
पहले भी रानीगंज पुलिस पर नजराना लेने का लग चुका है आरोप।
रानीगंज में अधिकारियों और पुलिसकर्मियों पर नजराना लेने के आरोप लगे हैं। बीडीओ रितम कुमार और अंचलाधिकारी प्रियव्रत कुमार पर कार्रवाई हुई है। मद्य निषेध थाना में शराब पियक्कड़ को छोड़ने के बदले पैसे मांगने का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसके चलते थाना में सन्नाटा पसरा रहा।
रानीगंज। एक संवाददाता। प्रखंड हो या थाना यहां नजराना का है जमाना। यह लाइन रानीगंज प्रखंड के अधिकारियों के साथ साथ थाना के अधिकारियों पर खूब जमती है। इधर कुछ महीने पहले ही रानीगंज के बीडीओ रितम कुमार को निगरानी की टीम ने डेढ़ लाख रुपये घुस लेते पकड़ा था। इसके बाद रानीगंज के अंचलाधिकारी प्रियव्रत कुमार पर भी कार्रवाई हो चुकी है। इससे पहले रानीगंज के पूर्व बीडीओ राजा राम पंडित, पुलिस निरीक्षक जय शंकर प्रसाद, रानीगंज थाना के एसआई दूधनाथ सिंह, सिपाही मनोज कुमार सहित कई पुलिस पदाधिकारियों पर नजराना लेने का न सिर्फ आरोप लगा है बल्कि कार्रवाई भी हो चुकी है।
इन पुलिस कर्मियों पर कई बार केस के मैनेज, जमीनी विवाद में निपटारा आदि को लेकर न सिर्फ नजराना लेने का आरोप लगा है बल्कि इन आरोपों के कारण निलंबित तक हुए है। इतना ही नहीं कई पुलिस कर्मियों का नजराना लेने का बकायदा वीडियो भी खूब वायरल हुआ है। इधर मंगलवार को जब मद्य निषेध थाना के पुलिस कर्मियों के द्वारा शराब पियक्कड़ को छोड़ने के एवज में रुपये मांगने का वीडियो वायरल होने के बाद बुधवार को मद्य निषेध थाना में सन्नाटा पसरा हुआ था। थाने में न कोई सिपाही था न ही कोई अधिकारी ही मौजूद थे। भाड़े कमरे में चल रहे थाने के सभी कमरों में ताले जड़े थे। थाना के समीप के एक व्यक्ति ने बताया कि सुबह से ही थाना में ताला लगा है। उन्होंने बताया कि हर दिन कोई न कोई पुलिस कर्मी की मौजूदगी थाना में रहती थी। लेकिन बुधवार को वीडियो वायरल होने के बाद थाना में कोई कर्मी नहीं था। इधर मद्य निषेध थानाध्यक्ष सुषमा कुमारी ने वायरल वीडियो को लेकर कहा कि हमें इस मामले के बारे में कोई जानकारी नहीं है

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