Ara News: बालू घाट बंद फिर भी सड़कों पर ट्रकों का राज

हिन्दुस्तान, आरा
Follow us on Google News
share

Ara News: नो इंट्री में ‘एंट्री’ से बेहाल चांदी बाजार, हालत यह है कि कई जगहों पर अपनी लेन में वाहन चलाना भी मुश्किल हो जाता है।

Ara News: बालू घाट बंद फिर भी सड़कों पर ट्रकों का राज

Ara News: नो इंट्री में ‘एंट्री’ से बेहाल चांदी बाजार कोईलवर, एक संवाददाता। घाटों से बालू की ढुलाई बंद होने के बाद भी सड़कों पर बालू वाले ट्रकों की संख्या घटने का नाम नहीं ले रही है। आरा-छपरा फोरलेन से लेकर बक्सर-पटना फोरलेन तक ट्रकों की लंबी कतारें आम लोगों के लिए मुसीबत बन गई हैं। हालत यह है कि कई जगहों पर अपनी लेन में वाहन चलाना भी मुश्किल हो जाता है।

जाम की गंभीरता

सबसे चिंताजनक स्थिति सकड्डी-चांदी सड़क की है। बालू लदे ट्रकों के कारण लगातार लगने वाले जाम को देखते हुए इस मार्ग पर नो इंट्री लागू की गई थी, लेकिन नो इंट्री के बावजूद चांदी बाजार की ओर जाने वाले ट्रकों का परिचालन बेरोकटोक जारी रहने की शिकायत आम है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात कुछ कर्मियों की मिलीभगत से ट्रकों को प्रवेश की अनुमति मिल जाती है। रास्ते में गश्त कर रही पुलिस पर भी ट्रक चालकों से अवैध वसूली के आरोप समय-समय पर लगते रहे हैं। इस अव्यवस्था का खामियाजा आम लोगों और खासकर बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। ट्रकों की भीड़ और जाम के कारण स्कूली बसें गांवों तक नहीं पहुंच पा रही हैं। चांदी बाजार में घंटों जाम लगा रहता है और लोगों का चौराहे से अपने गंतव्य को निकलना मुश्किल हो जाता है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।

प्रशासन की व्यवस्था

खनन मद से लगाये गये निजी गार्ड भी नहीं सुधार सके व्यवस्था बढ़ते ट्रैफिक दबाव और बालू लदे ट्रकों की भीड़ से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने पहले यातायात पुलिस के साथ खनन मद से निजी सुरक्षा एजेंसी के गार्डों को भी तैनात किया था। मनभावन मोड़, सकड्डी-नासरीगंज मोड़ और चांदी बाजार जैसे महत्वपूर्ण चौक-चौराहों पर नई व्यवस्था लागू की गई। उम्मीद थी कि हजारों वाहनों के रोजाना दबाव वाले इन इलाकों में यातायात सुगम होगा और लोगों को जाम से राहत मिलेगी। लेकिन, जमीनी हकीकत प्रशासन के दावों से बिल्कुल अलग नजर आ रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चांदी बाजार में ट्रकों की समस्या क्यों है?
चांदी बाजार में ट्रकों की समस्या इसलिये है क्योंकि घाटों से बालू की ढुलाई बंद होने के बावजूद ट्रकों की संख्या में कमी नहीं आ रही है।
Hindustan | Bureau

लेखक के बारे में

Hindustan | Bureau

हिन्दुस्तान भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN-IFRA के अनुसार, 2016 में 'हिन्दुस्तान' विश्व के शीर्ष 13 सर्वाधिक प्रसारित अखबारों में शामिल था। हर रोज 5 राज्‍यों सह‍ित देश की राजधानी द‍िल्‍ली और एनसीआर (नोएडा, गाज‍ियाबाद, गुरुग्राम) में 23 संस्‍करण प्रकाश‍ित होते हैं। ‘पाठक सर्वोपर‍ि’ हिन्दुस्तान की संपादकीय नीति है। समय पर, शोध और गहन खोजबीन के बाद व‍िस्‍तार से न्‍यूज र‍िपोर्ट प्रकाश‍ित की जाती है। हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से पेश किया जाता है।

और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।

Hindi NewsBihar NewsआराAra News: बालू घाट बंद फिर भी सड़कों पर ट्रकों का राज