Ara News: सामाजिक अंकेक्षण : जनसुनवाई में स्कूलों की गंभीर कमियां उजागर
Ara News: -आठ पंचायतों के 62 स्कूलों के गड़बड़ियों को जूरी के सामने रखा गया, मानो बैजनाथ उच्च विद्यालय कुल्हाड़ियां में शनिवार को समग्र शिक्षा योजनाओं के सामाजिक अंकेक्षण के बाद प्रखंड स्तरीय जनसुनवाई कार्यक्रम...

Ara News: -आठ पंचायतों के 62 स्कूलों के गड़बड़ियों को जूरी के सामने रखा गया -मानो बैजनाथ हाई स्कूल कुल्हड़िया में प्रखंड स्तरीय जनसुनवाई कार्यक्रम आरा, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। कोईलवर प्रखंड के मानो बैजनाथ उच्च विद्यालय कुल्हाड़ियां में शनिवार को समग्र शिक्षा योजनाओं के सामाजिक अंकेक्षण के बाद प्रखंड स्तरीय जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जनसुनवाई में कोईलवर प्रखंड की खेसरहिया, सक्कड़ी, राजापुर, मथुरापुर, खानगांव, कुल्हाड़ियां, कायमनगर व नरवीर सहित आठ पंचायतों के 62 स्कूलों व एक कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के सामाजिक अंकेक्षण में सामने आए तथ्यों व गड़बड़ियों को जूरी के समक्ष रखा गया।
जनसुनवाई का विवरण
जनसुनवाई में स्पष्ट किया गया कि स्कूल केवल नामांकन और पठन-पाठन का केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और उनके अधिकारों से जुड़ा संस्थान है। ऐसे में बुनियादी सुविधाओं की कमी, विद्यालय की संपत्ति पर अतिक्रमण, वित्तीय प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव और बच्चों के साथ कथित दुर्व्यवहार जैसे मामलों को सामान्य प्रशासनिक कमी मानकर नजरअन्दाज नहीं किया जा सकता। सामाजिक अंकेक्षण में मिले तथ्यों पर जूरी की ओर से सुनवाई की गई और संबंधित मामलों को जवाबदेही तय करते हुए जांच, सुधारात्मक व नियमानुसार कार्रवाई के लिए संबंधित पदाधिकारियों को अग्रसारित करने की अनुशंसा की गई। मध्य विद्यालय रूपचकिया के प्रधानाध्यापक की ओर से बच्चों के साथ कथित गाली-गलौज व मारपीट का गंभीर मामला भी सामाजिक अंकेक्षण के माध्यम से जूरी के समक्ष प्रस्तुत किया गया। सामाजिक अंकेक्षक राजू कुमार ने सभी तथ्यों को पंचायत वार जूरी के समक्ष रखा गया। जनसुनवाई में बीडीओ सह बीईओ, शक्ति सीएलफ के सचिव रीता देवी, संजीत कुमार, सुरेश राम, दुर्गावती, बबीता देवी व अन्य उपस्थित थे। सामाजिक अंकेक्षण के दौरान स्कूलों की व्यवस्था से जुड़े प्रमुख तथ्य - जरूरत के अनुसार वर्ग कक्षों की कमी व शौचालय का अभाव। - कई स्कूलों में जर्जर भवन, जिससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता होती है। - स्कूल की जमीन पर ग्रामीणों की ओर से अतिक्रमण। - विद्यार्थियों के शारीरिक व खेल-कूद संबंधी विकास के लिए खेल मैदान का घोर अभाव। - स्कूलों में पुस्तकालय के लिए समुचित स्थान की कमी। - विद्यालय शिक्षा समिति के सदस्यों को जानकारी दिए बिना राशि निकासी का मामला। - कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में छात्राओं के लिए पर्याप्त बिस्तरों की कमी। - कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में गार्ड रूम का विद्यालय परिसर के अंदर स्थित होना, जिस पर आवश्यक सुधार की जरूरत बताई गई।


