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भोजपुर में पांच सीटों पर तीसरे स्थान पर रहे जनसुराज के प्रत्याशी

भोजपुर में पांच सीटों पर तीसरे स्थान पर रहे जनसुराज के प्रत्याशी

संक्षेप:

भोजपुर में जनसुराज के प्रत्याशी पांच सीटों पर तीसरे स्थान पर रहे लेकिन किसी भी सीट पर प्रभाव नहीं छोड़ पाए। तरारी में चन्द्रशेखर को 2271 वोट मिले और उन्हें पांचवें स्थान पर रहना पड़ा। जिले में 25455 लोगों ने NOTA का विकल्प चुना, जिसमें संदेश में सबसे अधिक 4160 वोट NOTA को मिले।

Nov 15, 2025 09:42 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, आरा
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-बड़हरा में जनसुराज के प्रत्याशी रहे सातवें तो तरारी में पांचवें स्थान पर रहे, नोटा से भी पिछड़े -जिले में कुल 30236 वोट मिले, सबसे अधिक संदेश में 6040 तो सबसे कम तरारी में 2271 आरा, एक संवाददाता। भोजपुर में जनसुराज के प्रत्याशी भले ही पांच सीटों पर तीसरे स्थान पर रहने में कामयाब रहे हैं, लेकिन किसी सीट पर प्रभाव नहीं छोड़ सके हैं। जिले की सभी सातों सीटों पर जनसुराज के प्रत्याशियों को कुल 30236 वोट मिले हैं। तरारी में तो जनसुराज के प्रत्याशी रहे चन्द्रशेखर को 2271 वोट पाकर पांचवें स्थान पर नोटा से भी पीछे रहना पड़ा और मतगणना के दिन ही शाम को उनका देहांत भी हो गया।

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हालांकि, वे पहले से बीमार बताये जा रहे थे। वहीं बड़हरा सीट पर भी जनसुराज के प्रत्याशी सौरभ यादव को भी महज 3189 वोट मिले और इन्हें भी नोटा से कम वोट पाकर सातवें स्थान पर रहना पड़ा है। हालांकि, जिले की अन्य पांच सीटों पर भले ही अधिक वोट नहीं लाने के बावजूद तीसरे स्थान पर जगह मिली है और नोटा से जनसुराज के प्रत्याशी आगे रहे हैं। सबसे अधिक वोट पाने में संदेश के राजीव रंजन रहे। इन्हें 6040 वोट मिले हैं और तीसरे स्थान पर रहे हैं। वहीं आरा सीट पर डॉ विजय गुप्ता भी 5800 वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे हैं। जगदीशपुर सीट पर भी विजय सिंह 5106 वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे। शाहपुर में पद्मा ओझा भी 3948 वोट अपने पाले में कर सकी हैं। जबकि, अगिआंव सीट पर रमेश कुमार भी 3882 वोट पाकर तीसरा स्थान पाने कामयाब रहे हैं। जनसुराज ने संदेश, जगदीशपुर, शाहपुर व तरारी सीट सवर्ण समाज को टिकट दिया था, जबकि बड़हरा और आरा में पिछड़े वर्ग को टिकट दिया था। जनसुराज से किसी सीट के नतीजे पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ा है। हालांकि इससे संदेश में जीत का अंतर काफी कम जरूर रहा। सबसे कम 27 वोटों से जीत-हार का रिकॉर्ड इस बार संदेश में ही बना है। -------- फिर जमकर चला नोटा का सोटा, तरारी में तीसरे स्थान पर -जिले में कुल 25455 लोगों ने नहीं किया किसी को पसंद, दबाया नोटा का बटन -संदेश में सबसे अधिक 4160 तो शाहपुर में सबसे कम 2006 लोगों ने नोटा चुना आरा, एक संवाददाता। भोजपुर में इस बार के विधानसभा चुनाव में भी वोटरों ने जमकर नोटा का बटन दबाया है। जिले के कुल 25455 लोगों ने किसी प्रत्याशी को पसंद नहीं बनाते हुए नोटा को पसंद किया है। सबसे अधिक संदेश में 4160 लोगों ने नोटा का विकल्प चुना है। यहां नोटा पांचवें स्थान पर रहा है। वहीं तरारी में नोटा ने 4078 वोटों के साथ तीसरा स्थान हासिल किया है। आरा में भी 4154 लोगों ने नोटा को चुना है और यहां भी नोटा चौथे स्थान पर रहा है। अगिआंव में नोटा को 3631 लोगों ने चुना है और नोटा यहां चौथे स्थान पर है। जगदीशपुर में 3955 लोगों ने इस बार नोटा का विकल्प चुना है और यहां भी नोटा चौथे स्थान पर रहा है। बड़हरा में 3471 वोट पाकर नोटा छठे स्थान पर है। यहां सूर्यभान सिंह, सरोज यादव और रणविजय सिंह निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नोटा से आगे रहे हैं। वहीं शाहपुर में भी 2006 वोट पाकर नोटा छठे स्थान पर रहा है। संदेश में नोटा से अधिक वोट पाने में जदयू और राजद के अलावा जनसुराज और निर्दलीय मुकेश यादव रहे हैं। बता दें कि नोटा का मतलब किसी प्रत्याशी को पसंद नहीं करने पर विकल्प के तौर पर ईवीएम में सबसे नीचे एक बटन रहता है। नोटा का विकल्प 2014 के लोकसभा चुनाव और 2015 के बिहार विधानसभा में लागू हुआ था। तब से कई लोग नोटा का विकल्प चुनते हैं। कुछ लोगों को यह भी मानना है कि कई लोगों की ओर से गलती से नोटा समेत किसी अन्य प्रत्याशी के सामने वाला बटन दब जाता है। हालांकि, नोटा एक विकल्प के तौर पर मान्य है और लोग बटन दबाने में संकोच नहीं करते रहे हैं।