
शराब, सेक्स और मर्डर; चेन्नई में बिहारी परिवार के बर्बर हत्याकांड की सनसनीखेज कहानी
तमिलनाडु के चेन्नई में बिहार के शेखपुरा के रहने वाले पति, पत्नी और मासूम बच्चे की बर्बर तरीके से हत्या कर दी गई। इस केस में शराब और जबरन सेक्स का एंगल सामने आया है। पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें अधिकतर बिहार के ही हैं।
तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में रोजी-रोटी कमाने बिहार से गए एक परिवार के बर्बर हत्याकांड ने सभी को झकझोर कर रख दिया। इस जघन्य वारदात को सुनकर हर कोई सन्न रह गया। चौंकाने वाली बात यह है कि ट्रिपल मर्डर केस में शराब और सेक्स का एंगल सामने आया है। परदेस में अपने ही अपनों के कातिल बन गए। दरअसल, इस हत्याकांड को अंजाम देने वाले आरोपी भी बिहार के ही रहने वाले हैं। पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनसे पूछताछ की जा रही है।
शेखपुरा के पथलाफार गांव निवासी 28 साल के गौरव यादव, पत्नी मोनी कुमारी और डेढ़ साल के बेटे गुड्डू की चेन्नई के अडियाल में हत्या कर दी गई। गौरव और गुड्डू की लाश को आरोपियों ने टुकड़े-टुकड़े कर कचरे के ढेर में फेंक दिया। वहीं, मोनी कुमारी का शव अभी तक पुलिस को नहीं मिल पाया है। वारदात एक सप्ताह पहले की है।
इस हत्याकांड में चेन्नई पुलिस ने नालंदा जिले के बहुआरा गांव निवासी उपेंद्र यादव समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। मृतक गौरव के पिता सुलेंद्र यादव ने बताया कि उपेंद्र ही उनके बेटे को चेन्नई लेकर गया था। बताया जा रहा है कि गौरव चेन्नई के श्रीपेरंबदुर में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता था। बीच में वह गांव लौट आया था। हाल ही में वापस काम की तलाश में परिवार के साथ चेन्नई गया था।
शराब पार्टी के बाद जबरन सेक्स की कोशिश
गौरव चेन्नई में अपनी पत्नी और बेटे के साथ किसी परिचित के यहां रुका हुआ था। 25 जनवरी की रात गौरव ने उपेंद्र और उसके साथियों के साथ बैठकर शराब पी थी। उसके साथी भी बिहार के ही रहने वाले हैं और चेन्नई में मजदूरी कर रहे थे। बताया जा रहा है कि शराब पार्टी के दौरान ही उपेंद्र और उसके साथियों की नीयत बिगड़ गई थी। वे गौरव की पत्नी मोनी कुमारी के साथ जबरन सेक्स की कोशिश करने लगे।
जब गौरव ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने उस पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। गौरव की मौके पर ही मौत हो गई। उसकी हत्या का कहीं राज ना खुल जाए, इस डर में आरोपियों ने वहां मौजूद गौरव की पत्नी मोनी और उसके मासूम बेटे को भी बेरहमी से मार डाला। फिर शवों के टुकड़े कर उन्हें अलग-अलग जगह ठिकाने लगा दिया।

ऐसे खुला हत्याकांड का राज
26 जनवरी को जब पूरा देश गणतंत्र दिवस मना रहा था, तभी चेन्नई के पॉश इलाके अडियाल में सड़क किनारे बोरे में एक युवक की लाश मिली। इसकी पहचान गौरव यादव के रूप में हुई। पुलिस ने इस केस की जांच शुरू की। जांच की सुई उपेंद्र यादव और उसके साथियों पर जाकर टिक गई। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की तो आरोपियों ने अपराध स्वीकार कर लिया।
कूड़े के ढेर में खोजी जा रही मोनी की लाश
उनकी निशानदेही पर 28 जनवरी को पुलिस ने चेन्नई के मध्य कैलाश इलाके के पास बकिंघम नहर से बच्चे का शव बरामद किया। फिलहाल मोनी कुमारी की लाश की तलाश की जा रही है। इसके लिए चेन्नई पुलिस ने सर्च अभियान चलाया हुआ है। आरोपियों द्वारा उसके शव को इंदिरा नगर एमआरटीएस स्टेशन के पास कूड़े के ढेर में फेंके जाने की आशंका जताई जा रही है।
3 साल पहले हुई थी शादी, गांव में मातम
चेन्नई में हुए इस हत्याकांड के बाद शेखपुरा के सदर थाना क्षेत्र स्थित पथलाफार गांव में मातम छाया हुआ है। बुधवार देर रात जब गौरव और गुड्डू के शव गांव पहुंचे तो अधिकांश घरों में चूल्हे नहीं जले। परिजन के अनुसार गौरव और मोनी की शादी 3 साल पहले हुई थी। गांव में काम नहीं मिलने से परिवार का गुजारा नहीं चल पा रहा था, इसलिए आरोपी उपेंद्र के कहने पर गौरव एक साल पहले चेन्नई कमाने गया था।
(हिन्दुस्तान अखबार और एजेंसी के इनपुट के साथ)





