किसान पंजीकरण शिविर में सर्वर की परेशानी से किसान परेशान

Jan 08, 2026 08:17 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, आरा
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कोईलवर प्रखंड में किसान पंजीकरण शिविरों में सर्वर की सुस्ती और कागज की कमी के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जमाबंदी और आधार कार्ड के बीच विसंगतियों के कारण पंजीकरण प्रक्रिया अटकी हुई है। कई किसान मायूस होकर शिविरों से लौट रहे हैं क्योंकि उनकी जानकारी सही नहीं हो पा रही है।

किसान पंजीकरण शिविर में सर्वर की परेशानी से किसान परेशान

-कहीं सर्वर की सुस्ती रुला रही तो कहीं कागज की कमी से निबंधन की प्रक्रिया अटक रही कोईलवर, एक संवाददाता। कोईलवर प्रखंड की सभी पंचायतों में लगाये गये किसान पंजीकरण शिविर का लाभ किसानों को नहीं मिल पा रहा है। कहीं सर्वर की सुस्ती रुला रही है तो कहीं कागज की कमी से निबंधन की प्रक्रिया अटकती नजर आ रही है। सिस्टम के डिजिटल चक्रव्यूह में फंसकर आम किसान परेशान हैं। मोबाइल पर आ रहे ओटीपी के बाद भी किसानों की पुष्टि नहीं हो पा रही है। लोगों को मायूस होकर शिविरों से लौटना पड़ रहा है। सरकार के नियमों के अनुसार निबंधन के लिए जमाबंदी आधार कार्ड से जुड़ी होनी चाहिए।

जमाबंदी में खाता, खसरा और रकबा सही तरीके से दर्ज होना अनिवार्य बताया जा रहा है। ज्यादातर लोगों के अपने नाम पर जमीन दर्ज नहीं होने से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कइयों के नाम जमाबंदी में दर्ज नाम आधार कार्ड से मिल नहीं रहा। जमाबंदी में आधार लिंक न होने, खाता-खसरा-रकबा में त्रुटियों के कारण किसानों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। कर्मियों ने बताया कि शुरुआत में कई किसान वंशावली के आधार पर ही पीएम सम्मान योजना का लाभ ले रहे थे। अब अपने नाम से जमाबंदी की शर्त ऐसे किसानों के लिए बड़ी बाधा बन गयी है। बड़ी समस्या यह भी है कि आधार और जमाबंदी में अंतर रहने पर भी पूरी प्रक्रिया अटक रही है। सकड्डी पंचायत भवन में निबंधन कराने पहुंचे सौ से अधिक लोगों में से लगभग 20 से 25 किसानों की ही जमाबंदी आधार से जुड़ पाई है, जबकि किसान पंजीकरण भी सबका नहीं हो पाया। पंचायत भवन पर पहुंची सीओ प्रियंका कुमारी व राजस्व अधिकारी राजभूषण सिंह कार्यरत कर्मचारी और किसान सलाहकार को खरी-खोटी सुनाते दिखे। इधर, कार्यरत राजस्व कर्मी जब्बार ने बताया कि सर्वर में आई परेशानियों के कारण किसानों का पंजीकरण नहीं हो पा रहा है। दस्तावेजी त्रुटियां बढ़ा रहीं परेशानियां भूमि विवाद व आपसी बंटवारा होने के बाद परिमार्जन व नामांतरण अंचल कार्यालय से नहीं किया जाना किसान पंजीकरण की सबसे बड़ी बाधा बताई जा रही है। कई किसानों ने इस बाबत शिकायत दर्ज कराते कहा कि कार्यालय की पेच के कारण उनका नाम अलग नहीं किया जा रहा, जिसके कारण उनके नाम पर अलग भूमि का प्रारूप नहीं दिख रहा। सरकार को इस पर ज्यादा जोर देना चाहिए। सकड्डी निवासी सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि उनका नाम व जमाबंदी नहीं दिख रहा। सीओ प्रियंका कुमारी ने बताया कि जिन किसानों की जमाबंदी में त्रुटि के कारण फार्मर रजिस्ट्रेशन नहीं हो रहा है, वे परिमार्जन प्रक्रिया के माध्यम से अपनी जमाबंदी में सुधार करा सकते हैं। रैयतों की जमाबंदी आधार से जुड़ी होनी चाहिए और खाता, खसरा और रकबा सही तरीके से दर्ज रहना जरूरी है। राजस्व कर्मचारी राजभूषण सिंह ने बताया कि दूसरे दिन देर शाम तक की संख्या अभी तक नहीं मिल पाई है। हालांकि जमाबंदी में आधार लिंक नहीं होने व खाता-खेसरा-रकबा अंकित नहीं होने के किसानों को परेशानी हो रही है।

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