Ara News: पीपा पुल आज से खुल जाएगा, नाव ही रह जायेगी सहारा

हिन्दुस्तान, आरा
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Ara News: बिहार के भोजपुर जिले में महुली गंगा घाट पर पीपा पुल खोले जाने से खवासपुर पंचायत समेत हजारों लोगों को आवागमन में कठिनाई होगी। बारिश के कारण गंगा का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों को नावों पर यात्रा करनी पड़ेगी, जो जोखिम भरी होती है। स्थायी पुल की मांग भी उठाई गई है।

Ara News: पीपा पुल आज से खुल जाएगा, नाव ही रह जायेगी सहारा

Ara News: -बरसात में उफनती गंगा के बीच जान जोखिम में डाल खवासपुर समेत बिहार-यूपी के हजारों लोग करेंगे आवागमन बड़हरा, संवाद सूत्र। भोजपुर जिले के महुली गंगा नदी घाट पर बिहार और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाला पीपा पुल आज सोमवार की अहले सुबह से खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। मानसून के दौरान गंगा नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि और तेज धारा को देखते हुए सुरक्षा कारणों से पीपा पुल को खोला जाएगा।

खवासपुर पंचायत की स्थिति

पीपापुल खुलने के बाद अब यूपी और भोजपुर समेत उत्तरी बिहार के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आने-जाने वाले हजारों लोगों के सामने फिर से आवागमन की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। इनके लिए अगले पांच-छह माह तक नावें ही आवागमन का सहारा रह जायेंगी। यह केवल एक पुल नहीं, बल्कि भोजपुर जिले के बड़हरा प्रखंड की खवासपुर पंचायत समेत कई गांवों के लिए जीवनरेखा है। खवासपुर पंचायत की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि गंगा नदी के चारों ओर से घिरे रहने के कारण मानसून के दिनों में इसका सड़क संपर्क लगभग छह महीने तक प्रभावित हो जाता है। ऐसे में पीपा पुल ही लोगों के लिए सबसे आसान और सुलभ रास्ता होता है। लेकिन, अब ग्रामीणों को फिर से नाव के सहारे अपनी जिंदगी चलानी होगी।

गांवों के लोगों की चिंता

खवासपुर पंचायत समेत आसपास के गांवों के लोगों की चिंता बढ़ी पीपा पुल खुलने की सूचना के साथ ही खवासपुर पंचायत समेत आसपास के गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। अब उन्हें बरसात में गंगा नदी की उफनती धारा के बीच नाव से सफर करना पड़ेगा। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में तेज हवा, ऊंची लहरें और पानी की तेज धार के बीच नाव से यात्रा करना हमेशा जोखिम भरा रहता है। बावजूद इसके शिक्षा, इलाज, रोजगार, बाजार और जरूरत की कामों के लिए लोगों को मजबूरी में नाव का सहारा लेना पड़ता है। बता दें कि खवासपुर भोजपुर जिले की एकमात्र ऐसी पंचायत है, जहां मानसून के दौरान सड़क मार्ग से संपर्क टूटने की स्थिति बन जाती है। गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद गांवों के चारों ओर पानी फैल जाता है। ऐसे में लोगों का प्रखंड मुख्यालय, जिला मुख्यालय और बाजारों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। बीमार मरीजों को अस्पताल पहुंचाने से लेकर बच्चों को स्कूल भेजने तक में ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि पीपा पुल चालू रहने के दौरान लोगों को काफी राहत मिलती है। कुछ ही समय में लोग बिहार से यूपी और यूपी से बिहार की ओर आ-जा लेते हैं।

सुरक्षा व्यवस्था और स्थायी पुल की मांग

दोनों ओर के घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की जरूरत, स्थायी पुल की मांग महुली घाट पर पीपा पुल खुलने के बाद अब नावों पर यात्रियों का दबाव बढ़ने की संभावना है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि दोनों ओर के घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जाए। नावों में क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने पर रोक लगाई जाए और जीवन रक्षक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि खवासपुर पंचायत के लोगों की समस्या का स्थायी समाधान तभी संभव है, जब यहां स्थायी पुल निर्माण की दिशा में ठोस पहल की जाए। हर साल पीपा पुल लगाने और खोलने की प्रक्रिया के बीच लोगों को कई महीनों तक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। स्थायी पुल बनने से बिहार और यूपी के बीच आवागमन सुगम होगा और क्षेत्र का विकास भी तेज गति से हो सकेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीपा पुल खोलने का कारण क्या है?
मानसून के दौरान गंगा नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि और तेज धारा को देखते हुए सुरक्षा कारणों से पीपा पुल को खोला गया है।
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