Ara News: बालू घाट बंद फिर भी सड़कों पर ट्रकों का राज
Ara News: नो इंट्री में ‘एंट्री’ से बेहाल चांदी बाजार, हालत यह है कि कई जगहों पर अपनी लेन में वाहन चलाना भी मुश्किल हो जाता है।

Ara News: नो इंट्री में ‘एंट्री’ से बेहाल चांदी बाजार कोईलवर, एक संवाददाता। घाटों से बालू की ढुलाई बंद होने के बाद भी सड़कों पर बालू वाले ट्रकों की संख्या घटने का नाम नहीं ले रही है। आरा-छपरा फोरलेन से लेकर बक्सर-पटना फोरलेन तक ट्रकों की लंबी कतारें आम लोगों के लिए मुसीबत बन गई हैं। हालत यह है कि कई जगहों पर अपनी लेन में वाहन चलाना भी मुश्किल हो जाता है।
जाम की गंभीरता
सबसे चिंताजनक स्थिति सकड्डी-चांदी सड़क की है। बालू लदे ट्रकों के कारण लगातार लगने वाले जाम को देखते हुए इस मार्ग पर नो इंट्री लागू की गई थी, लेकिन नो इंट्री के बावजूद चांदी बाजार की ओर जाने वाले ट्रकों का परिचालन बेरोकटोक जारी रहने की शिकायत आम है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात कुछ कर्मियों की मिलीभगत से ट्रकों को प्रवेश की अनुमति मिल जाती है। रास्ते में गश्त कर रही पुलिस पर भी ट्रक चालकों से अवैध वसूली के आरोप समय-समय पर लगते रहे हैं। इस अव्यवस्था का खामियाजा आम लोगों और खासकर बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। ट्रकों की भीड़ और जाम के कारण स्कूली बसें गांवों तक नहीं पहुंच पा रही हैं। चांदी बाजार में घंटों जाम लगा रहता है और लोगों का चौराहे से अपने गंतव्य को निकलना मुश्किल हो जाता है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
प्रशासन की व्यवस्था
खनन मद से लगाये गये निजी गार्ड भी नहीं सुधार सके व्यवस्था बढ़ते ट्रैफिक दबाव और बालू लदे ट्रकों की भीड़ से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने पहले यातायात पुलिस के साथ खनन मद से निजी सुरक्षा एजेंसी के गार्डों को भी तैनात किया था। मनभावन मोड़, सकड्डी-नासरीगंज मोड़ और चांदी बाजार जैसे महत्वपूर्ण चौक-चौराहों पर नई व्यवस्था लागू की गई। उम्मीद थी कि हजारों वाहनों के रोजाना दबाव वाले इन इलाकों में यातायात सुगम होगा और लोगों को जाम से राहत मिलेगी। लेकिन, जमीनी हकीकत प्रशासन के दावों से बिल्कुल अलग नजर आ रही है।


