
AIG प्रशांत कुमार को राहत, भ्रष्टाचार के खिलाफ दर्ज केस हाईकोर्ट में रद्द; SC जाएगी एसवीयू
भ्रष्ट अधिकारियों पर हुई प्राथमिकी को उच्च न्यायालय के स्तर पर रद्द किए जाने का दस दिन के अंदर यह दूसरा मामला है। इसके पूर्व बिहार प्रशासनिक सेवा की अधिकारी श्वेता मिश्रा के विरुद्ध दर्ज प्राथमिकी को भी उच्च न्यायालय ने 05 दिसंबर 2025 को रद्द कर दिया था।
पटना उच्च न्यायालय के न्यायाधीश पुर्णेंदु सिंह की अदालत ने तिरहुत प्रमंडल मुजफ्फरपुर के तत्कालीन सहायक निबंधन महानिरीक्षक (एआईजी) प्रशांत कुमार के विरुद्ध दर्ज प्राथमिकी को निरस्त कर दिया है। एसवीयू (विशेष निगरानी इकाई) ने उच्च न्यायालय द्वारा पारित इस न्यायादेश पर असंतोष व्यक्त करते हुए सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर करने का निर्णय लिया है।
भ्रष्ट अधिकारियों पर हुई प्राथमिकी को उच्च न्यायालय के स्तर पर रद्द किए जाने का दस दिन के अंदर यह दूसरा मामला है। इसके पूर्व बिहार प्रशासनिक सेवा की अधिकारी श्वेता मिश्रा के विरुद्ध दर्ज प्राथमिकी को भी उच्च न्यायालय ने 05 दिसंबर 2025 को रद्द कर दिया था। एसवीयू से मिली जानकारी के मुताबिक एआईजी प्रशांत कुमार के खिलाफ एसवीयू ने नवंबर 2022 में भ्रष्टाचार के आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की थी। उनके पास आय से 2.03 करोड़ अधिक संपत्ति होने की जानकारी मिली थी।
एसवीयू ने बताया कि प्रशांत कुमार के विरुद्ध दर्ज प्राथमिकी के आलोक में जांच एवं अनुसंधान चल रहा है। पाये गये चल एवं अचल संपत्ति के स्रोत के संबंध में अनुसंधान तार्किक अवस्था में है। इस बीच 08 दिसंबर 2025 को प्राथमिकी रद्द किया जाना असंतोषजनक है। एजेंसी पारित दोनों आदेश के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर करेगी।





