On the first day of the Natya Festival the presentation of Gaborghichor - नुक्कड़ नाट्य महोत्सव : पहले दिन गबरघिचोर की प्रस्तुति DA Image
13 दिसंबर, 2019|6:44|IST

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नुक्कड़ नाट्य महोत्सव : पहले दिन गबरघिचोर की प्रस्तुति

नुक्कड़ नाट्य महोत्सव : पहले दिन गबरघिचोर की प्रस्तुति

आरा रंगमंच ने अपने 50 वीं नुक्कड़ प्रस्तुति के अवसर पर तीन दिवसीय नुक्कड़ नाट्य महोत्सव सह लोक चित्रकला प्रदर्शनी का आयोजन नुक्कड़ स्थल वीर कुंवर सिंह स्टेडियम गेट के पास किया।

उद्घाटन शिक्षाविद् कृष्णकान्त चौबे ने किया। उन्होंने कहा कि इस अतिव्यस्त जीवन में भी आरा रंगमंच पिछले 6 वर्षों से लगातार सक्रिय रहा है। यह नक्कड़ शृंखला इतिहास बनाती जा रही है। संचालन वरिष्ठ रंगकर्मी अशोक मानव ने किया। शुरुआत अंजनी कुमार के ‘चैता गायन से हुई। इसके बाद आरा रंगमंच के कलाकारों ने भिखारी ठाकुर रचित व डॉ पंकज भट्ट और अनिल तिवारी दीपू द्वारा निर्देशित ‘गबरघिचोर की प्रस्तुति की। यह नाटक ‘घिचोर नामक एक बच्चे की कहानी है। गबरघिचोर की भुमिका में साहेब अमन ने दर्शकों को मोह लिया, जबकि गड़बड़ी के रूप में श्याम शर्मीला दर्शकों को पसन्द आए। गलीज की भूमिका में सुधीर शर्मा पुरे नाटक में दर्शकों को गुदगुदाया। पंच की भूमिका में अनिल तिवारी ‘ दीपू ने शमां बांधा। वहीं गलीज बहू की भुमिका में डॉ पंकज भट्ट व जल्लाद के रूप में निशिकांत सोनी भी पसन्द किये गये। सूत्रधार के रूप में मकेश मुस्कान व मास्टर उत्कर्ष का बेहतरीन अभिनय रहा। नाटक में संगीत परिकल्पना नागेन्द्र पाण्डेय व संगीत सहयोग देवेश दुबे अभय का रहा। मौके पर डॉ सतीश कुमार, डॉ नीरज सिंह, अरुण शीतांश, नीलमणि पाठक, मनोज नाथ अरविंद राय, अंजनी कुमार, हरिशंकर कुमार, बम ओझा, परमानंद प्रेमी आदि थे। धन्यवाद ज्ञापन मनोज श्रीवास्तव ने किया।

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