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वीकेएसयू : अंगीभूत कॉलेजों में अब नहीं होगी इंटरमीडिएट की पढ़ाई

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वीकेएसयू : अंगीभूत कॉलेजों में अब नहीं होगी इंटरमीडिएट की पढ़ाई
हिन्दुस्तान टीम,आराWed, 21 Feb 2024 08:00 PM
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-वर्तमान सत्र से कॉलेजों में इंटरमीडिएट खंड में नहीं होगा एडमिशन
-उच्च शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालय से मांगी कॉलेजों की सूची

आरा। निज प्रतिनिधि

वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के अंगीभूत कॉलेजों में अब इंटर की पढ़ाई नहीं होगी। वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2024-26 में अंगीभूत कॉलेजों के इंटर खंड में दाखिला नहीं होगा। इस दिशा में शिक्षा विभाग ने कवायद तेज कर दी है। इंटर में ओएफएसएस के तहत होने वाले एडमिशन प्रक्रिया में पोर्टल से डिग्री कॉलेज से इंटरमीडिएट शिक्षा को अलग करने को लेकर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति को शिक्षा विभाग ने पत्र भी जारी किया है। शिक्षा विभाग के इस पत्र के बाद अब स्पष्ट हो गया है कि वर्तमान सत्र में डिग्री कॉलेजों में इंटर में दाखिला नहीं होगा। दरअसल, शिक्षा विभाग के माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने इंटरमीडिएट नामांकन का पूरा शेड्यूल जारी करते हुए ओएफएसएस पोर्टल से डिग्री कॉलेज को हटाने की बात भी कहीं है। मालूम हो कि मैट्रिक का रिजल्ट इस बार दस अप्रैल को जारी होगा। इसके बाद इंटर में एडमिशन की प्रक्रिया 11 अप्रैल से शुरू हो जायेगी। आगामी 25 अप्रैल तक आवेदन लेने के बाद फर्स्ट सेकंड, थर्ड राउंड के बाद स्पॉट एडमिशन प्रक्रिया 31 जुलाई तक पूरी कर ली जानी है।

उच्च शिक्षा निदेशक ने कुलसचिव से मांगी है जानकारी

डिग्री कॉलेजों से इंटर को हटाने की कवायद उच्च शिक्षा विभाग ने तेज करते हुए वीर कुंवर सिंह विवि समेत सूबे के सभी परंपरागत विवि के कुलसचिव से रिपोर्ट की मांग की है। उच्च शिक्षा विभाग की निदेशक डॉ रेखा कुमारी ने कुलसचिव से वैसे अंगीभूत महाविद्यालय जहां इंटर की पढ़ाई होती है, उसकी लिस्ट उपलब्ध कराने को कहा गया है। कॉलेजों की लिस्ट 48 घंटे में देने को कहा गया है। निदेशक ने अपने पत्र में कहा है कि अंगीभूत कॉलेजों में इंटरमीडिएट की पढ़ाई होने से जगह की कमी का सामना करना पड़ता है। साथ ही मानव बल की भी कमी हो जाती है।

इंटर खंड हटाने के लिए पूर्व में लिया गया था निर्णय

मालूम हो कि वीर कुंवर सिंह विवि के अंगीभूत कॉलेजों से इंटर खंड को हटाने के लिए विवि की एकेडमिक काउंसिल भी निर्णय ले चुकी है। निर्णय से उच्च शिक्षा विभाग को अवगत भी कराया गया था। हालांकि उस वक्त प्रस्ताव पर कोई निर्णय विभाग ने नहीं लिया। एकेडमिक काउंसिल की बैठक में रेसलाइजेशन के तहत इस बात पर विस्तार से चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया कि अंगीभूत कॉलेजों में नियुक्त शिक्षक यूजी और पीजी के विद्यार्थियों को पढ़ाएंगे। इनकी नियुक्ति भी यूजी और पीजी के लिए हुई है, फिर इंटर का अतिरिक्त बोझ वे क्यों सहें? सभी सदस्यों ने इस पर सहमति भी जताई थी। इसके बाद इस प्रस्ताव एकेडमिक काउंसिल में अपनी मंजूरी दे दी थी। इसके बाद विवि की ओर से राज्य सरकार के उच्च शिक्षा विभाग को पत्र लिखा गया था।

पहले से ही शिक्षक संघ भी उठाता रहा है आवाज

बताते चलें कि डिग्री कॉलेजों में इंटर की पढ़ाई बंद करने को लेकर लगातार आवाज उठाई जाती रही है। शिक्षक संघ इस मुद्दे पर कई बार आवाज उठा चुका है। बीते वर्षों में इंटर की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन में योगदान नहीं करने वाले अंगीभूत कॉलेजों के शिक्षकों पर प्राथमिकी की धमकी बिहार बोर्ड की ओर से दी गयी थी। कुछ शिक्षकों पर प्राथमिकी भी हुई थी। इसके बाद शिक्षक संघ ने इस पर आवाज उठाई और इंटर को अलग करने की मांग सरकार से की थी।

17 अंगीभूत कॉलेजों में होती है इंटर की पढ़ाई

उच्च शिक्षा विभाग के पत्र के बाद वीर कुंवर सिंह विवि के 17 अंगीभूत कालेजों में वर्तमान सत्र से इंटर की पढ़ाई नबंद होने की संभावना जग गयी है। मालूम हो कि फिलहाल इंटर की पढ़ाई से विवि प्रशासन को किसी प्रकार का मतलब भी नहीं है। इसका मामला भी बिहार बोर्ड के नियंत्रण में है। इधर, जो भी शिक्षक अंगीभूत कॉलेजों में हैं, वे इंटर के विद्यार्थियों को पढ़ाने का काम करते आ रहे हैं। हालांकि डिग्री कॉलेजों को आर्थिक क्षति उठानी पड़ सकती है, क्योंकि इंटर में एडमिशन से कॉलेजों को अच्छी-खासी रकम मिल जाती है।

क्या होगा अगला विकल्प

अगले सत्र से अंगीभूत कॉलेजों में नामांकन बंद होने से हजारों छात्रों का नामांकन अब प्लस टू विद्यालयों, इंटर कॉलेज और उत्क्रमित प्लस टू विद्यालयों में होगा। बता दें कि सरकार द्वारा प्लस टू में शिक्षकों की बहाली भी की गयी है। इधर, प्लस टू विद्यालयों में सीटें भी नहीं भर पाती थीं, क्योंकि डिग्री कॉलेज विद्यार्थियों की पहली पसंद थे। बता दें कि सभी अंगीभूत कॉलेजों में इंटर के सभी संकायों में कला, विज्ञान और वाणिज्य की पढ़ाई होती है, जबकि कुछ जगह सिर्फ आर्ट्स और साइंस की पढ़ाई होती है। बता दें कि भोजपुर, बक्सर, कैमूर और रोहतास जिलों के 17 अंगीभूत कॉलेजों में लगभग 20 हजार से अधिक सीटें हैं। जिले में इंटर में कुल सीटें 49 हजार 332 हैं। प्लस टू विद्यालय और इंटर कॉलेज की संख्या 267 बताई जा रही है।

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