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बरसात की शुरुआत में ही जलजमाव, सहमे नगरवासी

हिन्दुस्तान टीम,आराPublished By: Newswrap
Thu, 17 Jun 2021 09:10 PM
बरसात की शुरुआत में ही जलजमाव, सहमे नगरवासी

-दो साल पूर्व शहर के 11 वार्ड में जलजमाव की हुई थी समस्या

-बरसात पूर्व सभी प्रमुख नालों की पूर्ण सफाई नहीं होने से परेशानी

आरा। हिन्दुस्तान प्रतिनिधि

शहर के सभी आउटफॉल नालों की सफाई बरसात पूर्व नहीं होने का खामियाजा शहरवासी भुगत रहे हैं। नगर निगम सफाई के मामले में समय-समय पर दावा करता रहा है, जबकि शहर की स्थिति इससे विपरीत दिखती है। मार्च महीने में बजट प्रस्तुत करने के समय दावा किया गया था कि नालों की सफाई का कार्य शुरू हो गया है। लेकिन, मई माह के अंतिम सप्ताह में नालों की सफाई शुरू की गई। यास तूफान के कारण मई माह में बारिश होने पर निगम की सफाई के दावे की पोल खुल चुकी है। दो साल पूर्व भारी बारिश होने के कारण शहर के कई इलाके जलमग्न हो गये थे। नगर निगम ने शहर के 11 वार्डों को जलजमाव वाले इलाके के रूप में चिह्नित किया था। इस साल भी मानसून पूर्व ही बारिश शुरू हो गई है। शहर के कई इलाकों की सड़कें खराब होने से बारिश के पानी का जलजमाव गड्ढों में हो जा रहा है। पैदल से लेकर रिक्शा-ठेला का चलना मुश्किल हो गया है। नगर निगम के नालों की सफाई के लिए चार लाख रुपये की निकासी की गयी है। प्रतिदिन 120 सफाई मजदूरों को नाले की सफाई में लगाया जा रहा है। इसके बावजूद बारिश होने पर कई जगहों पर जलजमाव हो जा रहा है। नगर निगम का मानना है कि शहर में बारिश होने पर आधा घंटे से 40 मिनट तक ही जलजमाव रहता है। इसके बाद पानी की निकासी हो जाती है।

सात करोड़ रुपये की योजना की मंजूरी नहीं

नगर निगम के प्रमुख नालों के निर्माण के लिए सात करोड़ रुपये की योजना बनायी गयी थी। आवंटन के लिए नगर आवास व विकास विभाग को भेजा गया था। दो साल पूर्व भेजी गयी योजना की मंजूरी नहीं होने से नालों का निर्माण नहीं हो सका।

न्यू पुलिस लाइन में पानी की निकासी के लिए लगा था पंप

शहर के न्यू पुलिस लाइन में दो साल पूर्व जलजमाव हो गया था। तत्कालीन एसपी ने नगर आयुक्त से शिकायत की तो जेसीबी से कच्चे नाले का निर्माण किया गया था। साथ ही निगम की ओर से पंप लगाकर पानी की निकासी की गयी थी। इसके बाद पक्के नाले का निर्माण नहीं होने से समस्या का समाधान नहीं हो सका था।

टुकड़े-टुकड़े में नालों के निर्माण से समाधान नहीं

शहर के विभिन्न इलाकों में टुकड़े-टुकड़े में नालों का निर्माण होने से समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। पुराने के बदले नये नालों के निर्माण के समय तकनीकी रूप से लेवलिंग का ख्याल नहीं रखा जा रहा है। इससे पानी की निकासी सही तरीके से नहीं हो रहा है। बाबू बाजार, बड़ी मठिया, मौलाबाग, महाराणा प्रताप नगर, चंदवा सहित अन्य इलाके से पानी की निकासी नहीं हो रही है।

जलजमाव के प्रमुख पांच कारण

-शहर के प्रमुख आउटफॉल नालों की नियमित सफाई नहीं

-बरसात पूर्व शहर के सभी नालों से सिल्ट की निकासी नहीं

-पुराने नालों के तल तक सफाई नहीं होना

-नये नालों के निर्माण के समय पर लेवल का मिलान नहीं

-सड़क का लेवल नीचे और पेवमेंट का लेवर उपर होना

जलजमाव से निदान के उपाय

-पानी के निकासी स्थल छोटी नदी की तलहटी की सफाई

-सभी आउटफॉल नालों के बॉटम तक की सफाई

-जैन कॉलेज से चंदवा तक नये नाले का निर्माण

-बरसात पूर्व सभी आउटफॉल नालों की सफाई

-नये नालों के निर्माण के समय लेवल का मिलान

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