रोम-रोम में बसती थी किसानों की आत्मा
भरगामा में पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की 123वीं जयंती समारोह पूर्वक मनाई गई। समारोह की अध्यक्षता सदानंद दास ने की। इस अवसर पर चौधरी साहब के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई और दीप प्रज्ज्वलित किया गया। पूर्व जिला पार्षद ने उनके योगदान का उल्लेख किया और किसानों के मुद्दों पर चर्चा की।

भरगामा, एस। रेणु साहित्य परिषद भरगामा में पूर्व प्रधानमंत्री किसान नेता भारत रत्न चौधरी चरण सिंह की 123 वीं जयंती समारोह पूर्वक मनाई गई। इसकी अध्यक्षता सदानंद दास ने की। समारोह की शुरूआत चौधरी साहब के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गयी। इसके पश्चात सामूहिक रूप से दीप प्रज्ज्वलित किया गया। मौके पर पूर्व जिला पार्षद सत्यनारायण यादव ने कहा कि चौधरी चरण सिंह जन्म जात किसान नेता थे, उनके रोम- रोम में किसानों की आत्मा बसती थी। उन्हें जब भी सरकार में रहने का मौका मिला, किसानों के हित में बहुत सारा काम किया। फ्रेंड्स ऑफ आनंद के प्रदेश अध्यक्ष अजय अकेला ने कहा आज किसानों की समस्या का सम्यक समाधान करने वाले कम, मगर उनके मुद्दों पर राजनीति करने वाले ज्यादा हो गए हैं।
चौधरी चरण सिंह ने किसानों की समस्याओं को हल करने के लिए आधुनिक तकनीक पर बल दिया था। उनका सुप्रसिद्ध नारा था- भारत की समृद्धि का रास्ता खेत- खलियानों से होकर गुजरता है और उक्त नारे को साकार करने के लिए जीवन भर संघर्षरत रहे। नाबार्ड ने उनके प्रयास से ही किसानों को सुविधा देना प्रारंभ किया था। उक्त अवसर पर वासुदेव ठाकुर, राजेंद्र मंडल, महेंद्र मंडल, धर्मदेव यादव, सुरेंद्र यादव, सदानंद मेहता, वार्ड सदस्य ललन पासवान, रामचंद्र मेहता के अलावे रेणु कोचिंग के प्राचार्य विद्यानंद यादव एवं छात्र-छात्राओं ने अपनी श्रद्धांजलि दी।

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