
शिक्षिका शिवानी वर्मा हत्याकांड का खुलासा, शूटर साजिशकर्ता गिरफ्तार
अररिया में शिक्षिका शिवानी वर्मा की हत्या का मामला 48 घंटे में सुलझा लिया गया है। पुलिस ने हत्या में शामिल दोनों शूटर और मुख्य साजिशकर्ता महिला को गिरफ्तार किया है। हत्या के पीछे की वजह अवैध संबंधों का शक था, जिसके कारण तीन लाख की सुपारी दी गई थी।
अररिया, निज संवाददाता जिले के नरपतगंज थाना क्षेत्र के कन्हैली मध्य विद्यालय में पदस्थापित शिक्षिका शिवानी वर्मा हत्याकांड का पुलिस ने 48 घंटे में उद्वेदन किया है। हत्या में शामिल दोनों शूटर व घटना की मुख्य साजिशकर्ता महिला को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त देसी कट्टा, बाइक व हत्या के समय पहने कपड़े को भी जब्त किया है। शुक्रवार को एसपी अंजनी कुमार ने पुलिस ऑफिस में शिक्षिका शिवानी वर्मा हत्याकांड का खुलासा करते हुए कहा कि शूटर को दूसरी शिक्षिका की हत्या किए जाने के लिए सुपारी दी गई थी। लेकिन शूटर ने गलतफहमी में शिवानी वर्मा को गोली मार दी और उसकी मौत हो गयी।

एसपी ने कहा कि बुधवार की सुबह नरपतगंज के कन्हैली मध्य विद्यालय में पदस्थापित उत्तर प्रदेश बाराबंकी जिला के मीतये हैदरगढ़ की रहने वाली 25 वर्षीय शिक्षिका शिवानी वर्मा की विद्यालय जाने के दौरान कन्हैया शिव मंदिर के निकट एक बाइक पर सवार दो अज्ञात अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना के बाद उन्हें तत्काल सदर अस्पताल अररिया लाया गया। जहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। मृतक शिक्षिका की बहन के आवेदन के आधार पर नरपतगंज थाना में एफआईआर दर्ज किया गया था।एसपी ने कहा कि घटना की संवेदनशीलता व गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी फारबिसगंज के नेतृत्व में थाना अध्यक्ष नरपतगंज, फुलकाहा, फारबिसगंज, घूरना और डीआईयू टीम के साथ एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम का गठन किया गया। एसआईटी ने सीसीटीवी फुटेज का अवलोकन और घटना के आसपास के क्षेत्र का तकनीकी एवं वैज्ञानिक विश्लेषण के बाद हत्याकांड में शामिल सूटर की पहचान की। इसके बाद पुलिस ने हत्या में शामिल शूटर फारबिसगंज थाना क्षेत्र के रामपुर वार्ड संख्या एक के रहने वाले मो मारूफ पिता मो ताहिर को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने कांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। गिरफ्तार मारूफ की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त यामाहा की एफजेड बाइक,घटना में प्रयुक्त देसी कट्टा और हत्या के समय पहना गया सूटर का कपड़ा बरामद किया गया। घटना में शामिल दूसरे शूटर फारबिसगंज रेफरल रोड के मो सोहेल को भी गिरफ्तार किया गया। इसके बाद हत्या की मुख्य साजिशकर्ता रामपुर की रहने वाली हुस्न आरा पति मो साकिर को भी गिरफ्तार किया गया। राजा और छोटू के माध्यम से तीन लाख की दी गई थी सुपारी: राजा और छोटू के माध्यम से हुस्न आरा ने शिक्षिका की हत्या के लिए तीन लाख की सुपारी दी थी। दरअसल हत्याकांड में शामिल गिरफ्तार शूटर मो मारूफ ने पुलिस के समक्ष खुलासा किया कि हुस्न आरा को अपने पति पर प्राथमिक विद्यालय अनुसूचित जाति टोला वार्ड संख्या पांच व सात के बीच खाब्दह पंचायत की एक महिला शिक्षिका से अवैध संबंध होने का शक था। इस कारण हुस्न आरा ने राजा और छोटू के साथ मिलकर अपने पति के साथ अवैध संबंध रखने वाली महिला शिक्षिका को मारने की साजिश रची। राजा और छोटू के माध्यम से हत्या की घटना को अंजाम देने के लिए मारूफ और सोहैल को तीन लाख की सुपारी दी गई थी। सुपारी देने के बाद शूटर को महिला शिक्षिका का नाम,स्कूटी, जाने का मार्ग और समय के साथ हुलिया बताया गया था। घटना के एक दिन पूर्व मंगलवार को मारूफ और सोहैल ने डुमरिया के रहने वाले जो वर्तमान में रामपुर उत्तर फारबिसगंज अपने नानी के घर रह रहे और फारबिसगंज में प्राइवेट अस्पताल में गार्ड की ड्यूटी करने वाले शाहनवाज से एफजेड यामहा बाइक लिया। इसके बाद घटना के दिन सुबह ही महिला शिक्षिका के चिह्नित स्थान से गुजरने से पहले ही खाबदह कन्हैली शिव मंदिर के पास पहुंच गया। इसके बाद जैसे ही महिला शिक्षिका शिवानी वर्मा अपनी स्कूटी से वहां से गुजर रही थी उसे सूटर अपना टारगेट समझ कर सोहैल ने रोक कर हत्या की नीयत से पीछे से गर्दन में गोली मार दी। एसपी ने कहा कि घटना को अंजाम देने के बाद घटनास्थल से दोनों शूटर खाबदह दरगाहीगंज होते हुए एनएच से फरार हो गया और घटना में प्रयुक्त गाड़ी एफजेड बाइक शाहनवाज को लौटा दिया। एसपी ने बताया कि साजिश के तहत जिस महिला शिक्षिका की हत्या की जानी थी। वह महिला शिक्षिका उस दिन अवकाश में थी। चिह्नित महिला शिक्षिका व मृत महिला शिक्षिका दोनों का आने-जाने का मार्ग एक ही था और दोनों महिला स्कूटी का प्रयोग स्कूल जाने आने के लिए करती थी ।इसी वजह से अपराधियों ने शिक्षिका शिवानी वर्मा को चिह्नित शिक्षिका समझ कर गोली मारकर हत्या कर दी। छापेमारी टीम में शामिल पुलिस पदाधिकारी: शिवानी वर्मा हत्याकांड के उद्भेदन व गठित एसआईटी में एसडीपीओ फारबिसगंज मुकेश साहा, अररिया एसडीपीओ सुशील कुमार, नरपतगंज थानेदार संजय कुमार, फारबिसगंज थानेदार राघवेंद्र कुमार सिंह, जोकीहाट थानेदार राजीव कुमार झा,फुलकाहा थानेदार विकास कुमार मौर्य,घूरना थानेदार मुकेश कुमार और डीआईयू टीम के सदस्य शामिल थी।

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