भारत में इबोला की एंट्री! बिहार के सभी जिलों में क्वारंटीन सेंटर, पीपीई किट रखने का आदेश

हिन्दुस्तान, प्रमुख संवाददाता, मुजफ्फरपुर
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Ebola virus: इबोला वायरस के कहर को देखते हुए भारत भी पूरी तरह से अलर्ट हो गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने इस सिलसिले में अधिकारियों के साथ बैठक भी की है। भारत सरकार ने नागरिकों को अनावश्यक यात्रा ना करने की सलाह दी है।

Ebola virus

Ebola virus: कोरोना से भी अधिक खतरनाक माने जाने वाले इबोला वायरस की भारत में एंट्री की आशंका से हड़कंप मचा हुआ है। अफ्रीकी देशों में इबोला वायरस ने पहले ही तबाही मचा रखी है। न्यूज रिपोर्ट्स के मुताबिक, युगांडा से भारत आई एक महिला में इबोला वायरस जैसे लक्षण नजर आए हैं। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने बताया है कि इबोला जैसे लक्षण नजर आने के बाद महिला को मेडिकल फैसिलिटी में क्वारंटीन किया गया है। बता दें कि इबोला वायरस से मृत्यु दर कोराना वायरस की तुलना में कहीं ज्यादा है। दक्षिणी सूडान, युगांडा और रिपब्लिक ऑफ कांगो जैसे देशों में इबोला से 200 से ज्यादा लोगों की मौत भी हो चुकी है।

इबोला वायरस के कहर को देखते हुए भारत भी पूरी तरह से अलर्ट हो गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने इस सिलसिले में अधिकारियों के साथ बैठक भी की है। भारत सरकार ने नागरिकों को अनावश्यक यात्रा ना करने की सलाह दी है। अस्पतालों को भी तैयार रहने के लिए कहा गया है। इसी कड़ी में बिहार में इबोला वायरस को लेकर सभी जिलों में क्वारंटीन सेंटर बनाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों को इसका निर्देश दिया है।

मुजफ्फरपुर में यह सेंटर पारू सीएचसी में बनेगा। सेंटर 10 बेड का होगा। मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉ. महेश प्रसाद ने बताया कि एसकेएमसीएच में चार बेड का क्वारंटीन सेंटर बना दिया गया है। मेडिकल कॉलेज के उपाधीक्षक डॉ. सतीश कुमार सिंह ने बताया कि राज्य स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों को क्वारंटीन सेंटर बनाने के साथ ही एक नोडल अफसर तय करने का निर्देश दिया है।

जिले का नोडल पारू के सीएचसी प्रभारी को बनाया गया है। मेडिकल कॉलेज भी अपने यहां नोडल अफसर बनाने जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों को निर्देश दिया है कि इबोला वायरस के लक्षण वाले मरीजों का सैंपल आईसीएमआर के पुणे लैब में भेजा जाए। केस बढ़ते हैं तो आईसीएमआर की दूसरी शाखाओं में भी सैंपल भेजे जाएंगे। मंत्रालय ने विदेश से आने वाले यात्रियों पर पूरी नजर और जांच करने का निर्देश दिया है।

अस्पतालों में फिर आएगी पीपीई किट

इबोला वायरस को लेकर भी अस्पतालों में पीपीई किट भेजी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों में किट रखने का निर्देश दिया है। इबोला के मरीजों की देखरेख और इलाज कैसे करना है, इसके लिए स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग सभी जिलों में रैपिड रिस्पांस टीम भी गठित करने जा रहा है।

नेपाल सीमा से सटे जिलों में होगी विशेष चौकसी

इबोला वायरस को लेकर राज्य स्वास्थ्य विभाग ने दिशा निर्देश भी जारी कर दिया गया है। राज्य सरकार ने नेपाल सीमा से सटे जिलों पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, अररिया, सुपौल और किशनगंज में विशेष चौकसी बरतने का निर्देश है। इसके अलावा दरभंगा, गया और पटना एयरपोर्ट पर भी विशेष निगरानी का निर्देश जारी किया है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी की गाइडलाइन

इबोला वायरस को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय ने सभी राज्यों को गाइडलाइन भेजी है। मंत्रालय ने कहा है कि अपने अस्पतालों को पूरी तरह से तैयार कर लें। किसी मरीज में इबोला के लक्षण जैसे बुखार, कमजोरी, मांसेपशियों में दर्द, सिर दर्द, गले में संक्रमण, उल्टी, पेट दर्द, आंखों में लालीपन दिखाई दे, तो इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग के आईडीएसपी को तुरंत दी जाए। इबोला के लक्षण वाले मरीजों के लिए अलग एंबुलेंस की व्यवस्था रखने का भी निर्देश दिया है।

Nishant Nandan

लेखक के बारे में

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एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे निशांत नंदन डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले इलेक्ट्रॉनिक/प्रसारण मीडिया में लंबे समय तक काम कर चुके हैं। निशांत ने अपने करियर की शुरुआत ETV बिहार से की थी। इसके बाद वो मौर्य न्यूज, आर्यन न्यूज, न्यूज वर्ल्ड इंडिया जैसे संस्थानों में अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। साल 2018 में इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के साथ डिजिटल पत्रकारिता का सफर शुरू करने के बाद निशांत साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। निशांत मूल रूप से बिहार के भोजपुर जिले के रहने वाले हैं। आरा में शुरुआती शिक्षा के बाद इन्होंने नालंदा मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। और पढ़ें
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