
दोस्त की हत्या के बदले की थी तैयारी, पहले ही चारों अपराधी गिरफ्तार
-पुलिस की सक्रियता और समय पर सूचना मिलने से टल गयी बड़ी घटना, नके पास से एक देसी पिस्टल, तीन कारतूस और
-पुलिस की सक्रियता और समय पर सूचना मिलने से टल गयी बड़ी घटना -अभियुक्त की हत्या के लिए गौसगंज के अपराधी को दी गयी थी दो लाख रुपये की सुपारी -हत्या की रेकी करते ही पुलिस ने हथियार के साथ चारों बदमाशों को धर दबोचा -एक देसी पिस्तौल, तीन कारतूस, चार मोबाइल बरामद, दो बाइक भी जब्त -25 हजार के इनामी सिकंदर बिंद की हत्या के अभियुक्त को टपकाने की थी साजिश आरा। हिन्दुस्तान संवाददाता आरा के नगर थाने की पुलिस ने सुपारी देकर एक अभियुक्त की हत्या करने की साजिश किये जाने खुलासा किया गया है। हत्या की नीयत से अभियुक्त की रेकी करने पहुंचे चार अपराधियों को भी गिरफ्तार किया गया है।
इनके पास से एक देसी पिस्टल, तीन कारतूस और चार मोबाइल भी बरामद किये गये हैं। मौके से दो बाइक भी जब्त की गयी है। गिरफ्तार अपराधियों में टाउन थाना क्षेत्र के उजियार टोला बिंद टोली निवासी कन्हैया राम के पुत्र दसई कुमार उर्फ कुंदन, बिंद टोली निवासी योगेन्द्र बिंद के पुत्र रिक्की कुमार, रामदेव यादव के पुत्र साहिल कुमार उर्फ सौरभ और नवादा थाना क्षेत्र के गोढ़ना रोड निवासी मुखिया राय के पुत्र भोलू कुमार शामिल हैं। इनमें एक सिपाही का भतीजा बताया जा रहा है। चारों को बिंद टोली मोहल्ला स्थित चाय की दुकान से बुधवार की शाम गिरफ्तार किया गया। चारों द्वारा अपने दोस्त बिंद टोली निवासी इनामी सिकंदर बिंद की हत्या का बदला लेने के लिए एक अभियुक्त को टकपाने की साजिश रची गयी थी। इसके लिए नगर थाना क्षेत्र के गौसगंज इलाके के एक अपराधी को दो लाख की सुपारी दी गई थी। उसके कहने पर ही चारों बुधवार की शाम अभियुक्त की रेकी करने पहुंचे थे। लेकिन, ऐन मौके पर सूचना मिलने के बाद पुलिस की सक्रियता के कारण अपराधियों की मंशा विफल हो गई। पूछताछ में देशी कुमार उर्फ कुंदन सहित चारों अपराधियों द्वारा इस बात को स्वीकार भी किया गया है। पुलिस अधीक्षक राज की ओर से गुरुवार को प्रेस बयान जारी कर यह जानकारी दी गई। बताया कि बुधवार की शाम सूचना मिली कि बिंद टोली मोहल्ला स्थित चाय की एक दुकान पर कुछ अपराधी तत्व हथियार के साथ किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में बैठे हैं। इस आधार पर नगर थाने की पुलिस बिंद टोली स्थित चाय की दुकान पर पहुंची। तब पुलिस को देख कर चारों बदमाश चाय की दुकान से भागने लगे। लेकिन पुलिस ने चारों को दबोच लिया। तलाशी के दौरान इनके पास से एक देसी पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस और चार मोबाइल बरामद किया गया। वहीं, दुकान के पास खड़ी बुलेट सहित इनकी दो बाइक भी बरामद की गयी। पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान गिरफ्तार दसई कुमार उर्फ कुंदन ने बताया कि इसी साल 15 मार्च की रात उसके दोस्त 25 हजार के इनामी सिकंदर बिंद की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। गोलीबारी में एक दोस्त के साथ वह जख्मी हो गया। उस हत्याकांड कांड में हिमांशु शर्मा उर्फ यश का नाम आया था। उस मामले में हिमांशु शर्मा जेल भी गया था। फिलहाल वह जमानत से बाहर आ गया है। अपने दोस्त की हत्या का बदला लेने के लिए इसके द्वारा गौसगंज इलाके के रहने वाले एक हिस्ट्रीशीटर को लाख सुपारी दी गई थी। उसमें सहयोग करने के उद्देश्य से वह तीन अन्य के साथ बिंद टोली में हिमांशु शर्मा की रेकी करने आए थे। तभी पुलिस मौके पर पहुंच गयी। इस मामले गिरफ्तार चारों अपराधियों के अलावे गौसगंज निवासी सुपारी लेने वाले साधु गिरी उर्फ विक्की गिरी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी है। इधर, पुलिस के अनुसार दसई कुमार उर्फ कुंदन और साहिल कुमार उर्फ सौरभ का पूर्व से आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस के अनुसार दोनों इसी वर्ष आर्म्स एक्ट मामले में जेल जा चुके हैं। होली की रात खाना खाकर लौट रहे इनामी सहित तीन दोस्तों को मारी गई थी गोली नगर थाना क्षेत्र के बिंद टोली में 15 मार्च की रात 25 हजार के इनामी सिकंदर बिंद अजय शंकर और उसके दो दोस्तों को गोली मारी गई थी। उसमें सिकंदर बिंद उर्फ अजय शंकर की मौत हो गई थी, जबकि उसके दोस्त शुभम यादव उर्फ राहुल और दसई कुमार उर्फ कुंदन जख्मी हो गये थे। उस मामले में शुभम यादव उर्फ राहुल यादव के बयान पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। उसमें बिंद टोली के संजू ठाकुर, कैलाश ठाकुर, सूरज ठाकुर उर्फ जान, गोलू ठाकुर उर्फ अर्जुन और हिमांशु शर्मा उर्फ यश को नामजद किया गया था। प्राथमिकी में शराब बिक्री का विरोध करने और पुलिस मुखबिरी के संदेह में घटना को अंजाम देने का आरोप लगाया गया था। प्राथमिकी में शुभम यादव उर्फ राहुल यादव द्वारा कहा गया था कि 15 मार्च होली की रात नौ बजे वह उजियार टोला निवासी अपने दोस्त दशई कुमार और सिकंदर उर्फ अजय शंकर के साथ बाइक से खाना खाने घर आ रहा था। तीन बिंद टोली में संजू ठाकुर के घर पहुंचे। तभी संजू ठाकुर द्वारा आ गया, मारो का शोर मचाने लगा। तब तक कैलाश ठाकुर, सूरज ठाकुर उर्फ जान और गोलू ठाकुर उर्फ अर्जुन पहुंच गये और उसे गोली मार दी थी। इसमें वह जख्मी हो गया था। इसके बाद तीनों दोस्त अलग-अलग दिशा में भागने लगे। लेकिन, अभियुक्तों ने खदेड़ कर तीनों को गोली मार दी थी।

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