
बिहार कांग्रेस में टूट की अटकलों के बीच राहुल-खरगे ने ली बड़ी बैठक, जानिए क्या हुआ?
बिहार कांग्रेस में टूट की अटकलों के बीच दिल्ली में खरगे और राहुल गांधी की बैठक हुई। राहुल ने नेताओं से जिम्मेदारी लेने और जमीन पर मेहनत करने को कहा। संगठन मजबूत करने, प्रदेश कमेटी गठन और सीएलपी लीडर पर भी चर्चा हुई।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में नई दिल्ली में 10, राजाजी मार्ग पर शुक्रवार को बैठक हुई। बैठक में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी मौजूद रहे। राहुल गांधी ने सभी छह विधायकों से पहली बार मुलाकात की। अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने टूट की अफवाहों पर सवाल किए, जिसे विधायकों ने एक सुर में नकार दिया। इसके बाद संगठन को मजबूत करने पर चर्चा हुई। बैठक में जहां पार्टी में संगठन और विधायकों के बीच समन्वय के लिए एक समन्वय कमेटी के गठन पर सहमति बनी। यह भी सहमति बनी कि बिहार कांग्रेस के विधायक अपने दल नेता के नाम का चयन कर हाईकमान को बताएंगे।
बैठक में संगठन को मजबूत करने पर बल दिया गया। साथ ही आलाकमान ने पार्टी लाइन से अलग हटकर काम करने वाले और पार्टी नीति से अलग बयान देने वाले नेताओं पर सख्त कार्रवाई के संकेत भी दिये। शुक्रवार की बैठक को कांग्रेस के भीतर लंबे समय से जारी अंसतोष को खत्म करने की कवायद मानी जा रही है। हाल के दिनों में यह चर्चा थी कि विधायकों पर एनडीए की ओर से डोरे डाले जा रहे हैं। बैठक में केसी वेणुगोपाल, डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह, रंजीत रंजन, कन्हैया कुमार, राजेश राम, कृष्णा अल्लावरू, मदन मोहन झा के अलावा सांसद और सभी विधायक मौजूद रहे।
बैठक में नवनिर्वाचित विधायकों ने राजद-कांग्रेस के संबंधों को असहज और घातक बताया। सूत्रों की मानें तो ज्यादातर विधायक राजद के साथ गठबंधन के पक्ष में नहीं दिखे। हालांकि पार्टी के एक-दो पुराने नेता गठबंधन बनाए रखने के पक्ष में हैं। यहां उल्लेखनीय है कि विधायक दल के पूर्व नेता डॉ. शकील अहमद लंबे समय से राजद से संबंध विच्छेद करने की मांग करते रहे हैं।





