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दु:ख नहीं, सुख में भी भगवान की करें आराधना : त्रिभुवन भास्कर शास्त्री

-गरहथा में चल रहे लक्ष्मी नारायण महायज्ञ में वृदांवन से पहुंचे कथा वाचक ने कहाज ल ल ल ल ल ल...

दु:ख नहीं, सुख में भी भगवान की करें आराधना : त्रिभुवन भास्कर शास्त्री
हिन्दुस्तान टीम,आराWed, 28 Feb 2024 09:00 PM
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-गरहथा में चल रहे लक्ष्मी नारायण महायज्ञ में वृदांवन से पहुंचे कथा वाचक ने कहा
पीरो, संवाद सूत्र।

प्रखंड के गरहथा में चल रहे लक्ष्मी नारायण महायज्ञ में वृदांवन से पहुंचे कथा वाचक व संत त्रिभुवन भास्कर शास्त्री ने कहा कि केवल दु:ख व विपत्ति के समय ईश्वर की आराधना नहीं करनी चाहिए। हर आम और खास को ईश्वर की आराधना अच्छे दिनों में भी करनी चाहिए। अच्छे दिनों में की गयी अराधना से भगवान प्रसन्न होकर विपत्ति आने ही नहीं देते हैं। विपत्ति आती भी है तो परीक्षा लेकर खुद चली जाती है। ऐसा देखा जाता है कि दु:ख व विपत्ति आने पर लोग भगवान की आराधना के लिये मंदिर और धाम का चक्कर लगाने लगते हैं। साथ ही तरह-तरह के जतन करते हैं ताकि भगवान खुश होकर आयी विपत्ति दूर कर दें। इसी क्रम में कुछ लोग पाखंडी और ढोंगी के चक्कर में फंस कर जान तक गंवा देते हैं। ऐसी घटनाओं से लोगों को सबक लेना चाहिए। यज्ञ आयोजन समिति के अध्यक्ष सोनू पाण्डेय के अनुसार श्रद्धालुओं के आवासन और मनोरंजन के लिये उत्तम व्यवस्था की गयी है। रात में रुकने वाले श्रद्धालुओं को आयोजन समिति की ओर से सात्विक भोजन का भी प्रबंध किया गया है।

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