भ्रष्ट पूर्व DSP गौतम कुमार की गर्लफ्रेंड के नाम पर सिलीगुड़ी में भी मकान, ईओयू ने फिर बुलाया
महिला मित्र शगुफ्ता शमीम के नाम पर बागडोगरा निबंधन कार्यालय से जुलाई 2025 में रजिस्टर्ड कराई गई थी। इस नयी संपत्ति का खुलासा होने के बाद ईओयू ने गौतम कुमार को पुन: शुक्रवार को पूछताछ के लिए बुलाया है। उनको दस्तावेज के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है।

बिहार में भ्रष्ट अफसरों पर कानून का डंडा लगातार चल रहा है। अब आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोपी किशनगंज के पूर्व एसडीपीओ गौतम कुमार की पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में एक नयी संपत्ति कंफर्म हुई है। ईओयू को सिलीगुड़ी में उनके दो मंजिला मकान का पता चला है जो कि उनकी महिला मित्र शगुफ्ता शमीम के नाम पर बागडोगरा निबंधन कार्यालय से जुलाई 2025 में रजिस्टर्ड कराई गई थी। इस नयी संपत्ति का खुलासा होने के बाद ईओयू ने गौतम कुमार को पुन: शुक्रवार को पूछताछ के लिए बुलाया है। उनको दस्तावेज के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है।
ईओयू के कई सवालों पर असहज हुए वैभव
इधर आय से अधिक संपत्ति मामले में ही आरोपित सहरसा के पूर्व डीआरडीए निदेशक वैभव कुमार से बुधवार को पटना स्थित ईओयू मुख्यालय में करीब साढ़े चार घंटे तक पूछताछ हुई। इस दौरान जांच में पूर्व निदेशक के पास मिले 16 रजिस्टर्ड डीड, मुजफ्फरपुर में चल रहे आईटीआई प्रशिक्षण संस्थान और पिता के नाम पर रजिस्टर्ड चैरिटेबल ट्रस्ट को लेकर खूब सवाल हुए।
ईओयू के जांच अधिकारियों ने पूर्व निदेशक और उनके परिवार के नाम पर रजिस्टर्ड इन संपत्तियों की खरीद और आय के स्रोत से जुड़े कई सवाल किए। इन सवालों पर डीआरडीए निदेशक कभी असहज नजर आए तो कभी अपने पक्ष को सही ठहराने की कोशिश की। वे कई सवाल टाल गए, जबकि कुछ सवालों का जवाब देने के लिए समय मांगा। इसको देखते हुए उनको मंगलवार को पुन: दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने का नोटिस दिया गया है। पूछताछ ईओयू के एसपी ने की। मौके पर ईओयू डीएसपी व केस के अनुसंधान पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
परिजनों के नाम पर खरीदी गई परिसंपत्तियों से संबंधित कागजात मांगे
ईओयू ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि पूर्व डीआरडीए निदेशक वैभव कुमार से सुबह 10.30 से दोपहर तीन बजे तक पूछताछ चली। इस दौरान उनके द्वारा दी गई जानकारियों का सत्यापन किया गया। ईओयू के स्तर पर भी वैभव एवं उनके परिजनों के नाम पर खरीदी गई परिसंपत्तियों से संबंधित अभिलेख और निवेश की जानकारी संबंधित कार्यालयों से मांगी गई है।


