कृषि समझौता रद्द करने और चार श्रम कोड कानून वापस लेने को सड़क जाम

Feb 12, 2026 08:50 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, आरा
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-माले ने आरा शहर समेत कई जगहों पर निकाला जुलूस, भारत-अमेरिका कृषि समझौता रद्द करने और चार श्रम कोड कानून वापस लेने की मांग को लेकर देश के सभी ट्रेड यूनियनों की राष्ट्रीय हड़ताल के

कृषि समझौता रद्द करने और चार श्रम कोड कानून वापस लेने को सड़क जाम

-माले ने आरा शहर समेत कई जगहों पर निकाला जुलूस आरा, निज प्रतिनिधि। भारत-अमेरिका कृषि समझौता रद्द करने और चार श्रम कोड कानून वापस लेने की मांग को लेकर देश के सभी ट्रेड यूनियनों की राष्ट्रीय हड़ताल के समर्थन में भाकपा माले ने बस स्टैंड आरा में लगभग एक घंटे तक सड़क जाम की। जाम के बाद जुलूस निकालकर शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए आरा रेलवे स्टेशन परिसर में पहुंचकर सभा आयोजित की गई। सभा को संबोधित करते भाकपा माले नेताओं ने कहा कि देश के आवाम के सामने खाद्यान्न संकट पैदा होगा और पूरा पर्यावरण का संतुलन बिगड़ जाएगा।

भारत-अमेरिका कृषि समझौता सबसे पहले रद्द किया जाए। सिंचाई कृषि जीवन का मूल आधार है, इसलिए सभी सिंचाई परियोजनाओं का जीर्णोद्धार करते हुए नए का निर्माण किया जाए। विशेष भूमि सर्वेक्षण कार्य के रूप को बदलते हुए सभी तरह की जमीन ( कृषि व वास) के भौतिक सत्यापन के जरिए किसानों को खेती की जमीन का और गरीबों को वास की जमीन का कागजात मुहैया कराए जाएं और भौतिक सत्यापन के जरिए खेती करने वाले किसान बटाईदार समेत सब का पंजीकरण कर उन्हें किसान सम्मान निधि और कृषि क्षेत्र में मिलने वाली सभी सुविधाएं मुहैया करायी जाएं। एमएसपी की कानूनी गारंटी के साथ सभी फसलों की सरकारी खरीद की गारंटी की जाए। एपीएमसी एक्ट की पुनर्बहाली के साथ सभी कृषि मंडियों को चालू किए जाए। बिजली के निजीकरण पर रोक लगाते हुए स्मार्ट मीटर की वापसी और किसानों को कृषि कार्य के लिए मुफ्त बिजली देने का प्रबंध किया जाए। साथ ही गन्ना किसानों, फल सब्जी उत्पादक किसानों, मछली-मुर्गी पालक किसानों, केला-मक्का,मखाना उत्पादक किसानों, दूध उत्पादक किसानों के उत्पादों का भी सी टू प्लस 50 प्रतिशत एमएसपी तय कर उनके उत्पाद को भी सरकारी खरीद की गारंटी की जाए। किसानों के सभी फसलों का सार्वजनिक बीमा कंपनियों से बीमा कराने, 60 वर्ष पूरी कर चुके सभी किसान महिला-पुरुष को 10 हजार रुपये मासिक पेंशन का प्रबंध करने की मांग की गई। अगर सरकार इन मांगों को पूरा नहीं करेगी तो इससे बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा। सड़क जाम में भाकपा माले केंद्रीय कमेटी सदस्य अभ्युदय, राजू यादव, राज्य कमेटी सदस्य व अगियांव के पूर्व विधायक शिवप्रकाश रंजन, विजय ओझा, सुधीर कुमार सिंह, क्यामुद्दीन अंसारी,आइसा जिला सचिव विकास कुमार, रौशन कुशवाहा, अमन कुशवाहा, हरेंद्र सिंह, विष्णु ठाकुर, संगीता सिंह, विशाल कुमार, सुशील यादव, अजय गांधी, निरंजन केसरी, सुरेश सिंह, सुरेश पासवान, संतविलास राम, हरेराम सिंह, हरिनाथ राम, साहिल अरोरा, कलावती देवी, राजेश गुप्ता, रितेश कुमार सहित दर्जनों नेता शामिल थे। सहार में माले ने निकाला मार्च सहार, संवाद सूत्र। राष्ट्रीय मजदूर हड़ताल के आह्वान पर भाकपा माले के बैनर तले के खेग्रामस कार्यकर्ताओं ने सहार स्थित पार्टी कार्यालय से मार्च निकाला। यह मार्च विभिन्न मार्गों से होते हुए सहार बस पड़ाव पहुंचा, जहां सभा का आयोजन किया गया। भाकपा माले के प्रखंड सचिव दिलीप कुमार पासवान ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की। सभा में अजीत पासवान, मोबिन, प्रदीप सिंह चंद्रवंशी, लालजी कुमार, मंहगू राम, शिवटहल चौधरी, सुरेंद्र राम सहित दर्जनों खेग्रामस कार्यकर्ता मौजूद रहे। व्यापारिक समझौते को रद्द करने को आक्रोश मार्च पीरो। मागों को ले भाकपा माले कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को पीरो की सड़कों पर आक्रोश मार्च निकाला। नेतृत्व पूर्व विधायक चंद्रदीप सिंह, रामबाबू चंद्रवंशी, दिनेश्वर राम, मनीर आलम, मनोज राम, राहुल पासवान, देवराज सिंह, काशीनाथ राम, विजय राम, हरेराम यादव, अरुण सिंह और श्रीभगवान राम ने किया।

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