
राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर कवि गोष्ठी
आरा, निज प्रतिनिधि नहित परिवार के तत्वावधान में वरीय साहित्यकार जगत् नंदन सहाय की अध्यक्षता में जनहित परिवार के शीतल टोला आरा स्थित कार्यालय
आरा, निज प्रतिनिधि जनहित परिवार के तत्वावधान में वरीय साहित्यकार जगत् नंदन सहाय की अध्यक्षता में जनहित परिवार के शीतल टोला आरा स्थित कार्यालय में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की 150 वीं वर्षगांठ कार्यक्रम के तहत कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें उपस्थित कवियों ने अपनी-अपनी देशभक्ति की कविताओं का पाठ किया। कार्यक्रम के समापन पूर्व संपूर्ण वंदे मातरम् का सामूहिक पाठ किया गया। कवि गोष्ठी में कविता पाठ की शुरुआत कवि अजय कुमार गुप्ता अज्ञानी जी की देश पहलगाम हमले के जवाब के रूप में भी शिखर दो नामक कविता से हुई। कवि रमेश सिंह राम प्रपंन्न ने अपनी हिंदी की कविता वंदे भारत मातरम् शीर्षक से प्रस्तुत किया।
वहीं नंदकिशोर सिंह कमल ने तू ही मेरी बंदगी मातरम् का राग छेड़ कर सबका मन मोह लिया। जय नारायण पांडे ने भारत की आत्मा प्रस्तुत किया। जगत् नंदन सहाय ने देश हमारा धरती अपनी नामक कविता सुनाई। कवयित्री डॉ. किरण कुमारी ने निनादित वंदे मातरम् और युवा कवि आदित्य प्रकाश ने भारत की आत्मा नामक लंबी कविता प्रस्तुत किया, जिसे सराहा गया। कवि गोष्ठी का समापन युवा कवि जन्मेजय ओझा की कविता से हुआ। अतिथियों का स्वागत सह धन्यवाद ज्ञापन सचिव नंदकिशोर सिंह कमल ने किया। मंच संचालन जनहित परिवार प्रतिनिधि सभा के सभापति अतुल प्रकाश ने किया।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




