
आरा के चुने गये जनप्रतिनिधि हमारे विश्वास पर खरा उतरें
हिन्दुस्तान के बोले आरा संवाद में अपनी बात रखते आरा शहर के लोग आरा के नूतन छात्रावास के पास फैला कूड़ा- कचरा
आरा के नूतन छात्रावास के पास फैला कूड़ा- कचरा इंट्रो बिहार विधान सभा चुनाव संपन्न हो चुका है। जनता के बीच वादे कर जीते हुए जन प्रतिनिधियों को अब लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरना है। जीतने वाले जन प्रतिनिधि से लोगों की अपेक्षाएं भी हैं। चुनाव जीतने के बाद जनप्रतिनिधियों का अब यह दायित्व है कि जनता के विश्वास पर वे खरे उतरें। मतदान के प्रति जागरूक लोगों ने इस बार बेहद उत्साह के साथ मतदान का पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया। नई सरकार का गठन भी हो चुका है। मंत्रालय भी आवंटित हो चुका है। आपके अपने प्रिय अखबार हिन्दुस्तान ने बोले आरा मुहिम के तहत आरा के लोगों से संवाद किया।

इस दौरान आरा के लोगों ने जनप्रतिनिधि से उनके विश्वास पर खरा उतरने की बात कही। विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद सरकार का गठन हो चुका है। मंत्रिमंडल भी गठित हो चुका है। बोले आरा संवाद में लोगों ने आरा के विकास को लेकर कई बातें रखीं। लोगों ने कहा कि आरा शहरवासियों के लिए अच्छी बात यह है कि हमारे जन प्रतिनिधि को मंत्री पद भी मिल चुका है। उन्होंने विधायक के रूप में भी शपथ ली है। अहम यह है कि आरा सदर से नवनिर्वाचित विधायक संजय कुमार सिंह टाइगर को बिहार सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी देते हुए श्रम विभाग के मंत्रालय का जिम्मा दिया है। अब विधायक सह मंत्री की जिम्मेदारी है कि वे अपने क्षेत्र का विकास पूरी निष्ठा से करें। जनता के इस ऐतिहासिक मतदान ने न केवल पॉलिटिकल सिस्टम के प्रति विश्वास को दिखाया है, बल्कि जनता की अपेक्षाओं को भी कई गुना बढ़ा दिया है। आपके अपने प्रिय अखबार हिदुस्तान के अभियान बोले आरा के तहत आयोजित संवाद में शहर के बुद्धिजीवी, समाजसेवी और युवाओं ने कहा कि जनता ने अपने क्षेत्र में जनप्रतिनिधियों के चुनाव के लिए अपना मतदान कर दिया है। चुनाव में जीत दर्ज करने वाले नेताओं के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने की है। आम मतदाता ने इस बार अपने विवेक से अपना मत दिया है। अब यह जनादेश निर्वाचित प्रतिनिधियों से पारदर्शी प्रशासन, बेहतर नीतियां और जमीन पर दिखने वाला विकास चाहता है। राज्य के युवाओं और महिलाओं ने इस चुनाव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और नई सरकार से रोजगार व सुरक्षा के अवसरों को प्राथमिकता देने की उम्मीद जताई है। पिछले कई वर्षों से पलायन, बेरोजगारी, कौशल विकास बिहार के युवाओं की सबसे बड़ी समस्या रही है। वहीं महिलाओं के लिए सुरक्षा मुख्य चुनौती है। इन सब पर विधायक और सरकार को खरा उतरना चाहिए। जनसुविधा और बुनियादी ढांचे को लेकर भी अपेक्षाएं लोगों ने कहा कि सरकार का जो भी स्वरूप हो लेकिन नए उद्योग और निवेश आकर्षित करे, सरकारी भर्तियों की प्रक्रिया तेज करे और कौशल विकास कार्यक्रमों को प्रभावी रूप से लागू करे। जनसुविधा और बुनियादी ढांचे को लेकर भी अपेक्षाएं हैं। आम लोगों की उम्मीदें सिर्फ रोजगार तक सीमित नहीं हैं। जनता चाहती है कि नई सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करे और शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाए। बिजली, पानी, सड़क,नली, गली जैसी बुनियादी ढांचे को मजबूती दे और गरीब एवं ग्रामीण तबकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ सुगमता से पहुंचे। सरकार के सामने विकास को गति देने का अवसर है। इतने बड़े जनादेश के साथ नई सरकार के पास अब निर्णय लेने की क्षमता और राजनीतिक स्थिरता दोनों मौजूद हैं। लोगों की मानें तो यह वही समय है जब राज्य विकास के नए मॉडल की ओर कदम बढ़ा सकता है। लोगों का कहना है कि युवा सहित सभी मतदाताओं ने अपने मत के साथ जनप्रतिनिधियों के लिए संदेश भी दिया है। जनप्रतिनिधि उस संदेश को समझें और जनता के अनुरूप काम करके दिखाएं। चुनाव जीतने वाले नेताओं की जिम्मेदारी बढ़ गई संवाद के दौरान डॉ रमाशंकर, डॉ राधिका रमण सिंह, अशोक कुमार और नंदजी राम ने कहा कि जनता के प्रचंड समर्थन और भरोसे के बाद अब चुनाव जीतने वाले नेताओं की जिम्मेदारी पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। चुने हुए जनप्रतिनिधि को जनता से किए गए वादों को पूरा करना होगा। चुनाव प्रचार के दौरान जो घोषणाएं और वादे किए गए थे, उन्हें समयबद्ध तरीके से लागू करना नेताओं की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। जनता अब सिर्फ घोषणाएं नहीं, बल्कि जमीन पर दिखने वाला काम चाहती है। वहीं पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन देना होगा। भ्रष्टाचार पर रोक, योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करना नेताओं के लिए प्राथमिकता होनी चाहिए। रोजगार सृजन और आर्थिक विकास पर ध्यान दें संवाद में चंदवा के अशोक कुमार तिवारी, पकड़ी में शुभम, अनिल और प्रवीण ने कहा कि बिहार में रोजगार की कमी और पलायन बड़ी समस्या रही है। नई सरकार और चुने हुए मंत्री की जिम्मेदारी होगी कि वे नए उद्योग लाएं, निवेश बढ़ाएं और सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया तेज करे। वहीं युवाओं के लिए कौशल विकास को बढ़ावा दें। बुनियादी सुविधाओं में सुधार की जरूरत है। आरा विधायक को श्रम मंत्रालय मिला है। ऐसे में आरा के लिए रोजगार के लिए वे कार्य करें ताकि जनता के उम्मीदों पर खरे उतर सकें। जनता अब सिर्फ घोषणाएं नहीं, बल्कि जमीन पर दिखने वाला काम चाहती है। वहीं पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन देना होगा। भ्रष्टाचार पर रोक, योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करना नेताओं के लिए प्राथमिकता होनी चाहिए। बिहार की जनता ने इस बार एनडीए को प्रचंड बहुमत दिया है। आम लोगों की उम्मीदें इस सरकार से काफी बढ़ गई हैं। नई सरकार का शपथ ग्रहण होने के साथ ही बिहार के विकास कार्य को गति देने की उम्मीद भी जगी है। अगले पांच साल तक किया गया काम ही 2030 के चुनाव की दिशा भी तय करेगा। वीकेएसयू के लिए जमीन आवंटित हो संवाद में विद्यार्थियों ने कहा कि वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के नूतन परिसर की जमीन में से 25 एकड़ मेडिकल कॉलेज को दी जा चुकी है। जमीन पर मेडिकल कॉलेज का निर्माण हो रहा है। सरकार द्वारा जमीन के बदले दूसरी जगह जमीन देने की बात कही गई थी, लेकिन आज तक वह जमीन आवंटित नहीं की गई है। वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय का कैंपस छोटा हो गया है। सरकार और निर्वाचित जन प्रतिनिधि को चाहिए कि इसके लिए पहल करे। साथ ही नये परिसर में सड़क का निर्माण कराया जाये। सड़क नहीं होने से विद्यार्थियों को परेशानी होती है। साथ ही भवन, शिक्षक और कर्मचारियों के लिए आवास का निर्माण कराया जाये। कोट आरा में हवाई अड्डा बनाया जाए। आरा से बड़ी संख्या में लोग अलग-अलग जगहों पर जाने के लिए हवाई सफर चुनते हैं। पटना जाने के क्रम में जाम लगने व ट्रेन के देर होने से अक्सर लोगों की फ्लाइट छूट जाती है। वीर कुंवर सिंह के नाम से स्टेडियम बनाया जाये। योगेंद्र राय आरा मेडिकल हब बनकर उभर रहा है। अन्य अस्पतालों में सुविधाओं का इजाफा होना चाहिए। गंभीर मरीजों के इलाज के लिए यहां पर्याप्त साधन नहीं हैं। ऐसे मरीजों को पटना रेफर किया जाता है। अक्सर अस्पताल जाने के क्रम में जाम से रास्ते में ही मृत्यु हो जाती है। हरेंद्र पाण्डेय शहरी क्षेत्र में बेहतर तरीके से साफ-सफाई नहीं होती है। शहर के कई मुख्य इलाकों में साफ-सफाई की स्थिति और भी बदतर है। सड़क के किनारे कूड़ा जमा है। टूटी सड़कों पर जगह-जगह जलजमाव जैसी स्थिति बन गई है। पिंटू सिंह आरा समेत पूरे बिहार में इस समय युवा नशे की चपेट में युवा पीढ़ी है। ब्राउन सुगर जैसे सूखे नशे पर प्रशासन के स्तर से लगाम लगाने की जरूरत है। नशे की चपेट में आने से कई परिवार त्रस्त हैं। इससे अपराध भी बढ़ा है। तपन सिंह सरकारी स्कूल व कॉलेजों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए संसाधनों में बढ़ोतरी की जाए। इस समय आम लोग निजी स्कूलों में ही अपने बच्चों को पढ़ाने की चाहत रखते हैं। सरकारी संस्थानों में भी क्वालिटी बेहतर की जाए। पंकज सिंह आम लोगों ने इस बार रिकॉर्ड तोड वोट से सरकार बनाई है। भरोसा है कि सरकार उनकी समस्याओं का समाधान करेगी। नई सरकार के गठन के बाद से उम्मीद है कि रोजगार, स्वास्थ्य व शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर काम हो। भुनेश्वर ठाकुर आरा के गन्ना उद्योग को बढ़ावा दिया जाये। इसकी जिले के हजारों लोगों की जरूरत है। उद्योग से लोग जुड़े हैं। गन्ना का उत्पादन पुराने समय से चर्चित रहा है। गन्ना के कारोबार के उत्थान के लिए पहल हो। मनीष उपाध्याय किसान की समस्या के लिए सरकार को सभी उपाय करने चाहिए। सिंचाई, खाद, बीज व हर सरकारी योजना का लाभ समय पर मिलना चाहिए। भोजपुर के दक्षिणी भाग धान की खेती के लिए प्रसिद्ध है। इसके लिए विशेष पहल हो। पप्पू चौबे शहर की सड़कों की मरम्मत जल्द से जल्द पूरी होनी चाहिए। यहां की सड़कें कई दिनों से खराब हैं। पैदल चलने वाले लोगों को काफी परेशानी होती है। शहर की अधिकतर सड़कें खराब हैं। मेडिकल कॉलेज बनाने को लेकर वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय की 25 एकड़ की दी गई जमीन को दूसरी जगह उतनी ही जमीन वापस की जाए। डॉ कुंदन कुमार सिंह शहर में कई जगह फ्लाईओवर बनाने की जरूरत है। वाहनों की तादाद बढ़ती जा रही है। शहरी क्षेत्र की सड़कें अतिक्रमण के कारण संकरी हो गई हैं। जब तक मेन रोड पर फ्लाईओवर नहीं बनेगा, समस्या का समाधान नहीं होगा। उमानाथ शाह आरा सहित आसपास के इलाकों के मरीजों के लिए नेशनल लेवल की अस्पताल बनाने की जरूरत है ताकि सुविधाओं को और अधिक बढ़ाया जा सके। इससे लोगों को इलाज कराने में सहूलियत होगी और छोटी बीमारियों के लिए भी बाहर नहीं जाना पड़ेगा। सुनील कुमार पाल शहरी क्षेत्र वाहनों के जाम से त्रस्त हो हो गया है। सुबह 10 से 12 बजे तक और शाम पांच बजे से सात बजे तक आम लोगों का सड़क पर चलना मुश्किल है। इस समस्या के समाधान के लिए नई सरकार को प्राथमिकता से ध्यान देना चाहिए। विनोद कुमार सिंह शहर में जगह-जगह लगे सीसीटीवी से अनियंत्रित वाहन चलाने वाले लोगों पर फाइन किया जाए। सुनसान जगहों पर छिनतई की घटनाएं बढ़ गई हैं। प्रशासन द्वारा वहां पर गश्ती दल की तैनाती की जाये। समय-समय पर चौक-चौराहों पर चेकिंग लगायी जाये ताकि अपराध पर नियंत्रण हो सके। यातयात की व्यवस्था सही ढंग से की जाये। संजय कुमार सिंह शहर में युवाओं के लिए खेलकूद से संबंधित मैदान नहीं है। आरा में बढ़िया स्टेडियम बनना चाहिए। यहां पर क्रिकेट, फुटबॉल, एथलेटिक्स, हॉकी, कबड्डी, खोखो समेत अन्य तरह के इंडोर गेम के विकास के लिए पहल की जाए। विकास कुमार शहर का विकास तेजी से हो रहा है। नए मुहल्ले बन रहे हैं। लेकिन मैप बनाकर बसावट की व्यवस्था नहीं की गई है। मोहल्लों में घर मास्टर प्लान के तहत बनाए जाएं ताकि सड़कें और नाली का भी निर्माण हो। पवन सिंह फुटकर कारोबारियों के लिए शहर में उचित जगह नहीं दी गई है। हजारों लोग सड़क के किनारे दुकान चलाकर अपने परिवार का पेट पाल रहे हैं। ऐसे लोगों के लिए शहर में वेंडिंग जोन बनाया जाए। इससे कई लोगों को रोजगार मिलेगा। भारत भूषण मिश्रा कूड़ा-कचरा के लिए शहर से बाहर बड़े लेवल का अलग से डंपिंग यार्ड बनाने की जरूरत है। कूड़ा का उठाव भी समय से होना चाहिए। रमना मैदान पार्क में असामाजिक तत्वों की इंट्री पर रोक लगायी जाए। ओम प्रकाश सिंह मुख्य रूप से शहर में कई तरह की समस्या है। सड़कों की स्थिति सही नहीं है। जाम से लोग परेशान रहते है। जर्जर सड़कों का निर्माण हो। सड़कें चौड़ी हों। कूड़ा-कचरा को सड़क पर न फेंका जाए। शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता में और सुधार की जरूरत है। नीरज वर्मा शहर में जाम की समस्या बढ़ती जा रही है। जाम से निपटने के लिए अस्थाई दुकानदारों को दूसरे जगह शिफ्ट किया जाना चाहिए। जाम की समस्या से रोड व गली संकरी होती जा रही है। शहर में अवैध पार्किंग पर भी प्रशासन को ध्यान देना चाहिए। नाथु राम शहर में असहाय वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रत्येक वर्ष 10 हजार की राशि दी जाये। सरकार की तरफ से शहर के प्रबुद्ध वरिष्ठ नागरिकों को किसी भी कार्यक्रम में बुलाकर सम्मानित किया जाये। साल में एक बार मेडिकल कैंप लगाकर उनका हेल्थ चेकअप किया जाना चाहिए। रवींद्र नाथ सिंह शिकायत 1. बेरोजगारी और पलायन : युवाओं के पलायन को रोकने के लिए उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार मिले ताकि उन्हें बाहर न जाना पड़े। 2. स्वास्थ्य सेवाओं की कमी : बेहतर अस्पताल हो, उसमें पर्याप्त डॉक्टर उपलब्ध हों, इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं। 3. बुनियादी सुविधाओं की कमी : हर घर तक पानी पहुंचे, सुचारू बिजली मिले और अच्छी सड़कें व स्कूल भवन बेहतर हो। 4. योजनाओं की गुणवत्ता में गड़बड़ी : जनता की अपेक्षा है कि योजनाओं में पारदर्शिता, ईमानदारी और जवाबदेह शासन हो। 5. शिक्षा की गुणवत्ता में गिरावट : सरकारी स्कूलों में बेहतर शिक्षा मिले, प्रशिक्षित शिक्षक और आधुनिक संसाधन विकसित हो। सुझाव 1. उद्योग और निवेश को बढ़ावा : शहर में औद्योगिक क्षेत्र को विकसित कर और लोगों को ट्रेंड कर रोजगार का सृजन हो। 2. स्वास्थ्य सेवा में सुधार : प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करना, डॉक्टरों और नर्सों की नियुक्ति बढ़ाना। 3. इंफ्रास्ट्रक्चर का तेज विकास : सड़क निर्माण व मरम्मत समेत सड़क, बिजली ढांचे को मजबूत करना, हवाई अड्डे का विकास। 4. भ्रष्टाचारियों पर सख्त कार्रवाई : सरकारी योजनाओं की निगरानी के लिए डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम, शिकायत निवारण तंत्र में सुधार। 5. शिक्षा का आधारभूत ढांचा : स्कूलों में भवन, मैदान, लैब, प्रयोगशाला व कंप्यूटर एजुकेशन, स्मार्ट क्लास जैसी सुविधाओं का विकास।

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