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हिंदी न्यूज़ बिहार आरापोते की जीत की खुशी में चल बसे 99 वर्षीय गोरख राम

पोते की जीत की खुशी में चल बसे 99 वर्षीय गोरख राम

हिन्दुस्तान टीम,आराNewswrap
Wed, 27 Oct 2021 11:00 PM
पोते की जीत की खुशी में चल बसे 99 वर्षीय गोरख राम

अजब-गजब

चरपोखरी में हार का गम बर्दाश्त नहीं कर सके मुखिया प्रत्याशी के पति

बिहिया में पोते की जीत के बाद बुजुर्ग बोले-अब जाने का समय हो गया

आरा, चरपोखरी। हमारे संवाददाता

भोजपुर में एक ओर हार का गम बर्दाश्त नहीं कर सके मुखिया प्रत्याशी के पति तो दूसरी ओर पोते की जीत की खबर सुनने के बाद दादा ने दम तोड़ दिया। जिले के बिहिया प्रखंड की कल्याणपुर ग्राम पंचायत के मोतीरामपुर गांव के निवासी 99 वर्षीय गोरख पासवान अपने पोते धनजी पासवान के वार्ड सदस्य पद से निर्वाचित होने की खबर जैसे ही दूसरे पोते से सुनी तो खुशी से उनकी आंखों से आंसू निकले पड़े। फिर परिजनों से कहा-अब मेरा समय आ गया है, मुझे पानी पिला दो। इतना शब्द मुख से निकलते ही परिजनों ने तुरंत पानी पिलाया। इतने में अन्य लोगों की भीड़ जमा हो गई और देखते ही देखते वे स्वर्ग सिधार गये। परिजनों के अनुसार वे लंबे समय से बीमार थे। गोरख पासवान का नाम गांव के सबसे वयोवृद्ध में शामिल था। धनजी पासवान मोतीरामपुर के वार्ड नंबर 12 से वार्ड सदस्य पद के लिए दूसरी बार चुनाव लड़ रहे थे। पहली बार चुनाव में अपने प्रतिद्वंद्वी से महज कुछ ही मतों से पराजित हुए थे, परंतु इस बार 119 मत पाकर प्रतिद्वंद्वी दिलरोज यादव से 26 मतों से जीत गए थे। पोते धनजी पासवान मंगलवार को मतगणना केंद्र स्थल छत्रिय प्लस टू हाई स्कूल आरा में मतगणना के लिए पहुंचे थे। गोरख पासवान का अंतिम संस्कार बुधवार को गंगा नदी के महुली घाट पर किया गया। मुखाग्नि बड़े पुत्र बनवारी राम ने दी। वे अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनकी मौत पर ग्रामीणों ने शोक व्यक्त किया है।

चरपोखरी में हार के गम में मुखिया प्रत्याशी के पति ने तोड़ दिया था दम

चरपोखरी प्रखंड में ठकुरी पंचायत की मुखिया प्रत्याशी उषा देवी की हार की खबर सुन पहले से ही अस्पताल में भर्ती प्राध्यापक पति कुमार जानकी सिंह ने दम तोड़ दिया। बता दें कि लीलारी गांव निवासी उषा देवी मुखिया का चुनाव लड़ रही थीं। इस बीच उनके पति कुमार जानकी सिंह की तबीयत खराब होने उन्हें आरा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मंगलवार को चुनाव परिणाम आने के बाद पत्नी की हार की खबर सुन उनकी हालत और बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें आरा से पटना रेफर कर दिया गया। पटना ले जाने में रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।

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