
प्रचार में अचानक टकराए अनंत सिंह और पीयूष, मोकामा में कैसे खूनी संघर्ष में बदल गया चुनाव
बिहार की मोकामा विधानसभा सीट पर चुनावी माहौल में खून के छींटे पड़ने से सियासी पारा गर्मा गया है। जेडीयू प्रत्याशी अनंत सिंह और जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के समर्थकों के बीच हुई भिड़ंत्त में दुलारचंद यादव की हत्या कर दी गई।
बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान पटना जिले की मोकामा सीट पर जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) और जन सुराज पार्टी के प्रत्याशियों के बीच गुरुवार को भिड़ंत्त हो गई। जदयू प्रत्याशी एवं बाहुबली पूर्व विधायक अनंत सिंह और जन सुराज के कैंडिडेट पीयूष प्रियदर्षी के काफिले चुनाव प्रचार के दौरान अचानक आमने-सामने आ गए। तभी दोनों ही पक्षों के समर्थकों के बीच गाली-गलौज होना शुरू हो गई। फिर बवाल इतना बढ़ा कि फायरिंग और रोड़ेबाजी हुई। इसमें पीयूष के समर्थन में प्रचार कर रहे बाहुबली दुलारचंद यादव की हत्या कर दी गई।

दुलारचंद यादव हत्याकांड में पुलिस ने परिजन के बयान के आधार पर अनंत सिंह समेत 5 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल है। मौके पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। पुलिस के वरीय पदाधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है। दुलारचंद यादव को पैर में गोली लगी है। उन पर गाड़ी चढ़ाने का भी आरोप है। पोस्टमार्टम के बाद मौत की वजह स्पष्ट हो पाएगी।
मोकामा में चुनावी टकराव कैसे हिंसा में बदला
बताया जा रहा है कि मोकामा के टाल क्षेत्र में खुशहाल चक के पास से जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी का काफिला गुजर रहा था। वे अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ रोड शो करते हुए प्रचार कर रहे थे। उनके समर्थन में बाहुबली दुलारचंद यादव भी साथ थे। तभी, उसी रास्ते से जदयू के प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह का काफिला गुजरा। इसी दौरान दोनों ही पार्टियों के समर्थकों में बहसबाजी हो गई। घटना गुरुवार दोपहर करीब साढ़े 3 बजे की है।
बताया जा रहा है कि अनंत सिंह और पीयूष के समर्थकों के बीच पहले गाली गलौज हुई। कुछ ही समय में इस टकराव ने हिंसक रूप ले लिया। बात बढ़ने पर ईंट-पत्थर चलने लगे। गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए गए। इस बीच गोलियां भी चलने लगीं। इसी संघर्ष में एक गोली दुलारचंद यादव के पैर में लग गई। इससे वे सड़क पर गिर गए। तभी उनके ऊपर गाड़ी चढ़ा दी गई, जिससे उनकी मौत हो गई।
दुलारचंद यादव के परिजन ने अनंत सिंह और उनके समर्थकों पर दुलारचंद यादव की गोली मारने और फिर गाड़ी चढ़ाकर जान से मारने का आरोप लगाया है। जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष ने भी कहा कि उनके काफिले पर हमला हुआ और चाचा दुलारचंद की हत्या कर दी गई। उन्होंने अपने काफिले की गाड़ियों में तोड़फोड़ के भी आरोप लगाए।
दूसरी ओर, अनंत सिंह का कहना है कि जब यह बवाल हुआ तब वे लगभग 30 गाड़ियां आगे थे। उनके काफिले की 10 गाड़ियां पीछे रह गई थीं, उन पर हमला कर दिया गया। रोड़ेबाजी कर उनके शीशे तोड़ दिए गए। जदयू प्रत्याशी ने दावा किया कि दुलारचंद यादव ने ही पहले झगड़ा शुरू किया। अनंत सिंह ने आरजेडी प्रत्याशी वीणा देवी के पति एवं बाहुबली सूरजभान सिंह पर साजिश के आरोप लगाए हैं। हालांकि, सूरजभान ने इस पर कुछ भी बोलने से फिलहाल इनकार कर दिया।
बाहुबलियों का गढ़ है मोकामा
मोकामा विधानसभा और आसपास का इलाका बाहुबलियों का गढ़ माना जाता है। अनंत सिंह का यहां काफी दबदबा रहा है। वे लगातार पांच बार मोकामा से विधायक चुने गए, जेल गए तो पत्नी नीलम देवी MLA बनीं। बरी होने के बाद अब खुद दोबारा जेडीयू के टिकट पर चुनावी मैदान में हैं। वहीं, आरजेडी नेता सूरजभान सिंह भी बड़े बाहुबली हैं। उनका अनंत सिंह के भाई दिलीप सिंह 90 के दशक में टकराव होता रहा है। दुलारचंद यादव का भी टाल क्षेत्र में खासा आतंक रहा। वे लंबे समय तक आरजेडी से जुड़े रहे और लालू यादव के करीबी रहे। उनके खिलाफ हत्या, अपहरण, जमीन कब्जा, रंगदारी जैसे कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे।
(हिन्दुस्तान टीम मोकामा और पटना की रिपोर्ट के आधार पर)





