बिहार में बिजली है भरपूर फिर भी शहर-शहर क्यों हो रही बत्ती गुल, हर रोज 40 हजार शिकायतें आ रहीं
बिहार में बिजली की कोई किल्लत नहीं है बावजदू इसके कई जिलों में बिजली संकट से हाहाकार मचा हुआआ है। कोसी, सीमांचल और पूर्वी बिहार के अधिकांश जिलों में तीन से चार घंटे तक बिजली कटौती हो रही है।

बिहार में बिजली की पर्याप्त उपलब्धता होने के बावजूद आंधी-बारिश और स्थानीय गड़बड़ी से लोग कटौती झेल रहे हैं। पटना सहित राज्य के जिलों में औसतन दो से छह घंटे तक बिजली गुल हो रही है। बताया जा रहा है कि स्थानीय फॉल्ट से बिजली की पर्याप्त उपलब्धता के बावजूद लोग उमस भरी गर्मी में रहने को मजबूर हैं। बिजली कट की शिकायत के बाद भी छोटी तकनीकी खराबियों को दूर करने में घंटों लग जा रहे हैं। खासकर तार टूटने और ट्रांसफार्मर जलने के कारण एक से दो दिन तक आपूर्ति बाधित हो रही है। हालांकि बिजली कंपनी का दावा है कि निर्बाध रूप से आपूर्ति की जा रही है। शहरी इलाके में 23-24 घंटे तो ग्रामीण इलाकों में 22 घंटे तक बिजली दी जा रही है।
गौरतलब है कि इस साल 4 जुलाई को पीक आवर में 9 हजार 155 मेगावाट अधिकतम आपूर्ति हुई है। बिजली विभाग का यह भी दावा है कि 10 हजार मेगावाट से अधिक मांग होने पर भी आपूर्ति में कोई परेशानी नहीं है। आंधी के कारण तार टूटने और ट्रांसफार्मर जलने से भले थोड़ी परेशानी हो रही है। बिजली कंपनियों ने यह भी दावा किया है कि सीएम के निर्देश के बाद किसानों को धान रोपनी के लिए डेडिकेटेड फीडर से दिन में 12 घंटे तक आपूर्ति दी जा रही है।
उत्तर बिहार में भी उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ी
उत्तर बिहार में भी उपभोक्ता परेशान हैं। पश्चिम चंपारण के बेतिया और बगहा में औसतन 18 से 20 घंटे, सीतामढ़ी में शहरी क्षेत्रों को 17 से 18 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों को 16 से 17 घंटे बिजली मिल रही है। पूर्वी चंपारण के मोतिहारी, मधुबनी और समस्तीपुर में 33 केवी व 11 केवी लाइनों में फॉल्ट, लो वोल्टेज और बढ़ते लोड के कारण बार-बार आपूर्ति बाधित हो रही है।
कोसी, सीमांचल और पूर्वी बिहार का हाल
कोसी, सीमांचल और पूर्वी बिहार के अधिकांश जिलों में तीन से चार घंटे तक बिजली कटौती हो रही है। सुपौल, पूर्णिया, बांका और दरभंगा में बारिश व तेज हवा से फॉल्ट बढ़ रहे हैं। सहरसा में फ्यूज उड़ने, मधेपुरा में लोकल फॉल्ट से बिजली कट रही है। जमुई में बार-बार ट्रिपिंग, लखीसराय में पेड़ों के संपर्क से तार टूटने और शॉर्ट सर्किट, मुंगेर में लगातार कटौती, खगड़िया में दो से तीन घंटे की बाधा तथा भागलपुर के पीरपैंती, सुल्तानगंज, नाथनगर और अलीगंज के कई फीडरों में मेंटेनेंस के कारण तीन से चार घंटे तक बिजली कट रही है।
गोपालगंज में पांच घंटे तो बक्सर शहरी क्षेत्र में दो घंटे कटौती
गोपालगंज में बारिश से उपकरण खराब होने पर पांच से छह घंटे, जबकि सारण में प्रतिदिन औसतन तीन घंटे बिजली बाधित रह रही है। स्थानीय फॉल्ट के कारण नवादा, नालंदा और रोहतास में एक से ढाई घंटे तक आपूर्ति प्रभावित हो रही है। वैशाली में रोजाना ढाई से तीन घंटे कटौती होती है। गया जी में पिछले कुछ दिनों से चार से पांच घंटे, बेगूसराय में शहरी क्षेत्रों में दो घंटे और ग्रामीण इलाकों में करीब चार घंटे, तथा सीवान में तीन से पांच घंटे बिजली कट रही है। बक्सर के शहरी क्षेत्रों में दो और ग्रामीण इलाकों में चार घंटे कटौती हो रही है।
रोजाना 40 हजार शिकायतें आ रही हैं
राज्यभर से बिजली विभाग के कॉल सेंटर पर रोजाना औसतन 30 से 40 हजार कॉल आ रही हैं। इनमें लगभग 9 हजार शिकायतें बिजली कटने, फ्यूज कॉल और ट्रांसफार्मर जलने की होती हैं। फीडर ओवरलोड होने से फ्यूज कॉल की संख्या बढ़ रही हैं। फ्यूज कॉल मरम्मत के कारण भी तीन-चार घंटे तक आपूर्ति बाधित होती है।


