
वीकेएसयू : कॉलेजों की एनएसएस इकाइयां शिविर लगाने में फिसड्डी
फोटो वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय की विशेष आवासीय शिविर राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) का एक अभिन्न अंग है। एनएसएस में पंजीकृत होने वाले स्वयंसेवकों के लिए यह विशेष आकर्षण है,
आरा, निज प्रतिनिधि। विशेष आवासीय शिविर राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) का एक अभिन्न अंग है। एनएसएस में पंजीकृत होने वाले स्वयंसेवकों के लिए यह विशेष आकर्षण है, लेकिन वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय में एनएसएस से जुड़े स्वयंसेवकों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। विवि में एनएसएस की गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए लगातार बैठक तो की जा रही है, लेकिन कॉलेजों में संचालित एनएसएस इकाई उदेश्यों को प्राप्त नहीं कर रही है। यह कहना गलत नहीं होगा कि विवि एनएसएस से मिले आदेशों और निर्देशों का पालन कॉलेज इकाई नहीं कर रहे हैं। दरअसल एनएसएस के माध्यम से हर वर्ष सात दिवसीय विशेष आवासीय शिविर लगाने का नियम है।
यह शिविर कॉलेज एनएसएस इकाई द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में लगाया जाता है। शिविर के माध्यम से कई समाजिक मुद्दों पर एनएसएस से जुड़े स्वयंसेवक जागरूकता कार्यक्रम चलाते हैं। इधर, विवि में स्थिति यह है कि कॉलेजों में संचालित कई एनएसएस की इकाइयां शिविर आयोजित करने में दिलचस्पी ही नहीं ले रही हैं। इस कारण स्वयंसेवकों की प्रतिभा निखर कर सामने नहीं आ पा रही है। वर्तमान सत्र में भी कॉलेज नहीं लगा रहे शिविर बताया जाता है कि पिछले कई वर्षों से 40 से अधिक कॉलेज एनएसएस की आवासीय शिविर नहीं लगा पाये हैं। पिछले वित्तीय वर्ष के आंकड़ों पर नजर डालें तो मात्र पांच कॉलेज ही शिविर लगा पाए हैं। वहीं वर्तमान सत्र में भी मात्र तीन से चार कॉलेज ही शिविर लगा पाए हैं। सूत्रों की मानें तो अधिकतर कॉलेजों में सिर्फ कागज पर ही एनएसएस की इकाई कार्यरत है। ये इकाइयां कोई कार्यक्रम भी नहीं करती हैं। युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय और क्षेत्रीय निदेशालय के निर्देश के आलोक में जागरूकता सहित अन्य कार्यक्रम भी कई कॉलेजों में नहीं होता है। बड़े आयोजनों में भी कुछ ही इकाइयों के विद्यार्थी भाग लेते हैं। एनएसएस सलाहकार समिति ने बढ़ा दी है राशि अरसे बाद सलाहकार समिति की बैठक में एनएसएस आवासीय शिविर के लिए मिलने वाली राशि में बढ़ोतरी वर्ष 2025 में हुई है। अब एनएसएस इकाइयों को 35 हजार रुपए आवासीय शिविर को मिलने हैं, जबकि पूर्व में 22 हजार 500 रुपए दिए जाते थे। बावजूद इकाई दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। मालूम हो कि पूर्व में सात दिनों के कार्यक्रम के लिए प्रति छात्र 450 रुपए मिलते थे, जो अब सात सौ रुपये किया गया। एनएसएस समन्वयक डॉ साधना रावत बताती हैं कि राशि में बढ़ोतरी के बावजूद दो दर्जन से अधिक इकाई निष्क्रिय हैं। पूर्व में राशि कम होने का रोना रोते थे लेकिन अब जब राशि में बढ़ोतरी हो गई है, फिर भी दिलचस्पी नहीं ली जा रही है। दो दशक बाद आवासीय शिविर की राशि में बढ़ोतरी हुई है। वहीं नियमित कार्यक्रम के लिए प्रति वर्ष 250 रुपए की जगह 400 रुपए देने, कार्यक्रम पदाधिकारियों को पांच सौ रुपये प्रति माह देने आदि का निर्णय लिया गया। विवि में एनएसएस की 50 इकाई मालूम हो कि पूरे बिहार में सबसे अधिक इकाई वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय में ही है। अंगीभूत कॉलेजों में एनएसएस की 25 इकाई है। एसबी कॉलेज, एचडी जैन कॉलेज, एमएम महिला कॉलेज आरा, एसपी जैन कॉलेज और श्री शंकर कॉलेज सासाराम में दो-दो इकाइयां कार्यरत हैं, जबकि अन्य अंगीभूत और संबद्ध कॉलेजों में एक-एक इकाई है। बता दें कि एनएसएस के माध्यम से ही विद्यार्थी राष्ट्रीय एकीकरण शिविर, एडवेंचर कैंप सहित अन्य राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में भाग लेते हैं। इसके अलावा गणतंत्र दिवस परेड और पूर्व गणतंत्र दिवस परेड शिविर में चयनित होते हैं। हर इकाई में सौ विद्यार्थी आवश्यक मालूम हो कि एनएसएस की हर इकाई में सौ विद्यार्थियों का पंजीकरण आवश्यक है, लेकिन अधिकतर इकाइयों में सौ विद्यार्थी भी नहीं हैं। सिर्फ कागज पर ही विद्यार्थी नामांकित हैं। इधर, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जहां सौ से कम विद्यार्थी रहेंगे यह जो इकाई निष्क्रिय रहेगी, उसे बंद कर दिया जाएगा। वहीं दूसरी जगह इकाई खोली जाएगी। बता दें कि एनएसएस मद में हर कॉलेज और वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय में राशि पड़ी है, लेकिन खर्च नहीं हो पा रही है। क्या कहते हैं अधिकारी जो इकाई निष्क्रिय है, उसे बंद किया जाएगा। साथ ही इस सत्र में जो कॉलेज आवासीय शिविर नहीं लगाएंगे, वहां इकाई बंद की जाएगी। सभी कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका आवश्यक है। डॉ साधना रावत, एनएसएस समन्वयक, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय आरा

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