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तिथि तय होते ही गायब हो गये समिति सदस्य

प्रमुख व उप प्रमुख पर लाये गये अविश्वास प्रस्ताव पर बहस व मतदान के लिए तिथि तय होते ही पंचायत समिति सदस्य गायब हो गये हैं। सदन के अंदर अधिक से अधिक सदस्यों को लाने के लिये विरोधी खेमा प्रयासरत है। अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान को लेकर हाई वोल्टेज ड्रामे की शुरुआत हो गयी है और 4 अगस्त को सदन में पर्याप्त बल के जुगाड़ में पीछे से जनप्रतिनिधियों की भूमिका भी देखी जा रही है। प्रमुख उर्मिला देवी और उप प्रमुख वीरेन्द्र सिंह यादव अविश्वास प्रस्ताव को खारिज कराने के लिये मशक्कत कर रहे हैं। प्रयास हो रहा है कि अधिकतर सदस्य प्रमुख और उप प्रमुख के साथ सदन से बाहर ही रहें। कुछ सदस्य विरोधी और सत्ता पक्ष दोनों के खेमों में दौड़ लगा रहे हैं और सहानुभूति लेने की फिराक में है। विरोधी खेमे की ओर से प्रमुख और उप प्रमुख पर स्थिति लगभग साफ कर दी गयी है, लेकिन अविश्वास प्रस्ताव पारित होने तक खुलासा करने से परहेज किया जा रहा है। प्रमुख और उप प्रमुख की कुर्सी को कब्जे में रखने को ले वर्तमान और पूर्व जनप्रतिनिधि भी भीतर ही भीतर ताल ठोंक रहे हैं। जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने खास लोगों को पंचायत समिति सदस्यों को भूमिगत करने के लिये लगा रखा है।

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  • Web Title:Date committee fixed and disappeared committee member