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18 नवंबर, 2020|12:51|IST

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राष्ट्रीय एकता दिवस पर शिद्दत से याद किये गये शहीद जवान

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पीरो स्थित प्लस 2 स्कूल परिसर में शनिवार को एसएसबी के शहीद जवान भरत प्रसाद शिद्दत से याद किये गये। एसएसबी 40वीं वाहिनी पटना के डिप्टी कमांडेंट गौतम कुमार ने मुख्य अतिथि के रूप में सैनिकों के त्याग व बलिदान की चर्चा की। बीडीओ मानेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि सैनिक और अर्द्धसैनिक बल के जवान ही देश के शृंगार हैं। पीरो थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर अशोक चौधरी ने कहा कि सैन्य बल और अर्द्धसैनिक बल की बदौलत ही देश की अस्मिता सुरक्षित है। अध्यक्षता करते हुए प्रभारी प्रधानाध्यापक निर्मल कुमार पाठक ने कहा कि उनके विद्यालय को गर्व है कि भरत प्रसाद उनके विद्यालय के छात्र थे। शहीद जवान भरत प्रसाद के पिता सत्यनारायण प्रसाद ने कहा कि विद्यालय के हर छात्र की कोशिश होनी चाहिए कि वह भरत प्रसाद बनकर अमर हो जाये। हाजी मुजीबुर्रहमान खान, हरिनन्दन साह, डॉ मनीष पाण्डेय, गिरीश चंद्र, विकास चंद्र और बी राय समेत तमाम वक्ताओं ने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए सैन्य बल व अर्द्धसैनिक बल के जवानों की जितनी प्रशंसा की जाये कम ही होगी। वक्ताओं ने विद्यालय में उपस्थित छात्र-छात्राओं को सेना की ओर से मुखातिब होने का आह्वान किया। समारोह की शुरुआत के पूर्व शहीद एसएसबी जवान भरत प्रसाद को श्रद्धांजलि देते हुए शहीद के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। समारोह में एसएसबी के हेड कांस्टेबल द्वय अभिषेक कुमार व अजय कुमार टमटा के अलावा धनंजय कुमार, भोला सिंह, जादूमनी कचहरी, पप्पू कुमार यादव, राहुल कुमार, महेंद्र सिंह और जगदेव कुमार सैनी समेत एसएसबी के जवान उपस्थित थे। समारोह के दौरान शहीद के पिता सत्यनारायण प्रसाद, चाचा रामनारायण प्रसाद और साला पिंटू जी विशेष रूप से उपस्थित थे। विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मचारी और विद्यार्थी भी थे।

चरपोखरी के धनौती में जन्म हुआ था भरत का

बता दें कि चरपोखरी थाना क्षेत्र के धनौती गांव में 10 मई 1983 को जन्मे भरत प्रसाद 23 वर्ष की आयु में वर्ष 2006 में एसएसबी के 31वीं बटालियन के जवान के रूप में बहाल हुए थे। 28 वर्ष की आयु में 04 अप्रैल 2011 को असम के गोसाईं गांव जिले में एनडीएफबी (एटी) के उग्रवादियों से लड़ते हुए शहीद हो गये थे। वर्ष 2009 में पीरो थाने के बचरी गांव निवासी शम्भू प्रसाद की पुत्री पूजा से भरत की शादी हुई थी और शादी के महज दो साल बाद पूजा विधवा हो गई। शहीद भरत प्रसाद पीरो स्थित उच्च विद्यालय के अपने जमाने के होनहार छात्रों में से एक थे।

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  • Web Title:Martyred soldiers commemorated on National Integration Day