बिहार के सारे कांग्रेस विधायक एक बोलेरो में आ जाएंगे; BJP सांसद का संसद में राहुल गांधी पर तंज
भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष जब बिहार घूमने जाएंगे तो कांग्रेस के सारे विधायक एक बोलेरो गाड़ी में ही आ जाएंगे। इनकी बिहार में अब इतनी ही हैसियत है।

बिहार के पश्चिम चंपारण से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद संजय जायसवाल ने लोकसभा में विपक्ष पार्टी कांग्रेस पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अगली बार बिहार घूमने जाएंगे तो बिहार में कांग्रेस के सभी विधायक एक बोलेरो गाड़ी में ही आ जाएंगे। उन्हें ज्यादा गाड़ी की जरूरत नहीं पड़ेगी। जायसवाल ने कहा कि कांग्रेस की बिहार में यही हैसियत रह गई है।
संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान मंगलवार को लोकसभा में चुनाव सुधार पर चर्चा करते हुए भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने विपक्ष पर करारा हमला बोला। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बीते 3 महीने से खुद को वोट चोरी तक सीमित रखे हुए हैं। बिहार के विधानसभा चुनाव में उन्हें इतनी बड़ी हार मिली, लेकिन ये सुधरने वाले नहीं हैं।
उन्होंने कहा, “बिहार चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने 20 साल के एनडीए शासन काल का कोई भी मुद्दा नहीं उठाया। वह सिर्फ वोट चोरी और एसआईआर करते रह गए। जनता को पता ही नहीं कि वोट चोरी किसकी हुई। 99.8 प्रतिशत घरों में बीएलओ मतदाताओं के घर गए और उनका फॉर्म भरा गया। विभिन्न राजनीतिक दलों के बीएलए ने बीएलओ की मदद की। कांग्रेस ने भी अपने कार्यकर्ता बीएलए बनाकर भेजे, फिर भी वोट चोरी कह रहे हैं।”
जायसवाल ने आरोप लगाया कि सबसे पहले वोट चोरी 1947 में हुई थी, जब पूरी कांग्रेस कमिटी सरदार पटेल के पक्ष में थी, लेकिन जवाहरलाल नेहरू प्रधानमंत्री बन गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में बूथ कैप्चरिंग की शुरुआत भी कांग्रेस ने ही 1957 में बेगूसराय से की थी।
जायसवाल ने दावा किया कि 1985 में बिहार के चुनाव में 63 हत्याएं हुई थीं। 1990 में 87 मर्डर हुए थे। 2025 का जब चुनाव हुआ तो हत्या या हिंसा तो छोड़िए, एक भी बूथ पर दोबारा मतदान तक नहीं हुआ।
एसआईआर के बाद 35 लाख लोग कहां गए?
भाजपा सांसद ने सदन में बोलते हुए कहा कि बिहार में इस साल एसआईआर हुआ, जिसमें 35 लाख लोगों ने फॉर्म 6 नहीं भरा। हो सकता है कि वे बिहार से बाहर चले गए हों, या यह भी हो सकता है वो बांग्लादेशी और रोहिंग्या हों इसलिए उन्होंने फॉर्म नहीं भरा। उन्होंने कहा, “यही चीज कांग्रेस को पीड़ा देती है। यह देश हिंदू, मुसलमान, सिख, ईसाई, सबका है लेकिन यह बांग्लादेशी और रोहिंग्या का नहीं है। बिहार तो हमारा हो गया, अब बंगाल की बारी है।”
लेखक के बारे में
Jayesh Jetawatजयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।
जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


