
अनंत सिंह ने खाई जेल की रोटी-सब्जी, बिहार चुनाव बाद छोटे सरकार को रिमांड पर लेने की तैयारी
जेल मेनुअल के मुताबिक बेऊर जेल में शाम को सब्जी-रोटी बनी थी। जेल सूत्रों ने बताया की तीनों को विशेष सुरक्षा वार्ड स्थित सेल में जेल में बनी सब्जी-रोटी खाने के लिए दी गई। सभी ने खाना खाया।
चर्चित दुलारचंद यादव हत्याकांड में गिरफ्तारी के बाद मोकामा के पूर्व विधाय अनंत सिंह सहित तीनों को बेऊर जेल के विशेष सुरक्षा वार्ड में रखा गया है। जेल अधीक्षक नीरज कुमार झा ने बताया कि स्थित को देखते हुए उन्हें सोमवार को दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया जा सकता है। जेल मेनुअल के मुताबिक बेऊर जेल में शाम को सब्जी-रोटी बनी थी। जेल सूत्रों ने बताया की तीनों को विशेष सुरक्षा वार्ड स्थित सेल में जेल में बनी सब्जी-रोटी खाने के लिए दी गई। सभी ने खाना खाया।
मालूम हो कि तीन महीना पहले ही अनंत सिंह बेऊर जेल से बाहर निकले थे। चुनाव के बाद मामले की जांच के लिए पुलिस अनंत सिंह को रिमांड पर ले सकती है। मोकामा विधानसभा के तारतर गांव में 30 अक्तूबर को चुनाव प्रचार के दौरान जदयू प्रत्याशी अनंत सिंह और जनसुराज पार्टी के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी के प्रचार काफिले में मौजूद लोगों के बीच झड़प हो गई थी। इसी दौरान गोली लगने और कार से कुचले जाने से जनसुराज के समर्थक तारतर गांव निवासी 75 वर्षीय दुलारचंद यादव की मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने दोनों प्रत्याशी की ओर से सहित कुल चार एफआईआर की है।
इधर डीजीपी विनय कुमार ने रविवार को कहा कि मोकामा की घटना राइटिंग मॉब (दंगाई भीड़) थी। नेतृत्वकर्ता से लेकर शामिल हर व्यक्ति पर दंगा की सामूहिक जिम्मेदारी होती है। पूर्व विधायक अनंत सिंह की गिरफ्तारी इसी आधार पर की गयी है। इसी आधार पर जनसुराज उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी भी गिरफ्तार होंगे। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी के बाद अनंत सिंह से पूछताछ की गयी है। आवश्यकता पड़ने पर रिमांड पर लेकर फिर पूछताछ होगी।
शांतिपूर्ण चुनाव पहली प्राथमिकता, विद्वेष न फैलाएं : डीजीपी विनय कुमार ने शांतिपूर्ण चुनाव प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने आह्वान किया कि कोई भी व्यक्ति खास कर युवा उपद्रवी गतिविधियों में शामिल न हों। अगर घटनास्थल पर मौजूद किसी व्यक्ति के पास कोई साक्ष्य या फुटेज हो तो सीआईडी को सौंप दें। अगर घटनास्थल पर मौजूद किसी व्यक्ति के पास कोई साक्ष्य, वीडियो फुटेज या कोई जानकारी हो तो सीआईडी को सौंप दें।
यह साक्ष्य सरदार पटेल भवन स्थित सीआईडी कार्यालय या फोन नंबर 9031828782 एवं 9031828826 पर उपलब्ध कराया जा सकता है। डीजीपी ने बताया कि सीएपीएफ की 13 कंपनियां, एसटीएफ की दो यूनिट और पटना पुलिस की चार क्यूआरटी टीम के साथ पटना ग्रामीण एसपी के नेतृत्व में कई डीएसपी के साथ लगातार छापेमारी एवं गश्ती की जा रही है। शव यात्रा के दौरान तोड़फोड़ एवं उपद्रव करने में 25 व्यक्तियों को बाढ़ अनुमंडल के थानों द्वारा गिरफ्तार किया गया है। वीडियो फुटेज के आधार पर सभी उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।





