DA Image
हिंदी न्यूज़   ›   बिहार  ›  आरा  ›  कार्रवाई : कुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक समेत कुछ कर्मियों से शोकॉज
आरा

कार्रवाई : कुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक समेत कुछ कर्मियों से शोकॉज

हिन्दुस्तान टीम,आराPublished By: Newswrap
Wed, 26 May 2021 11:00 PM
कार्रवाई : कुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक समेत कुछ कर्मियों से शोकॉज

आरा। निज प्रतिनिधि

वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो देवी प्रसाद तिवारी ने बिना संबंधन वाले विषयों के विद्यार्थियों को डिग्री वितरित किये जाने और हस्ताक्षर के लिए संचिका बढ़ाये जाने पर कड़ा रुख अख्तियार किया है। इस मामले में संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करते हुए स्पष्टीकरण की मांग की है। तीन दिनों के भीतर कुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक समेत कुछ कर्मियों से जवाब देने को कहा है। ऐसा नहीं करने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गयी है। कुलपति ने अपने नोटिस में कहा है कि यह आश्चर्य की बात है कि बार-बार निर्देश के बावजूद ऐसा किया जा रहा है। कई संबद्ध और अंगीभूत कॉलेजों में कुछ विषयों की मान्यता राज्य सरकार से नहीं है। उन्होंने महाराजा कॉलेज के कॉमर्स और समाज शास्त्र विषय का उदाहरण दिया है। कहा है कि डिग्री वितरित किये जाने से पहले संबद्धता के दृष्टिकोण से चेक करने की हिदायत दी गयी। बावजूद इसके डिग्री निर्गत की गयी। साथ ही मेरे पास डिग्री हस्ताक्षर के लिए भेजी जा रही है। शुरू से ही हमारे द्वारा गलत कार्यों का विरोध किया गया है। सुधार को ले मैंने पहल भी की। फिर भी इस तरह का कार्य किया जाना कहीं न कहीं घोर अनियमितता है। मैं क्यों नहीं समझू कि यह एक षडयंत्र भी है। उन्होंने पूर्व में जारी आदेश का पालन नहीं किये जाने को आदेश की अवहेलना बतायी है। कहा कि तीन दिनों के भीतर जवाब दिया जाय। मालूम हो कि डिग्री तैयार करने वाले, सत्यापन करने वाले और चेक करने वाले भी इसमें शामिल है। क्योंकि, मान्यता आदि की जांच कर डिग्री परीक्षा नियंत्रक और कुलसचिव को भेजी जाती है। इसके बाद कुलपति के पास संचिका आती है।

बिना मान्यता वाले कॉलेज व विषयों की मूल डिग्री पर रोक

मालूम हो कि बिना मान्यता वाले कॉलेज और विषयों के विद्यार्थियों की मूल डिग्री निर्गत करने पर रोक है। बावजूद इसके कुछ जगहों के विद्यार्थियों को डिग्री दिए जाने का मामला प्रकाश में आया है। कुलपति प्रो तिवारी ने इसे गंभीरता से लिया है। क्योंकि, इनके द्वारा शुरू से ही इस पर रोक लगाने का आदेश निर्गत किया जा चुका है। कुलपति के आदेश की अवहेलना करने वालों पर कार्रवाई होनी भी तय है।

कई कर्मियों को नोटिस

कुलपति की ओर से किये गये शोकॉज के बाद परीक्षा नियंत्रक डॉ अनवर इमाम ने कई कर्मियों से शोकॉज किया है। इसमें डिग्री तैयार करने वाले, बनाने वाले, सत्यापन करने वाले शामिल हैं। बता दें कि जांच के बाद ही संचिका आगे बढ़ाये जाने का निर्देश था। हाल के दिनों में कुछ ऐसे कॉलेज और विषयों के विद्यार्थियों की डिग्री संबधित संचिका वीसी के बढ़ी, जिसकी मान्यता नहीं है। इसे वीसी ने गंभीरता से लिया है। परीक्षा नियंत्रक डॉ इमाम ने बताया कि कर्मियों से मार्च 2019 से लेकर 20 मई 2021 तक किनकी-किनकी डिग्री निर्गत हुई है, उसकी लिस्ट मांगी गयी है। बताया जाता है कि जिसकी मान्यता नहीं है और डिग्री जारी हुई है, उसे रद्द भी किया जा सकता है।

डिग्री की जांच को ले बनी कमेटी

बिना मान्यता वाले विषयों की डिग्री निर्गत किये जाने के मामले पर वीसी ने कमेटी भी बना दी है। बता दें कि एक सप्ताह पहले कुछ ऐसे कॉलेज और विषयों के विद्यार्थियों का डिग्री देने के लिए संचिका वीसी के पास आई थी। वीसी ने जब जांच की तो मामला सामने आया है कि ऐसे विषय जिनकी मान्यता नहीं है, उनकी भी डिग्री देने के लिए संचिका बढ़ी है। इधर, 12 मार्च 2019 से 20 मई 2021 के बीच छात्र-छात्राओं को किसी भी स्तर पर बांटी गयी उपाधियों (डिग्री) के सत्यापन के लिए जांच कमेटी गठित की है। कमेटी का संयोजक जैन कॉलेज के जंतु विज्ञान के प्रो अजीत कुमार सिन्हा को बनाया गया है। सदस्यों में सीसीडीसी डॉ हीरा प्रसाद सिंह, कॉमर्स के डीन डॉ संजय कुमार सिंह, कॉलेज इंस्पेक्टर आर्ट्स और विज्ञान डॉ प्रसुन्जय कुमार सिन्हा और परीक्षा विभाग की समन्वयक डॉ ट्विंकल केशरी को रखा गया है। कमेटी इस बात की जांच करेगी कि जिन विषयों की डिग्री बांटी गयी है, उस विषय और उस कॉलेज का संबंधन प्राप्त है या नहीं। यदि असंबद्ध कॉलेज का गैर मान्यता प्राप्त विषय की डिग्री दे दी गयी है तो कमेटी इसकी लिस्ट बनाकर वीसी को कार्रवाई के लिए प्रस्तुत करेगी। मालूम हो कि वीसी ने अपने कार्यकाल के दौरान एक भी गलत कार्य नहीं करने को ले यह कदम उठाया है। अब देखना यह है कि निर्देश के बाद कितने गलत डिग्री निर्गत हुए है। कमेटी अपनी रिपोर्ट कब तक सौंपती है।

अब संबंधन शाखा से होकर वीसी के पास जायेगी संचिका

गलत कार्य कराये जाने की भनक लगने पर वीसी सजग हो गये हैं। उन्होंने आदेश जारी किया है कि अब डिग्री से संबंधित संचिका संबधंन शाखा से होकर वीसी के पास आयेगी। किस कॉलेज और विषय की मान्यता नहीं है, संबंधन शाखा उसकी जांच करेगी। अगर बिना मान्यता वाले कॉलेज और विषय की संचिका बढ़ती है तो उस पर रोक लगायी जायेगी ताकि विवि प्रशासन से कोई गलत कार्य नहीं हो सके।

संबंधित खबरें