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कपड़े बदलकर ना आ जाए जंगलराज; अमित शाह ने हिन्दुस्तान बिहार समागम में दिया 20 साल का हिसाब

कपड़े बदलकर ना आ जाए जंगलराज; अमित शाह ने हिन्दुस्तान बिहार समागम में दिया 20 साल का हिसाब

संक्षेप:

अमित शाह ने कहा, 'यदि चुनाव आयोग SIR के जरिए घुसपैठियों को निकालता है तो उन्हें तकलीफ क्या है। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्होंने घुसपैठ होने देकर अपना वोट बैंक बढ़ाया है। हम भाजपा के रूप में यही मांग रखते हैं कि पूरे देश में SIR होना चाहिए और चुन-चुनकर घुसपैठियों को निकाला जाए।'

Sat, 18 Oct 2025 11:38 AMSurya Prakash लाइव हिन्दुस्तान, पटना
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होम मिनिस्टर अमित शाह ने हिन्दुस्तान बिहार समागम में कई अहम सवालों के जवाब दिए हैं। उन्होंने घुसपैठिया, बिहार के विकास, जंगलराज, चुनाव आयोग के SIR समेत कई मसलों पर बात की। उन्होंने सीट बंटवारे को लेकर उपजे मतभेदों पर कहा कि एनडीए में कोई विवाद नहीं है। अमित शाह ने कहा कि हम राजनीतिक दल हैं और सभी की अपनी मांग होती है, लेकिन जब एक बार सीटें तय हो जाती हैं तो फिर सब मिलकर काम करने लगते हैं। राहुल गांधी की ओर से वोट चोरी के सवाल पर अमित शाह ने कहा कि जो देश का नागरिक नहीं है, वह कैसे तय करेगा कि सरकार किसकी होगी। देश का पीएम विदेशी नागरिक थोड़ी तय करेंगे।

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अमित शाह ने प्रधान संपादक शशि शेखर से बातचीत में कहा, 'यदि चुनाव आयोग SIR के जरिए घुसपैठियों को निकालता है तो उन्हें तकलीफ क्या है। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्होंने घुसपैठ होने देकर अपना वोट बैंक बढ़ाया है। हम भाजपा के रूप में यही मांग रखते हैं कि पूरे देश में SIR होना चाहिए और चुन-चुनकर घुसपैठियों को निकाला जाए।' उनसे पूछा गया कि घुसपैठ रोकने का काम तो केंद्र सरकार का ही है और आप कितने सफल हुए हैं? इस सवाल पर अमित शाह ने कहा कि बंगाल और झारखंड में हमारी सरकार नहीं है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि बॉर्डर कोई सीधी सड़क नहीं है। वहां बहुत सी जटिलताएं होती हैं। मौसम की मार भी होती है। नदी के बहाव, पर्वत, बर्फबारी जैसी स्थितियों में 24 घंटे की निगरानी करना मुश्किल होता है।

उन्होंने कहा कि सवाल यह है कि जब कोई घुसपैठिया एंट्री करता है तो किसी गांव में जाता है। ऐसी स्थिति में वहां का स्थानीय प्रशासन कैसे निगरानी करता है और उन्हें बाहर क्यों नहीं निकलता। यह जरूरी सवाल है। नई पीढ़ी के तमाम लोगों को तो जंगलराज याद ही नहीं है, जिसकी आप बात करते हैं। इस पर अमित शाह ने कहा कि मैं उसे ही याद दिलाने यहां आया हूं। 20 साल से हम यहां हैं तो क्या हुआ? इसका जवाब है कि हमने सारे गड्ढे भरे हैं। पहले 10 साल में यहां की कानून व्यवस्था सही हुई है। नरसंहार, फिरौती, कत्लेआम का दौर समाप्त हुआ है। इसके बाद हमने सड़कें बनानी शुरू कीं। सामाजिक न्याय के तहत नए युग की शुरुआत हुई। फिर अगले 10 साल में कई बड़े-बड़े निर्माण हुए हैं। गंगा में 10 नए पुल बन रहे हैं और 4 बन चुके हैं। पटना से गया जाने में मुझे साढ़े 6 घंटे लगे थे, जब मैं पिताजी का श्राद्ध करने गया था। अब यह टाइम दो घंटे का ही है।

अमित शाह ने बताया- अगले 10 साल में बिहार में क्या करेंगे

अब जो 10 साल आएंगे, उसमें हम बिहार को औद्योगिक राज्य बनाएंगे। एआई का हब बनाएंगे। बिहार में पानी की कमी नहीं है और मेहनती लोग हैं। यहां के लोग बुद्धिमत्ता में भी बहुत आगे हैं। बिहार में पूर्णिया, दरभंगा और पटना में एयरपोर्ट बन गए हैं। हमने साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये खर्च करके बिहार की सड़कें मजबूत की हैं। बिहार में बिजली के 4 कारखाने लगे हैं और राज्य अब विद्युत आपूर्ति में आत्मनिर्भर बन चुका है। 20 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन हो गया है। हमारी कोशिश है कि कपड़े बदलकर या चेहरा बदलकर जंगलराज फिर से बिहार में ना आ जाए।

'मैंने तो घुसपैठिया बोला है, हिंदू या मुसलमान तो कहा नहीं'

उन्होंने कहा कि बिहार में जमीन की कमी रही है। जमीन अधिग्रहण में इसके चलते समस्याएं रही हैं। ऐसी स्थिति में हम बिहार को एआई का हब बनाना चाहते हैं। हम एआई की तकनीक में तैयार युवाओं को रोजगार दिलाने के प्रयास करेंगे। बिहार में बाढ़ के चलते तबाही मचती रही है, लेकिन नरेंद्र मोदी ने 2024 के बजट में कोसी के लिए हजारों करोड़ का बजट दिया है। इससे 50 हजार एकड़ से ज्यादा भूमि सिंचित भी होगी और राज्य बाढ़ से पूरी तरह से मुक्त हो जाएगा। वहीं ध्रुवीकरण के आरोप की बात आई तो अमित शाह ने कहा कि मैंने ऐसा कुछ कहां कहा। मेरा शब्द सिर्फ घुसपैठिया है। मैंने हिंदू या मुसलमान घुसपैठिया नहीं कहा है। दिक्कत विपक्ष की है, जो कह रहा है कि मुस्लिम घुसपैठिया है तो उसे रहने दीजिए। यही सांप्रदायिकता है और यही ध्रुवीकरण की राजनीति है। हम तो ऐसा कुछ नहीं कर सकते।

Surya Prakash

लेखक के बारे में

Surya Prakash
दुनियादारी में रुचि पत्रकारिता की ओर खींच लाई। समकालीन राजनीति पर लिखने के अलावा सामरिक मामलों, रणनीतिक संचार और सभ्यतागत प्रश्नों के अध्ययन में रुचि रखते हैं। करियर की शुरुआत प्रिंट माध्यम से करते हुए बीते करीब एक दशक से डिजिटल मीडिया में हैं। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में नेशनल, इंटरनेशनल डेस्क के इंचार्ज हैं। और पढ़ें
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