अनंत सिंह बोले- शराब चालू होना चाहिए, मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा- बोलने से पहले...
बिहार से शराबबंदी को हटाने की मांग करने वाले जेडीयू के बाहुबली विधायक अनंत सिंह को मंत्री दिलीप जायसवाल ने नसीहत दे दी है। अनंत सिंह ने मांग की है कि बिहार में शराब चालू होनी चाहिए।

बिहार के मोकामा से जनता दल यूनाइटेड (JDU) के बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने शराबबंदी खत्म करने की मांग की है। अब नीतीश सरकार में भारतीय जनता पार्टी (BJP) कोटे से मंत्री दिलीप जायसवाल ने उन्हें नसीहत दे दी है। जायसवाल ने अनंत सिंह का नाम लिए बिना कहा कि कोई भी नेता बोलने से पहले शराबबंदी की अच्छाई पर चर्चा करें। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन क्या रास्ता निकल सकता है इसकी भी चर्चा करनी चाहिए।
दुलारचंद यादव हत्याकांड में जमानत पर जेल से छूटने के बाद मोकामा विधायक अनंत सिंह बीते एक सप्ताह से अपने बयानों की वजह से चर्चा में बने हुए हैं। हाल ही में मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा था कि बिहार में शराब चालू होनी चाहिए। जेडीयू विधायक ने मंगलवार को कहा था कि शराबबंदी जिस उद्देश्य से लागू की गई थी, वह पूरा नहीं हुआ है। कई लोग आज भी शराब पी रहे हैं। तस्करी बढ़ गई है। साथ ही शराबबंदी के बाद सूखे नशे का भी चलन बढ़ा है।
उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल से बुधवार को जब इस बारे में पत्रकारों ने सवाल किया, तो उन्होंने कहा कि शराबबंदी और सूखा नशा दोनों अलग चीजें हैं। शराबबंदी पर जब भी कोई नेता बोलता है, तो पहले शराबबंदी से क्या अच्छाई हुई इसकी भी चर्चा करनी चाहिए।
जेडीयू के विधायक द्वारा शराबबंदी पर सवाल उठाए जाने की बात पर मंत्री ने कहा, “इन सब बातों में पार्टी का कोई मतलब नहीं रहता है। कोई भी व्यक्ति कुछ भी बोल सकता है, सभी को बोलने का हक है। मगर चर्चा इस बात पर करनी चाहिए कि शराबबंदी की क्या अच्छाई है और क्या बुराई है।”
बता दें कि बिहार में साल 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है। इसके तहत राज्य में शराब के उत्पादन, बिक्री और सेवन पर पूर्णतया प्रतिबंध है। शराबबंदी कानून लागू होने के बाद से राज्य में अवैध शराब के धंधे और पड़ोसी राज्यों एवं नेपाल से तस्करी बढ़ गई। वहीं, दूसरी ओर शराब नहीं मिलने से राज्य में सूखे नशे का भी प्रचलन बढ़ गया है। युवा पीढ़ी सूखे नशे की चपेट में आ रही है, जो चिंता का विषय बना हुआ है।
समय-समय पर राज्य में लागू शराबबंदी कानून की समीक्षा की बात उठती है। पिछले बिहार विधानसभा के बजट सत्र में विपक्ष के साथ-साथ सत्ता पक्ष के कुछ विधायकों ने भी शराबबंदी पर सवाल उठाते हुए कानून की समीक्षा करने की मांग की थी। हालांकि, नीतीश सरकार की ओर से इससे साफ इनकार कर दिया गया था।
लेखक के बारे में
Jayesh Jetawatजयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।
जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


