
कालाजार उन्मूलन की ओर बढ़ रहा अररिया जिला
अररिया जिला अब कालाजार उन्मूलन की ओर बढ़ रहा है। लगातार उपचार, सर्वेक्षण और जागरूकता गतिविधियों के कारण इसे कालाजार मुक्त जिला घोषित करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। 2027 तक भारत सरकार देश को कालाजार मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
अररिया, निज प्रतिनिधि अररिया जिला अब कालाजार उन्मूलन की ओर बढ़ रहा है। कालाजार कई वर्षों तक पूर्वी बिहार का सबसे चुनौतीपूर्ण वेक्टर जनित रोग माना था, लेकिन जिले में लगातार चल रहे उपचार, सर्वेक्षण और जागरूकता गतिविधियों के सकारात्मक परिणाम के चलते अररिया को कालाजार मुक्त जिला घोषित करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। इसको लेकर सदर अस्पताल के सभा भवन में राज्य स्तरीय अधिकारियों, जिला स्वास्थ्य टीम और सहयोगी संस्थाओं की सहभागिता से एक दिवसीय कालाजार उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें जिले के सभी प्रखंडों में पूर्व कालाजार मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति का पुर्नमूल्यांकन, नए संभावित मामलों की पहचान तथा कालाजार मुक्त जिला घोषित करने के लिए आवश्यक दस्तावेज़ीकरण की प्रक्रिया को मजबूत बनाने पर चर्चा की गयी।
कार्यशाला में राज्य स्वास्थ्य विभाग की ओर से विभीषण झा व रणविजय कुमार मौजूद रहे। कार्यशाला में बताया गया कि केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग की टीम जल्द ही जिले के विभिन्न प्रखंडों का क्षेत्रीय भ्रमण कर पूर्व में चिन्हित सभी वीएल और पीकेडीएल मरीज पूरी तरह स्वस्थ हैं और उनके क्षेत्रों में संक्रमण का कोई नया जोखिम मौजूद नहीं है इसकी जानकारी लेंगे। केंद्रीय दल की रिपोर्ट के आधार पर ही जिला को कालाजार मुक्त करने के लिए प्रमाणित किया जाएगा। 2027 तक देश को कालाजार मुक्त बनाने की योजना: जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. अजय कुमार सिंह ने बताया कि भारत सरकार वर्ष 2027 तक पूरे देश को कालाजार मुक्त घोषित करने के लिए प्रतिबद्ध है। जिले में लक्षण आधारित जांच, घर-घर सर्वे, सक्रिय केस खोज, तत्काल उपचार और समुदाय आधारित जागरूकता गतिविधियों को व्यापक स्तर पर चलाया गया। जिले के अधिकांश क्षेत्रों में लगातार निगरानी के बावजूद नए मामलों की संख्या बेहद कम दर्ज की जा रही है। यह स्थिति दर्शाती है कि अररिया अब कालाजार उन्मूलन के अंतिम चरण में पहुंच चुका है और केंद्रीय दल की अंतिम पुष्टि के बाद इसे आधिकारिक रूप से कालाजार मुक्त घोषित किया जा सकता है। डोजियर प्रमाण पत्र के लिए जिले की दस्तावेजीकरण प्रक्रिया तेज: सिविल सर्जन डॉ. के. के. कश्यप ने बताया कि कालाजार मुक्त जिला घोषित किए जाने के लिए आवश्यक डोजियर प्रमाण पत्र तभी प्राप्त हो सकता है जब पिछले कई वर्षों के सभी मामलों की चिकित्सा, निगरानी और सरकारी सहायता से जुड़ी सूचनाएं पूरी तरह सटीक पायी जाय। केंद्रीय टीम 2018 से अब तक अररिया में पाए गए सभी मरीजों की जांच रिपोर्ट, उपचार से जुड़े दस्तावेज़, फॉलो-अप रिकॉर्ड और वित्तीय सहायता वितरण की स्थिति का विस्तृत मूल्यांकन करेगा। यदि सभी मरीज स्वस्थ पाए जाते हैं और क्षेत्र में नए मामले दर्ज नहीं होते हैं, तो अररिया को डोजियर प्रमाणपत्र प्रदान कर कालाजार मुक्त घोषित किया जाएगा। 2024 व 2025 में कालाजार के मामलों में आयी बड़ी गिरावट: डॉ. अजय कुमार ने बताया कि वर्ष 2024 में जिले में वीएल के कुल दस और पीकेडीएल के दो मरीज मिले थे, जबकि वर्ष 2025 में अब तक वीएल के चार और पीकेडीएल का एक मामला दर्ज किया गया है। सभी मामलों में स्वास्थ्य विभाग ने समय पर जांच, दवा और उपचार उपलब्ध कराते हुए लगातार फॉलो-अप किया और मरीजों को पूरी तरह स्वस्थ किया गया। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि जिले में संक्रमण की तीव्रता काफी कम हो चुकी है और सक्रिय निगरानी के बावजूद नए मरीज लगभग नहीं के बराबर मिल रहे हैं। मरीजों को उपचार के साथ आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

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