इंग्लिश टीचर से बैंक डकैत तक, अमन शुक्ला की हत्या की जांच करेगी SIT; पत्नी का मानसिक संतुलन बिगड़ा
Aman Shukla Murder Case: पुलिस की चार टीम बनाई गई है। दो टीम तकनीकी जांच और दो अपराधियों को दबोचने को छापेमारी कर रही है। घटना स्थल पर सीसीटीवी में शूटरों की तस्वीर कैद हुई है। बाइक का नंबर भी दिख रहा है।

Aman Shukla Murder Case: पटना के पत्रकार नगर इलाके में मारे गए अमन शुक्ला की पहचान भले ही पुलिस रिकॉर्ड में एक शातिर बैंक डकैत गिरोह के मास्टरमाइंड के रूप में दर्ज है, लेकिन अपराध की दुनिया में आने से पहले उसकी पहचान एक अंग्रेजी शिक्षक के रूप में थी। अनीसाबाद स्थित एक कोचिंग संस्थान में पढ़ाता था। वह मुजफ्फरपुर के एक बड़े कोचिंग संस्थान में एचओडी के पद पर भी कार्य कर चुका था। अमन शुक्ला सरमेरा (नालंदा) का मूल निवासी था।
पुलिस के अनुसार अमन 22 जून 2020 को दिनदहाड़े बेऊर के हरनीचक मोड़ स्थित पीएनबी में हुई 52 लाख की डकैती का मुख्य सरगना था। पुलिस ने गिरोह के सरगना अमन के अलावा हरिनारायण (समस्तीपुर), सोनेलाल (वैशाली), गणेश (बुद्धा कॉलोनी) व प्रफुल्ल (सीतामढ़ी) को गिरफ्तार किया था। इन्हें जक्कनपुर के बैंक कॉलोनी स्थित अमन के किराये के मकान से दबोचा गया था। इनसे लूट का 33 लाख रुपये, लूट की रकम से खरीदे गए गहने, तीन बाइक, पिस्टल आदि बरामद हुए थे।
हत्या की वजह लूट के 12 लाख रुपये तो नहीं?
जून 2020 में पीएनबी से 52 लाख लूट के मामले में पुलिस आरोपितों के पास से करीब 33 लाख रुपये और गहने इत्यादि बरामद किए थे। 12 लाख रुपये का अब तक अता-पता नहीं चला है। पुलिस अंदेशा जता रही है कि कहीं इसी 12 लाख के बंटवारा को लेकर अमन का अपने साथियों से विवाद तो नहीं चल रहा था। इधर, अमन शुक्ला हत्याकांड मामले में पुलिस ने एसआईटी गठित कर दी। अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पत्रकार नगर, कंकड़बाग और चित्रगुप्त नगर नगर थानेदार को लगाया गया है।
इसमें डीआईयू की टीम को भी शामिल किया गया है। मौके से डंप डाटा भी खंगाला गया। पुलिस की चार टीम बनाई गई है। दो टीम तकनीकी जांच और दो अपराधियों को दबोचने को छापेमारी कर रही है। घटना स्थल पर सीसीटीवी में शूटरों की तस्वीर कैद हुई है। बाइक का नंबर भी दिख रहा है।
घटना के बाद इलाके में फैली दहशत
कंकड़बाग के जिस विद्यापुरी पार्क के पास घटना हुई वहां डायगोस्टिक सेंटर सहित अन्य कार्यालय मौजूद हैं। शाम के वक्त आसपास काफी चहलकदमी थी। गोली की आवाज सुनते ही इलाके के लोगों में दहशत फैल गई। लोगों ने कार्यालय बंद करने शुरू कर दिए। अपराधी घटना को अंजाम देकर आराम से फरार हो गए। घटना पुलिस की मुस्तैदी पर भी सवाल खड़े कर रही है।
पांच साल बाद मई 2025 में छूटा था जेल से
बैंक डकैती मामले में 2020 में जेल गया अमन करीब पांच वर्ष बाद मई 2025 में बाहर आया था। इसके बाद अपनी पहचान बदलकर सामान्य जीवन जी रहा था। पुलिस मान रही है कि उसका आपराधिक अतीत ही उसकी मौत की वजह बनी। वहीं आंखों के सामने पति की मौत के बाद अमन की पत्नी पूजा ने मासिक संतुलन खो दिया। घटना के बाद नौ वर्षीय बेटा पापा-पापा कहकर रोता रहा।





