असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति में डोमिसाइल लागू करने की मांग
बिहार में असिस्टेंट प्रोफेसर की नई नियुक्ति नियमावली के लिए शिक्षक संगठनों ने संशोधनों की मांग की है। डोमिसाइल नीति के अभाव और लिखित परीक्षा के 80% वेटेज पर आपत्ति जताई गई है। अतिथि शिक्षकों के समायोजन के लिए विशेष प्रावधान की भी मांग की गई है। यदि मांगों पर विचार नहीं हुआ, तो आंदोलन की चेतावनी दी गई है।

नियमावली सार्वजनिक होने के बाद विभिन्न शिक्षक संगठनों ने इसमें कई संशोधन की मांग उठाई आरा, संवाद सूत्र। राज्य सरकार बिहार में प्रस्तावित असिस्टेंट प्रोफेसर की नई नियुक्ति नियमावली लागू करने की तैयारी में है। इसी क्रम में राजभवन की ओर से सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से इस संबंध में सुझाव मांगे गए हैं। बताया जा रहा है कि यदि निर्धारित समय तक सुझाव नहीं मिलते हैं, तो प्रस्तावित नियमावली को ही अंतिम रूप देकर लागू किया जा सकता है। नियमावली सार्वजनिक होने के बाद विभिन्न शिक्षक संगठनों ने इसमें कई संशोधन की मांग उठाई है। वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के अतिथि शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. आदित्य कुमार आनन्द ने कहा कि प्रस्तावित नियमावली में डोमिसाइल नीति का कोई प्रावधान नहीं किया गया है, जो बिहार के अभ्यर्थियों के साथ अन्याय होगा।
उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं को प्राथमिकता देने के लिए नियुक्ति प्रक्रिया में डोमिसाइल नीति लागू की जानी चाहिए। डॉ. आदित्य ने कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया में लिखित परीक्षा को अनिवार्य करने का प्रावधान यूजीसी रेगुलेशन 2018 के खिलाफ है। उनके अनुसार केवल लिखित परीक्षा पर अधिक जोर देने से शोध कार्य, पब्लिकेशन, शिक्षण अनुभव और अन्य अकादमिक उपलब्धियों का महत्व कम हो जाएगा। अतिथि शिक्षकों के लिए नियमावली में किसी स्पष्ट प्रावधान के अभाव पर भी चिंता जताई गई है। बिहार के विभिन्न विश्वविद्यालयों में वर्षों से स्वीकृत और रिक्त पदों पर कार्यरत अतिथि शिक्षकों के समायोजन के लिए नियमावली में विशेष प्रावधान किया जाना चाहिए। इस संबंध में राज्यपाल और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मांग भी की गई है। नियुक्ति प्रक्रिया में केवल लिखित परीक्षा को 80 प्रतिशत वेटेज देना उचित नहीं है। चयन प्रक्रिया में शोध कार्य, प्रकाशन, शिक्षण अनुभव और अन्य शैक्षणिक उपलब्धियों को भी उचित महत्व मिलना चाहिए। इसके अलावा शिक्षक संगठनों ने अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष से बढ़ाकर 55 वर्ष करने की मांग की है, ताकि अधिक योग्य और अनुभवी अभ्यर्थियों को अवसर मिल सके। विवि के अतिथि प्राध्यापक संरक्षक डॉ. अमर कुमार ने कहा कि यदि सरकार उनकी मांगों पर विचार नहीं करती है, तो अतिथि शिक्षक चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करेंगे। बैठक में डॉ. राकेश चौधरी, डॉ. अनंत कुमार, डॉ. राजेश कुमार, डॉ. एस.पी. राय, डॉ. अमरेश कुमार, डॉ. अनामिका, डॉ. पूजा कुमारी, डॉ. संजय कुमार, डॉ. धनंजय राय, डॉ. श्वेता सिंह, डॉ. पिंकी रानी, डॉ. रेडी और डॉ. रत्नेश कुमार सहित कई शिक्षक मौजूद रहे।
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