पूर्णिया में हाईलेवल बैठक कर अमित शाह दिल्ली रवाना, सीमांचल में तस्करी के खिलाफ बनी रणनीति
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का तीन दिवसीय बिहार दौरा शुक्रवार को खत्म हो गया। सीमांचल क्षेत्र के पूर्णिया में हाईलेवल बैठक करने के बाद शाह दोपहर बाद दिल्ली रवाना हो गए।

Purnea News: देश के गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को बिहार के पूर्णिया में उच्चस्तरीय बैठक की। बताया जा रहा है कि इस दौरान सीमांचल क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने की रणनीति बनाई गई। साथ ही, सीमावर्ती जिलों में आंतरिक सुरक्षा और घुसपैठ जैसे मुद्दों की भी समीक्षा की गई। बैठक के बाद शाह का तीन दिवसीय बिहार दौरा खत्म हो गया। गृह मंत्री शुक्रवार दोपहर बाद पूर्णिया से दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
पूर्णिया में यह बैठक करीब ढाई घंटे तक चली। इसमें केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय, बिहार के गृह मंत्री सम्राट चौधरी, राज्य के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, डीजीपी विनय कुमार के अलावा गृह विभाग, एसएसबी, नारकोटिक्स, आईबी समेत अन्य कई विभागों के उच्च अधिकारी मौजूद रहे।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 25 फरवरी को तीन दिवसीय बिहार के सीमांचल दौरे पर पहुंचे थे। पहले दिन उन्होंने किशनगंज जिले में विभिन्न कार्यक्रम और बैठक में हिस्सा लिया। 26 फरवरी को शाह ने अररिया जिले में सशस्त्र सीमा बल की दो सीमा चौकियों का उद्घाटन किया और 175 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शुभारंभ किया। उन्होंने सीमावर्ती जिलों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी की।
सीमांचल में घुसपैठ पर बनी रणनीति
नेपाल और बांग्लादेश की सीमा से सटे बिहार के सीमांचल में घुसपैठ पर भी अमित शाह के दौरे में अहम रणनीति बनाई गई। केंद्रीय गृह मंत्री ने गुरुवार को अररिया में ऐलान किया कि सीमांचल में घुसपैठ रोकने की योजना जल्द शुरू की जाएगी।
सीमांचल क्षेत्र में पूर्णिया, अररिया, किशनगंज और कटिहार जिले आते हैं। इसे भारत के लिए सुरक्षा की दृष्टि से अहम माने जाने वाले सिलीगुड़ी कॉरिडोर यानी चिकन नेक का प्रवेश द्वार कहा जाता है। किशनगंज जिले का कुछ हिस्सा भी चिकन नेक में आता है।
वहीं, सीमांचल से बांग्लादेश की सीमा भी बहुत नजदीक है। ऐसे में यहां बांग्लादेशी और रोहिंग्याओं द्वारा घुसपैठ के दावे लगातार किए जाते रहे हैं। सरकार का कहना है कि बीते कुछ सालों में हुए जनसांख्यिकी में बदलाव घुसपैठ की ओर इशारा करते हैं।
शाह के तीन दिवसीय दौरे में आंतरिक सुरक्षा, घुसपैठ और सीमा प्रबंधन जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से समीक्षा की गई। केंद्रीय गृह मंत्री ने सीमावर्ती जिलों में घुसपैठ रोकने, डेमोग्राफिक बदलाव, अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई और सुरक्षा के कड़े निर्देश दिए।
बॉर्डर के पास हटेंगे अतिक्रमण
गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार में नेपाल सीमा से सटे इलाकों में अतिक्रमण को हटाने का आदेश दिया है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि जरूरत पड़ने पर बुलडोजर ऐक्शन चलाया जाए। सीमा के 10 किलोमीटर अंदर तक किसी भी तरह का अतिक्रमण ना रहे।
लेखक के बारे में
Jayesh Jetawatजयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।
जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


