
नेपाल में तख्तापलट से फारबिसगंज के कारोबारियों के फंसे करोड़ों रुपये
बीते चार दिनों से फारबिसगंज के कारोबारी नेपाल में तख्तापलट के कारण आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। सैकड़ों मालवाहक वाहन सीमा पर खड़े हैं और भुगतान नहीं होने से कारोबार प्रभावित हुआ है। खाद्य सामग्री,...
बीते चार दिनों से बॉडर पर खड़े है सैकड़ो मालवाहक वाहन समय पर पेमेंट नहीं मिलने से कारोबारी के चेहरे की रौनक गायब फारबिसगंज, एक संवाददाता। पड़ोसी राष्ट्र नेपाल में तख्तापलट से फारबिसगंज के दर्जनों कारोबारियों के व्यापारिक रिश्तों को भी झटका लगा है। इसके चलते फारबिसगंज के कारोबारियों का करोड़ों रुपये भी दांव पर लगे हैं। नेपाल के ताजा घटनाक्रम में कारोबारी गतिविधियां पूरी तरह से ठप हो गई हैं। सबसे ज्यादा असर खाने-पीने के सामानों सहित गुटका,पान मसाला, किराना सामान, मक्का, गेंहू आदि सेक्टरों के सामने बड़ा संकट मंडराने लगा है। नेपाल में हिंसा-उत्पात के कारण सीमा पार मालवाहकों की आवाजाही लगभग ठप हो चुकी है।
भारत नेपाल सीमा के दोनों और यथा जोगबनी व नेपाल के रानीबाजार क्षेत्रों में बीते चार दिन से सैकड़ों ट्रक खड़े हैं। मौजूदा स्थिति से यहां के निर्यातकों में भी चिंता का माहौल है। ऑर्डर समय पर नहीं पहुंच पा रहे,भुगतान अटका है और उत्पादन धीमा पड़ रहा है। निर्यातकों के मुताबिक नेपाल हमारे लिए बड़ा व मुख्य बाजार है। इधर नेपाल के ताजा सियासी भूचाल से सीमावर्ती जोगबनी, फारबिसगंज आदि शहरों में भी सन्नाटा छाया हुआ है। फारबिसगंज के कई कारोबारियों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर 'हिन्दुस्तान' को बताया कि नेपाल में हुए तख्तापलट के चलते फारबिसगंज और जोगबनी शहर के कारोबारियों को काफी आर्थिक नुकसान पहूंचा है। क्योंकि नेपाल के कारोबारियों के यहां उनका करोड़ों रुपया बकाया है,जो वर्तमान में पूरी तरह से फंस गया है। लोगों का अनुमान है कि नेपाल में स्थिति सामान्य होने में एक माह से भी ज्यादा का समय लगेगा। ऐसे में बकाया राशि नहीं आने से उनके कारोबार में काफी फर्क पड़ेगा। वहीं फारबिसगंज चेंबर ऑफ कॉमर्स के सचिव राकेश रौशन ने बताया कि नेपाल की वर्तमान स्थिति से फारबिसगंज के दर्जनों कारोबारियों को काफी बड़ा झटका लगा है। जिसकी भरपाई जल्द होना काफी मुश्किल लग रहा है। उन्होंने बताया कि फारबिसगंज के कारोबारियों का ज्यादातर व्यापार नेपाल पर निर्भर रहता है। नेपाल में तख्तापलट होने से यहां के कारोबारियों की मानो कमर टूट गई है। उनके चेहरे पर मायूसी छाई हुई है।

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