बाबा दूधनाथ मेले में उमड़ा आस्था का महाकुंभ, एडीजी तक ने लगाई हाजिरी
सुरक्षा में मुस्तैद दिखीं महिला पुलिसकर्मी, मजिस्ट्रेट की निगरानी में संपन्न हुआ पूजा-पाठ, बसंत पंचमी के अवसर पर बाबा के दरबार में न केवल आम श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा, बल्कि एडीजी, मजिस्ट्रेट और मु

सुरक्षा में मुस्तैद दिखीं महिला पुलिसकर्मी, मजिस्ट्रेट की निगरानी में संपन्न हुआ पूजा-पाठ लकड़ी के खिलौनों से लेकर सोंधी खुशबू वाली मिठाइयों तक की सजीं सैकड़ों दुकानें, लाखों का कारोबार मुख्य पार्षद ने की क्षेत्र की खुशहाली की पूजा, प्रशासन ने चाक-चौबंद सुरक्षा के बीच संभाली कमान जगदीशपुर, निज संवाददाता। भोजपुर की सांस्कृतिक विरासत और 150 वर्षों की अटूट आस्था का प्रतीक बाबा दूधनाथ मेला इस वर्ष ऐतिहासिकता और समावेशी श्रद्धा का गवाह बना। बसंत पंचमी के अवसर पर बाबा के दरबार में न केवल आम श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा, बल्कि एडीजी, मजिस्ट्रेट और मुख्य पार्षद जैसे खास अतिथियों ने भी आमजन के साथ कतारबद्ध होकर माथा टेका।
इस दौरान समाज के हर वर्ग, विशेषकर किन्नर समाज की सक्रिय भागीदारी ने मेले को सर्वधर्म समभाव के महाकुंभ में तब्दील कर दिया। मेला परिसर इस बार एक मिनी आर्थिक हब के रूप में नजर आया। यहां सजीं सैकड़ों दुकानों में श्रद्धालुओं ने जमकर खरीदारी की। मेले में लकड़ी के खिलौने सहित अन्य चीजे पर भारी भीड़ देखी गई। किन्नर समाज की आस्था और मुख्य पार्षद का संकल्प मेले में इस बार किन्नर समाज के सदस्यों ने पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की, जिन्हें देखने के लिए लोगों का तांता लगा रहा। वहीं मुख्य पार्षद ने पूजा-अर्चना के बाद कहा कि बाबा दूधनाथ की यह तपोभूमि बिहार के पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान रखने की हकदार है। उन्होंने मेले के बुनियादी ढांचे और जर्जर सड़क की समस्या को उठाते हुए इसे राजकीय मेले का दर्जा दिलाने की मांग को दोहराया। --------------- तीर्थकॉल ब्रह्म बाबा के पास उमड़ा आस्था का सैलाब संदेश । बसंत पंचमी के अवसर पर तीर्थकॉल ब्रह्मबाबा के पास पुजा के लिए श्रद्धालुओं का जन सैलाब उमड़ पड़ा। प्रत्येक वर्ष वसंत पंचमी के अवसर पर पूजा करने को लेकर लोगों की बड़ी हुजूम जुटता है । यह परम्परा लगभग ग्रामीणों के अनुसार पांच सौ साल से चली आ रही है। माघ पंचमी के अवसर पर ब्रम्हबाबा के सामीप पूजा अर्चना करने को लेकर लाखों की संख्या में श्रद्धालु भक्तजन राज्य के कई जिला से लेकर दूसरे राज्य से भी भक्त आकर अपने मनौती के अनुसार चढ़ावा को चढ़ाते हैं। मान्यता है कि जो भी भक्त तीर्थकॉल में स्थित प्राचीन लोगों की आस्था से जुड़ा हुआ ब्रह्मबाबा से जो श्रद्धालू अपनी मनौती को मंगता है वो जरूर पूर्ण होता है। मनौती पूर्ण होने के बाद श्रद्धालू माघ बसंत पंचमी के दिन श्रद्धालू मनौती के अनुसार अरवा चावल एवं गुड़ से निर्मित कचवनिया एवं शुद्ध घी से बना हुआ रोट (ठेकुआ) व अन्य प्रसाद माघ पूर्णिमा के अवसर पर पहुंचकर चढ़ावा चढ़ाते है। इस अवसर पर नास्ता, भोजन, पूजा सामग्री, लोहा से बना हुआ समान, श्रृंगार से सम्बंधित सैकड़ों दुकानदारों के द्वारा एक सप्ताह पूर्व से अपनी-अपनी दुकानें लगाते हैं। संदेश थानाध्यक्ष संजीव कुमार, बीडीओ चंदन कुमार सिंह, सिओ अरुण कुमार के साथ साथ पुलिस बल के जवान एवं पदाधिकारी मुस्तैद रहे।
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