आनंद मोहन के बेटों में विरासत पर सियासत, चेतन पर अंशुमन ने क्यों बोल दिया हमला?
Anand Mohan Family: बिहार के चर्चित नेता आनंद मोहन के छोटे बेटे अंशुमन मोहन के छह महीने पुराने भाषण का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो बड़े भाई चेतन आनंद पर शिवहर छोड़कर नबीनगर लड़ने के लिए हमले बोल रहे हैं।

Anand Mohan Family: बिहार के चर्चित बाहुबली नेता आनंद मोहन के परिवार में सब ठीक है या नहीं, इसको लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। आनंद मोहन के छोटे बेटे अंशुमन मोहन का झारखंड के धनबाद में 11 जनवरी 2026 को दिए गए भाषण का पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें वो अपने बड़े भाई विधायक चेतन आनंद पर सीधे हमला बोल रहे हैं। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के टिकट पर आनंद मोहन की पत्नी लवली आनंद शिवहर से सांसद हैं, जबकि चेतन आनंद औरंगाबाद जिले की नबीनगर सीट से विधायक हैं। चेतन पिछली बार शिवहर से राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के टिकट पर जीते थे, लेकिन पूर्व सीएम नीतीश कुमार के महागठबंधन छोड़ एनडीए में लौटने के बाद सरकार के साथ हो गए थे। नबीनगर से अंशुमन के लड़ने की प्रबल संभावना बनी थी, लेकिन चेतन शिवहर से वहां शिफ्ट हो गए।
धनबाद में 11 जनवरी 2026 को राजपूत करणी सेना ने क्षत्रिय समाज का एक कार्यक्रम आयोजित किया था, जिसमें अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के उपाध्यक्ष के नाते अंशुमन मोहन आमंत्रित थे। इस छह महीने पुराने कार्यक्रम से उनके भाषण का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। अंशुमन मोहन भाषण में कह रहे हैं- ‘हमारे पिता आपके बीच में आते-जाते रहे हैं। कभी बिहार-झारखंड में लोगों को टिकट बांटा करते थे। आज उनका बड़ा बेटा एक पार्टी से कूदकर दूसरे पार्टी में अपने भाई के साथ कार्यकर्ताओं का हक मारकर 100 वोटों से चुनाव जीता। जिन्हें यह समझ नहीं है कि दूसरों के प्लेट से खाने से केवल मोटापा बढ़ता है। यदि हम चाहते तो हमारे एक पोस्ट से चुनाव हरा सकते थे, लेकिन शांत हूं…।’
अंशुमन मोहन यह भी कहते हैं कि जिस पार्टी ने उनके पिता को 17 साल जेल में रखा, चेतन उसकी गुलामी कर रहे हैं। चेतन के शिवहर छोड़कर नबीनगर से लड़ने की चर्चा किए बिना अंशुमन कहते हैं- ‘एक दौर था, जब बड़े छोटे के लिए राजगद्दी त्यागकर वनवास चले जाते थे। आज छोटे को रोकने के लिए एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र भाग आते हैं।’ असल में बिहार में नवंबर 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले अंशुमन राजनीतिक पारी की शुरुआत के लिए काफी सक्रिय थे। दिल्ली में कई नेताओं से मिल रहे थे, और उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी डाल रहे थे। टिकटों के ऐलान से पहले उनके नबीनगर से लड़ने की बात लगभग फाइनल बताई जा रही थी। चर्चा थी कि अंशुमन भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के टिकट पर पहला चुनाव लड़ सकते हैं। लेकिन आखिरकार चेतन आनंद की सीट बदलकर उनको जेडीयू ने शिवहर से नबीनगर भेज दिया। चेतन बड़ी मुश्किल से 112 वोट के अंतर से जीतकर दोबारा विधायक बन पाए।
आपको याद ना हो तो बता दें कि 2024 के लोकसभा चुनाव में शिवहर संसदीय सीट से परिवार की तरफ से अंशुमन मोहन ने बैक-अप कैंडिडेट के तौर पर पर्चा भरा था। जब उनकी मां लवली आनंद का पर्चा पास हो गया तो उन्होंने नाम वापस ले लिया। अंशुमन क्षत्रिय महासभा की बैठक में देश भर में बुलाए जाते हैं। बिहार के अंदर भी तमाम आयोजनों में उनकी भागीदारी दिखती है। अंशुमन इन आयोजनों के फोटो वगैरह नियमित रूप से अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर करते हैं। लेकिन उनके फेसबुक और इंस्टाग्राम पर 27 सितंबर 2025 के बाद साढ़े तीन महीने तक सन्नाटा रहा। यह वही समय था, जब विधायिकी के टिकट फाइनल हो रहे थे। इस ब्रेक के बाद उनका पहला पोस्ट 10 जनवरी 2026 का है, जो धनबाद के उसी कार्यक्रम को लेकर है, जिसके भाषण अब वायरल हो रहे हैं। उसके बाद से अंशुमन सामान्य रूप से फोटो वगैरह साझा रहे हैं।
चेतन और अंशुमन के सोशल मीडिया हैंडल देखने से दोनों भाई के बीच दूरी दिखती है। विधानसभा चुनाव के बाद से उनके फोटो एक-दूसरे के हैंडल पर नजर नहीं आ रहे हैं। अलबत्ता चेतन आनंद के साथ उनकी डॉक्टर पत्नी आयुषी सिंह तोमर सभा-समारोह और नबीनगर में सक्रियता के साथ नजर आ रही हैं। विधानसभा चुनाव के बाद अंशुमन की सक्रियता सहरसा में बढ़ी है, जो आनंद मोहन का गृह जिला है। अंशुमन मोहन की चुनावी लॉन्चिंग 2025 में भले टल गई हो, लेकिन उनके तेवर और भाषण से यह बेशक नजर आता है कि वो सदन में पहुंचने की राजनीति में कूदने के लिए बेताब हैं।


