Bihar weather: मुजफ्फरपुर से आगे बढ़ा मानसून, दरभंगा-वैशाली समेत 11 जिलों में आंधी का अलर्ट; मौसम का हाल
Bihar weather: बिहार के कई जिलों में मंगलवार को भी गर्मी का असर रहेगा। मौसम विभाग ने दरभंगा, वैशाली समेत 11 जिलों में आंधी का अलर्ट जारी किया है। मौसमविदों का मानना है कि अब तक राज्य के 18 जिलों में 50 प्रतिशत बारिश कम हुई है। अच्छी बात यह है कि मानसून अब मुजफ्फरपुर से आगे बढ़ा है।

बिहार में अभी गर्मी का प्रकोप खत्म नहीं हुआ है। राज्य के कई जिलों में अभी भी लोगों को सुबह से ही गर्मी का अहसास हो रहा है। हालांकि, दस दिनों तक मुजफ्फरपुर जिले में ठिठकने के बाद मानसून बिहार के पांच जिलों में आगे बढ़ा है। पटना, गयाजी, जमुई, शेखपुरा और नवादा में इसका सोमवार को असर भी देखने को मिला है। हालांकि, पटना जिले के कुछ ही हिस्सों में इसका प्रसार हो सका है। मानक के हिसाब से यह गयाजी और पटना में एक हफ्ते की देरी से पहुंचा है। रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात पटना में झमाझम बारिश हुई है। मंगलवार को 11 जिलों में आंधी और मेघ गर्जन का अलर्ट है। इनमें खगड़िया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, वैशाली और जमुई समेत कुछ अन्य जिले शामिल हैं।
दरअसल बिहार में अल नीनो का आरंभिक असर दिखने लगा है। मानसून का करंट 27 जिलों में विस्तार पाकर भी स्वाभाविक रूप से नहीं बरस रहा है। सूबे के 36 जिलों में बारिश की कमी बनी हुई है। 18 जिलों में तो 50% या इससे भी ज्यादा कमी है। बारिश की सर्वाधिक कमी पटना जिले में दर्ज की गई है। यहां 22 जून तक 72.7 मिमी बारिश होनी थी, लेकिन मात्र 12.3 मिमी हुई है। यानी कुल 83% की कमी है।
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक राज्यभर में मानक से अबतक 42 % कम बारिश हुई है। मानसून अवधि में 22 जून तक 94.4 मिमी बारिश होनी थी, लेकिन मात्र 54.4% हुई है। मानसून के तेवर के गड़बड़ होने से जहां यह पहुंच गया है, वहां भी बारिश की भारी किल्लत बनी हुई है। सुपौल और किशनगंज में ही सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है।
सीमांचल के अन्य जिले भी बारिश की कमी से जूझ रहे हैं। किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें हैं।मौसम विज्ञान केंद्र पटना के निदेशक आशीष कुमार ने कहा कि मानसून की स्थिति कुछ बेहतर होगी। यह दस दिनों के बाद राज्य के कुछ जिलो में प्रसार पा सका है। आशा है अब बारिश की गतिविधियां पहले से बेहतर रहेंगी। बारिश के आंकड़ों में सुधार की उम्मीद है। जून के अंतिम हफ्ते में राज्य में बारिश की गतिविधियां बढ़ने वाली है।
राज्य में मानसून की बारिश को बंगाल की खाड़ी से बल मिलता है। मानसून अवधि में अल नीनो का आरंभिक असर दिखने लगा है। यह मौसम के पूर्वानुमान की अनिश्चितता बढ़ाएगा। लेकिन जून में बारिश की कमी के बावजूद जुलाई में बेहतरी के आसार हैं। इसलिए बिहार में सूखे के आसार बेहद कम हैं।
पटना और गयाजी की भी स्थिति खराब
पटना में 83%, बांका में 80%, औरंगाबाद में 57% , गोपालगंज में 73%, नालंदा में 71%, सहरसा में 71%, समस्तीपुर में 72%, सारण और शेखपुरा में 69%, मुजफ्फरपुर में 67%, वैशाली में 66%, भागलपुर में 64%, गया में 65%, मधेपुरा में 57% , जहानाबाद में 54% , खगड़िया में 51%, मुंगेर और जमुई में 50% बारिश की कमी है।
30 से 50 प्रतिशत बारिश की कमी वाले जिले
रोहतास 39, सीवान 38, पूर्णिया 40, पूर्वी चंपारण 44, दरभंगा 46, बक्सर 40, भोजपुर 45, भभुआ 37, बेगूसराय 42, पश्चिमी चंपारण में 47 प्रतिशत, शिवहर 40% और अरवल में 35 प्रतिशत बारिश की कमी है।


