घुड़सवारी करते दिखे अनंत सिंह के बेटे, मोकामा विधायक ने संतुलन बनाया सिखाया
मीडिया रिपोर्ट में यह भी कहा जा रह है कि बेटे को घुड़सवारी की ट्रेनिंग देते वक्त अनंत सिंह खुद वहां मौजूद थे। हालांकि, लाइव हिन्दुस्तान इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। कहा जा रहा है कि अनंत सिंह ने अपने बेटे को घोड़े पर बैठकर संतुलन बनाना और लगाम पकड़ना सिखाया।

बिहार की हॉट सीट मानी जाने वाली मोकामा विधानसभा सीट से जनता दल (यूनाइटेड) के विधायक अनंत सिंह अक्सर चर्चा में रहते हैं। अपने बेबाक बोल और अंदाज के लिए चर्चित अनंत सिंह की पहचान एक बाहुबली के तौर पर भी है। अनंत सिंह ने हाल ही में कहा था कि अब वो विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ेंगे और उनके बेटे चुनाव लड़ेंगे। इसी के साथ अनंत सिंह ने यह भी कहा था कि उनके तीन बेटे हैं और जो जनता की सेवा करेगा उसे ही जनता जिताएगी। इस बीच अनंत सिंह के छोटे बेटेघुड़सवारी करते नजर आए हैं।
इसका एक वीडियो भी विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हुआ है। इस वीडियो में विधायक अनंत सिंह के छोटे बेटे अभिनव बड़ी ही आराम से घुड़सवारी कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि यह वीडियो पटना का है। मीडिया रिपोर्ट में यह भी कहा जा रह है कि बेटे को घुड़सवारी की ट्रेनिंग देते वक्त अनंत सिंह खुद वहां मौजूद थे। हालांकि, लाइव हिन्दुस्तान इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। कहा जा रहा है कि अनंत सिंह ने अपने बेटे को घोड़े पर बैठकर संतुलन बनाना और लगाम पकड़ना सिखाया। वीडियो में उनके बेटे अभिवन बड़े ही आराम से घोड़े पर घुड़सवारी करते नजर आ रहे हैं।
सोशल मीडिया पर इस बात की भी चर्चा हो रही है कि जमानत पर बाहर आए अनंत सिंह अपने बेटे को पटना के सुरक्षित इलाका माने जाने वाले बिहार विधानसभा इलाके में घुड़सवारी सिखा रहे हैं और कानून व्यवस्था लाचार नजर आ रही है।
बहरहाल आपको बता दें कि पटना उच्च न्यायालय ने पिछले वर्ष बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान दुलारचंद यादव की हत्या के मामले में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के विधायक अनंत सिंह को हाल ही में जमानत दे दी है। अनंत सिंह को एक नवंबर को गिरफ्तार किया गया था और उन पर हत्या की साजिश रचने का आरोप है। अनंत सिंह ने मोकामा विधानसभा सीट से जेल में रहते हुए चुनाव जीता था और राष्ट्रीय जनता दल ( राजद) की वीणा सिंह को 28,000 से अधिक मतों से हराया था।
न्यायमूर्ति रुद्र प्रकाश मिश्रा की पीठ ने 15,000 रुपये के मुचलके पर सिंह को जमानत प्रदान की थी। अदालत ने आदेश में कहा था कि याचिकाकर्ता मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा और न ही किसी गवाह को प्रभावित या धमकाएगा। दुलारचंद यादव, चुनाव में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार का समर्थन कर रहे थे।


