Hindi NewsBihar NewsAraria News20 Years Imprisonment for Zubair Alam in Minor Rape Case with 50 000 Fine
तीन साल की बच्ची से रेप मामले में 20 साल कारावास की सजा

तीन साल की बच्ची से रेप मामले में 20 साल कारावास की सजा

संक्षेप: अररिया में, 29 वर्षीय जुबैर आलम को 3 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म करने के लिए 20 साल की सज़ा सुनाई गई। इसके साथ ही उसे 50 हज़ार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न देने पर उसे 3 महीने का...

Sun, 19 Oct 2025 12:25 AMNewswrap हिन्दुस्तान, अररिया
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50 हज़ार रुपये का जुर्माना भी, नहीं देने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास सज़ा पाने वाला आरोपी जुबैर जिले के रानीगंज थाना क्षेत्र के बड़ी रामपुर का रहनेवाला अररिया, विधि संवाददाता। स्पीडी ट्रायल के तहत तीन साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म करने का मामला प्रमाणित होने पर एडीजे-06 सह पॉक्सो एक्ट के स्पेशल जज अजय कुमार ने 29 वर्षीय आरोपी युवक जुबैर आलम को 20 साल कारावास की सज़ा सुनाई है। आरोपी को कारावास की सज़ा के अलावा 50 हज़ार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। वहीं जुर्माना की राशि अदा नही करने पर आरोपी को तीन माह का अतिरिक्त कारावास की सज़ा भुगतनी होगी।

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सरकार की ओर से पॉक्सो एक्ट के स्पेशल पीपी श्यामलाल यादव ने बताया कि सज़ा पाने वाला आरोपी जुबैर आलम पिता सैना आलम जिले के रानीगंज थाना क्षेत्र के बड़ी रामपुर का रहनेवाला है। स्पेशल पीपी श्यामलाल यादव ने बताया कि पीड़िता सह सूचिका को डीएलएसए के माध्यम से विक्टिम कंपनसेशन फण्ड से 05 लाख रुपये देने का आदेश जारी किया गया है। इसमे नाबालिग पीड़िता व उसके पिता के नाम से ज्वाइंट खाता राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता खोलने पर दो लाख रुपये जमा किया जाएगा, शेष तीन लाख रुपए नाबालिग पीड़िता जब बालिग हो जायेगी तब उसके नाम से राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता मे जमा करना है। यह आदेश न्यायालय के न्यायधीश श्री कुमार ने स्पेशल (पॉक्सो) 86/2023 मे दिया है। घटना 15 सितंबर 2024 की है। बच्ची सह पीड़िता अपने घर का पुताई करने के लिए गोबर लाने कमला नदी के पास गई थी। पीड़िता का आरोपी ने बहला फुसला कर बासबट्टी ले गए और उसके साथ जबरन दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया। बच्ची की मां ने आरोपी के खिलाफ रानीगंज थाना में कांड संख्या 366/2023 दर्ज कराई थी। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से साक्ष्य प्रस्तुत किया गया। जहां सभी साक्षियों ने घटना का पूर्ण समर्थन किया। साक्षियों के बयान से संतुष्ट होकर न्यायालय के न्यायाधीश अजय कुमार ने आरोपी को दोषी पाया। सजा के बिंदु पर आरोपी की ओर से लीगल एड डिफेन्स काउंसिल के डिप्टी चीफ (अधिवक्ता) दुखमोचन यादव ने कम से कम सजा देने की गुहार लगाई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय के न्यायाधीश अजय कुमार ने आरोपी की सजा मुकर्रर की।